• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बुंदेलखंड से शुरू हुई गजमहालक्ष्मी पटचित्र पूजन प्रथा, जानिये क्या है इतिहास

Desk by Desk
14/11/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, झाँसी, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लगभग पूरे उत्तर भारत में दीपावली के शुभ अवसर पर जिस गजमहालक्ष्मी पटचित्र की लोग भक्तिभाव से पूजा अर्चना करते हैं , इस पूजन प्रथा का आरंभ बुंदेलखंड की धरती से ही हुआ ,झांसी मंडल के ललितपुर स्थित दशावतार मंदिर ही गजमहालक्ष्मी पटचित्र पूजन का जन्मस्थल है।

हिंदू संस्कृति में देवी लक्ष्मी का वर्णन उपनिषद, पौराणिक गाथाओं में किया गया है और बुंदेलखंड में महालक्ष्मी की आराधना प्राचीन काल से होती आ रही है। धन और ऐश्वर्य की देवी लक्ष्मी की प्राचीन छवि गजलक्ष्मी के रूप में सर्वाधिक प्रचलित है। घरों में दीपावाली पर पट के रूप में देवी लक्ष्मी के गजलक्ष्मी रूप की पूजा की जाती है जिसमें देवी लक्ष्मी कमल पुष्प के आसन पर विराजमान होती हैं और उनके दाएं-बाएं दो गज अपनी सूढ़ में कलश लिये होते हैं।

दिवाली पर क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने शेयर की अपनी तस्वीर, लग रहीं बेहद क्यूट

गज इन कलशों में भरे जल से देवी लक्ष्मी का जलाभिषेक कर रहे होते हैं। बुन्देलखंड समेत पूरे उत्तर भारत में इसका चलन बुन्देलखंड के ललितपुर स्थित दशावतार मंदिर से बताया जाता है। यह शायद ही कोई जानता हो कि बुन्देलखंड की धरती ही वह स्थान है जहां से इस पटचित्र का चलन शुरु हुआ। इसका प्रमाण दशावतार मंदिर के स्तंभ पर उत्कीर्ण गजमहालक्ष्मी का चित्र है।

इतिहासकार डॉ चित्रगुप्त ने बताया कि बुंदेलखंड में प्राचीन गजलक्ष्मी की प्रतिमा पायी गयी है। यह प्रतिमा बुन्देलखंड की हृदयस्थली वीरांगना भूमि झांसी से करीब 100 किलोमीटर दूरी पर स्थित ललितपुर जिले में देवगढ़ के विश्व प्रसिद्ध दशावतार मंदिर के एक स्तंभ पर उत्कीर्ण है। इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 5वीं-6वीं शताब्दी में हुआ था।

भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों को यहां की भित्तियों में मूर्ति के रूप में उत्कीर्ण किया गया है। इन्ही मूर्तियों के बीच एक स्तंभ पर देवी लक्ष्मी का गजलक्ष्मी स्वरूप भी उत्कीर्ण है, जो मंदिर निर्माण के समय अर्थात 5वीं-6वीं सदी का है। संभवतः कालांतर में बुंदेलखंड में इसी मूर्ति से प्रेरित होकर ही पूरे उत्तर भारत में इस शैली में देवी लक्ष्मी की मूर्तियों को उत्कीर्ण किया गया होगा। वह बताते हैं कि संभवतः पूरे देश में इसी पटचित्र की पूजा की जाती है। डॉ चित्रगुप्त ने इस पर शोध करते हुए इसका प्रमाण भी दिया है।

डा. चित्रगुप्त बताते हैं कि मध्यकाल में रंग से चित्रकारी में इस स्वरूप को चित्रित किया जाने लगा। आधुनिक समय में जब प्रिंटिंग का समय आया तो गजलक्ष्मी के इस स्वरूप को छापा जाने लगा है। आज भी हम देवी के इस स्वरूप के चित्र की पूजा दीपावली के दिन करते हैं। देवगढ़ में ही शांतिनाथ जैन मंदिर में 11 वीं सदी की एक प्राचीन मूर्ति भी मौजूद जो बहुत मनोहारी है। इसके अलावा देवी लक्ष्मी के मंदिर बुंदेलखण्ड के विभिन्न स्थलों पर मौजूद हैं। झांसी स्थित लक्ष्मी मंदिर मध्यकालीन है। इसके अलावा ओरछा, महोबा आदि स्थलों पर भी देवी लक्ष्मी के मंदिर हैं।

Tags: "Diwali 2020DeepawalidiwaliDiwali 2020 CelebrationDiwali celebrationHappy DipawaliPrecaution in Diwaliपरिवार संग मनाएं दीवाली
Previous Post

अक्षय कुमार ने फैंस को दिवाली पर दिया तोहफा, जल्द दिखेंगे फिल्म ‘राम सेतु’ में

Next Post

दीपावली पर 10 लाख श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाकर की कामदगिरि की परिक्रमा

Desk

Desk

Related Posts

उत्तराखंड

उत्तराखंड पुलिस में 1,600 भर्तियां जल्द, थानों का बजट होगा दोगुना: धामी

21/10/2026
राष्ट्रीय

मणिपुर हिंसा: हमले के मामले में 3 गिरफ्तार, गांव में आगजनी के बाद बंद का ऐलान

21/10/2026
Business

SBI के 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक, बैंक ने दी सफाई

21/10/2026
Main Slider

यूपी MLC चुनाव में आज थमेगा प्रचार, 11 सीटों पर दिग्गजों की साख दांव पर

21/10/2026
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का डिजिटल एजुकेशन पर जोर, खान एकेडमी से बेटियों को मिलेगा लाभ

21/10/2026
Next Post
Diwali

दीपावली पर 10 लाख श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाकर की कामदगिरि की परिक्रमा

यह भी पढ़ें

25 हजार के इनामी बदमाश को STF ने किया गिरफ्तार

08/01/2022
JEE Mains Result

JEE-Mains पेपर-2 का रिजल्ट जारी, पांच उम्मीदवारों के 100 परसेंटाइल

06/10/2021
मिर्जापुर के वरिष्ठ फिजिशियन लापता

मिर्जापुर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. जेपी तिवारी लापता, आत्महत्या की आशंका

22/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version