अमेरिका के मासुचूसट्स के एक अस्पताल में एक ही फ्लोर पर काम करने वाली कम से कम 10 नर्सों को ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) हो गया है। न्यूटन वेलेसली अस्पताल में 1 अप्रैल को जब एक ही फ्लोर पर काम करने वाली कम से कम 11 नर्सों का इंटरव्यू लिया गया तो कई बातें सामने आईं। पांचवीं मंजिल पर मैटरनिटी केयर सेंटर चलता है।
पता चला कि इस फ्लोर पर काम करने वाली पांच नर्सों को ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) हो गया है। इससे पहले भी 6 नर्सों को ब्रेन ट्यूमर हुआ था। हाल ही में एक नर्स को ब्रेन ट्यूमर हुआ है। उसने कहा कि पहले भी कई नर्सों के साथ यह दिक्कत हो चुकी है। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पहले भी कई नर्स ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी करवा चुकी हैं। उन्हें अस्पताल की तरफ से ज्यादा मदद भी नहीं दी जाती है।
एक नर्स ने कहा कि अस्पताल का प्रशासन इस बात पर गौर नहीं कर रहा है और कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। यह चिंता की बात है कि यहां के स्टाफ में ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) के मामले बढ़ रहे हैं। यह केवल संयोग नहीं हो सकता है। इसके पीछे की वजह पता लगाना जरूरी हो गया है। सीडीसी की गाइडलाइन्स का पालने करते हुए अस्पताल ने रेडिएशन और आसपास के माहौल की जांच करवाई। इसके बाद अस्पताल ने कहा कि यहां के पर्यावरण में किसी तरह की दिक्कत नहीं है जिससे कि ब्रेन ट्यूमर हो जाए।
जानकारों का कहना है कि रेडिएशन के आयनाइजेशन की वजह से इस तरह के ट्यूमर हो सकते हैं। लेकिन गौर करने वाली बात यह भी है कि अगर इस तरह का रेडिएशन होता है तो पूरे शरीर को प्रभावित करता है। कई तरह के कैंसर हो सकते हैं। यह केवल ब्रेन को प्रभावित नहीं करता। अगर रेडिएशन सीधा सिर पर लगता है तो ब्रेन ट्यूमर का ही खतरा रहता है। अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि पांचवीं मंजिल पर किसी तरह का अतिरिक्त रेडिएशन नहीं हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के पीने के पानी की भी नियमित जांच होती है। अस्पताल ने कहा कि लंबे समय तक मास्क पहनने से भी ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) होने का कोई खतरा अब तक पता नहीं चला है।