• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

तनाव बढ़ती उम्र में याददाश्त को पहुंचा सकता है नुकसान

Desk by Desk
04/05/2026
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, स्वास्थ्य
0
Stress causes memory loss
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

वॉशिंगटन डीसी: एक नए अध्ययन में पाया गया है कि अंदर ही अंदर दबाया गया तनाव (Stress) —खासतौर पर निराशा की भावनाएं—बढ़ती उम्र में याददाश्त के तेजी से कमजोर होने का कारण बन सकता है। यह शोध Rutgers Health के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है और इसे The Journal of Prevention of Alzheimer’s Disease में प्रकाशित किया गया है।

शोध में विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के चीनी-अमेरिकी लोगों पर ध्यान दिया गया, क्योंकि इस समूह पर पहले कम अध्ययन हुआ है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अपने तनाव और भावनाओं को व्यक्त करने के बजाय भीतर दबाकर रखते हैं, उनमें समय के साथ याददाश्त में गिरावट अधिक देखी गई।

अध्ययन की प्रमुख शोधकर्ता Michelle Chen ने कहा कि एशियाई-अमेरिकी समुदाय में “मॉडल माइनॉरिटी” जैसी सांस्कृतिक धारणाएं लोगों पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, जिससे उनकी भावनात्मक समस्याएं अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। भाषा की बाधाएं और सांस्कृतिक अंतर भी तनाव को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं।

यह अध्ययन Population Study of Chinese Elderly (PINE) के डेटा पर आधारित है, जिसमें 2011 से 2017 के बीच शिकागो क्षेत्र में रहने वाले 1,500 से अधिक बुजुर्गों के इंटरव्यू शामिल किए गए।

शोध में तीन प्रमुख कारकों का विश्लेषण किया गया—अंदरूनी तनाव (internalised stress), सामुदायिक सहयोग और बाहरी तनाव से राहत। इनमें से केवल अंदरूनी तनाव का ही याददाश्त में गिरावट से मजबूत संबंध पाया गया, जबकि अन्य कारकों का खास प्रभाव नहीं दिखा।

विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि इस प्रकार का तनाव नियंत्रित किया जा सकता है, इसलिए सही और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील उपाय अपनाकर बुजुर्गों की मानसिक और संज्ञानात्मक सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है।

Tags: AgingAlzheimer’sCognitive DeclineMemory Lossmental healthResearchRutgers Healthstressअल्जाइमरतनावबुजुर्ग स्वास्थ्यमानसिक स्वास्थ्ययाददाश्तरटगर्स हेल्थशोधसंज्ञानात्मक गिरावट
Previous Post

Tamil Nadu Elections 2026 : TVK की बढ़त पर फिल्मी सितारों ने Vijay को दी बधाई

Next Post

‘इकाई’ में Raghav Juyal और Komal Pawaskar की नई जोड़ी बनी फिल्म की सबसे बड़ी खासियत

Desk

Desk

Related Posts

Keshav Prasad Maurya paid tribute to PC Joshi
Main Slider

केशव प्रसाद मौर्य ने स्वर्गीय पी.सी. जोशी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

05/05/2026
Swearing-in of new government in Bengal on May 9
Main Slider

बंगाल में शपथ की तारीख तय, मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बरकरार

05/05/2026
Nuh Road Accident
Main Slider

नूंह में भीषण सड़क हादसा, यूपी पुलिस के 4 सिपाही समेत 5 की मौत

05/05/2026
Samrat Chaudhary
Main Slider

सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का 7 मई को होगा विस्तार, पीएम मोदी भी रहेंगे मौजूद

05/05/2026
CM Yogi
Main Slider

मत करें चिंता, हर समस्या का कराएंगे समाधान: मुख्यमंत्री योगी

05/05/2026
Next Post
Raghav Juyal Komal Pawaskar

‘इकाई’ में Raghav Juyal और Komal Pawaskar की नई जोड़ी बनी फिल्म की सबसे बड़ी खासियत

यह भी पढ़ें

MLC AK Sharma

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दी प्रदेशवासियों को भारतीय नव संवत्सर व चैत्र नवरात्रि की हार्दिक बधाई

01/04/2022
zarafyab jilani

सर्जरी के बाद जफरयाब जिलानी की तबीयत बिगड़ी, हालत गंभीर

21/05/2021
indo-nepal border

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से 48 घंटे पहले सील होगी नेपाल सीमा

12/04/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version