• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

15 लाख बिजली कर्मचारियों का निजीकरण के खिलाफ आज देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

Writer D by Writer D
26/11/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, ख़ास खबर, लखनऊ
0
Electricity

Electricity

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देश के राज्यों के 15 लाख बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरो एवं अभियन्ताओ के साथ उत्तर प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी केन्द्र और राज्य सरकारों की निजीकरण की नीति के विरोध में आज राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।

उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आज कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच केन्द्र सरकार और कुछ राज्य सरकारें बिजली वितरण का निजीकरण करने पर तुली हैं जिससे देश भर के बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है।

ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय देशव्यापी विरोध प्रदर्शन को भाकपा माले का भी समर्थन

निजीकरण के उद्देश्य से लाये गए इलेक्ट्रिसिटी(अमेंडमेंट) बिल-2020 और बिजली वितरण के निजीकरण के स्टैण्डर्ड बिडिंग डॉकुमेंट को निरस्त करने एवं अन्य मांगों को लेकर आज 26 नवम्बर को राजधानी लखनऊ में शक्तिभवन सहित सभी जिला मुख्यालयों एवं परियोजनाओं पर बिजलीकर्मी सायं 03 बजे से 05 बजे तक विरोध सभाएं व प्रदर्शन करेंगे।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि बिजली कर्मी अपने विरोध में उपभोक्ताओं खासकर किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं से सहयोग करने की अपील कर रहे हैं जिन्हे निजीकरण के बाद सबसे अधिक नुकसान होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी(अमेंडमेंट) बिल 2020 और बिजली वितरण के निजीकरण के स्टैण्डर्ड बिडिंग डॉकुमेंट के अनुसार लागत से कम मूल्य पर किसी को भी बिजली नहीं दी जाएगी और सब्सिडी समाप्त कर दी जाएगी।

यूपी पुलिस ने पांच इनामी बदमाश समेत नौ आरोपी गिरफ्तार

वर्तमान में बिजली की लागत लगभग रु 07.90 प्रति यूनिट है और कंपनी एक्ट के अनुसार निजी कंपनियों को कम से कम 16 प्रतिशत मुनाफा लेने का अधिकार होगा जिसका अर्थ यह हुआ कि 10 रु प्रति यूनिट से कम दाम पर किसी भी उपभोक्ता को बिजली नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह वापस न की गई तो राष्ट्रव्यापी संघर्ष का संकल्प लेंगे।

Tags: All India Power Engineers FederationNational newspower corporationprotest against privatisation of electricityup newsनिजीकरण की नीतिराष्ट्रव्यापी प्रदर्शन
Previous Post

मास्क के अनिवार्य उपयोग और भीड़ एकत्र न हो इसके प्रति लोगों को जागरूक करें : योगी

Next Post

जानें कब है साल का आखिरी चंद्रग्रहण, किन राशियों के जीवन पर डालेगा सबसे ज्यादा प्रभाव

Writer D

Writer D

Related Posts

Sattu ke laddu
Main Slider

गर्मियों में ठंडक देंगे ये लड्डू, नोट करें आसान रेसिपी

24/05/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मौसम आपदाओं से निपटने के लिए यूपी में मजबूत होगी चेतावनी प्रणाली

23/05/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति, उन्हें सम्मान और सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री योगी

23/05/2026
Cow Protection
उत्तर प्रदेश

राष्ट्रशक्ति और आर्थिक समृद्धि का नया मॉडल बन रहा गो संरक्षण

22/05/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी बोले-देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं

22/05/2026
Next Post

जानें कब है साल का आखिरी चंद्रग्रहण, किन राशियों के जीवन पर डालेगा सबसे ज्यादा प्रभाव

यह भी पढ़ें

mars nasa

मंगल ग्रह के नमूनों को पृथ्वी पर लाने की तैयारी में नासा

18/12/2020
Atishi

आतिशी को झंडा फहराने की नहीं मिली इजाजत, मनीष सिसोदिया ने LG पर बोला हमला

13/08/2024
cm yogi

जल यातायात बढ़ने से किसानों की बढ़ेगी आय, युवाओं को मिलेगा रोजगार: सीएम योगी

11/11/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version