• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

डाएबटीज जैसी बिमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए कोरोना है ज्यादा खतरनाक

Writer D by Writer D
02/07/2021
in Main Slider, फैशन/शैली, शिक्षा, स्वास्थ्य
0
diabetes control tips

टाइप 1 मधुमेह के लक्षण

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

स्वास्थ्य डेस्क.  भारत में कोरोना वायरस की चपेट में अब तक 79 लाख से ज्यादा लोग आ चुके हैं. ऐसे में डाएबटीज(मधुमेह) जैसी बिमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए काफी चिंता की खबर आई है. वैज्ञानिकों द्वारा की गयी एक रिसर्च से पता चला है कि भारत की तरह दूसरे देशों में मधुमेह जैसे रोगों से प्रभावित लोगों में कोरोना से संक्रमित होने और मरने का खतरा ज्यादा है.

महाराष्ट्र : उपमुख्यमंत्री अजीत पवार हुए कोरोना पॉजिटिव, ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती

‘फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, मधुमेह जैसे गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) वाले मरीजों पर कोविड-19 के प्रभाव का आकलन किया गया।

इसमें पता चला कि उनके लिए इस महामारी से ज्यादा खतरनाक समय पहले कभी नहीं रहा। उनके संक्रमित होने और इससे मृत्यु होने का अधिक खतरा है। कर्नाटक में मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन की श्रद्धा एस पारसेकर सहित अन्य अनुसंधानकर्ता इस अध्ययन में शामिल थे।

अध्ययन में कहा गया कि कोरोना के चलते आवश्यक जन स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं हैं, जिस पर एनसीडी से प्रभावित लोग अपनी स्थिति का प्रबंधन करने के लिए निर्भर रहते हैं। वैज्ञानिकों ने अध्ययन में ब्राजील, भारत, बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और नाइजीरिया जैसे निम्न और मध्यम आय वाले देशों में एनसीडी वाले लोगों पर कोविड-19 के सहक्रियात्मक प्रभाव को लेकर लगभग 50 अध्ययनों की समीक्षा की।

अध्ययन का नेतृत्व ऑस्ट्रेलिया स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के प्रमुख उदय यादव ने किया। उन्होंने कहा कि एनसीडी और कोरोना के बीच परस्पर प्रभाव का अध्ययन करना महत्वपूर्ण था, क्योंकि वैश्विक आंकड़ों से पता चला है कि कोरोना से संबंधित मौतें एनसीडी से प्रभावित लोगों में असमान रूप से अधिक थीं।

Tags: 24ghanteonline.comCorona AntibodyCorona infectedCorona Infection May OccurCoronavirusDiabetesSero Survey
Previous Post

इन टिप्स से बच्चों को सिखाएं भोजन का सम्मान करना

Next Post

प्रदूषण की वजह से बढ़ सकती हैं स्किन प्रॉब्लम्ज़

Writer D

Writer D

Related Posts

Business

SBI के 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक, बैंक ने दी सफाई

21/10/2026
Main Slider

यूपी MLC चुनाव में आज थमेगा प्रचार, 11 सीटों पर दिग्गजों की साख दांव पर

21/10/2026
Main Slider

​पहले मानवता, फिर परंपरा: एंबुलेंस के लिए सीएम योगी ने रुकवाई विजयादशमी शोभायात्रा

21/10/2026
फैशन/शैली

लिविंग रूम की सजावट में न करें ये गलतियां, बिगड़ जाएगा घर का लुक

21/10/2026
money plant
धर्म

मनी प्लांट इस जगह रखने से हो सकती है धन की हानि

21/10/2026
Next Post
skin problem

प्रदूषण की वजह से बढ़ सकती हैं स्किन प्रॉब्लम्ज़

यह भी पढ़ें

मोहसिन रजा Mohsin Raza

ओवैसी-राजभर मुलाकात से चढ़ा यूपी का सियासी पारा, मोहसिन बोले- देश तोड़ने वाले एक मंच पर आए

16/12/2020
radha ashtami 2020

जानिए कब है राधा अष्टमी, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

17/08/2020
hair fall

गर्मियों में ऐसे करें अपने बालों की देखभाल

10/03/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version