• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

उत्तराखंड में डेढ़ सौ से अधिक वनस्पति प्रजातियों के अस्तित्व पर खतरा

Desk by Desk
12/12/2020
in Main Slider, उत्तराखंड, ख़ास खबर
0
trees

trees

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहरादून। वनस्पति प्रजातियां ही जैव विविधता की मूल होती हैं। इनके सुचारु कार्य करने पर ही प्रकृति में संतुलित और समृद्ध जैव विविधता का निर्माण होता है। एक अध्ययन के अनुसार उत्तराखंड में पेड़ पौधों की 4048 प्रजातियां हैं। इनमें 116 प्रजातियां ऐसी हैं जो सिर्फ इसी राज्य में पाई जाती हैं। डेढ़ सौ से अधिक प्रजातियां ऐसी हैं जिनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।

विस चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने 17 दिसंबर को बंगाल जाएंगे उप चुनाव आयुक्त

इन प्रजातियों का पर्यावरण के संतुलन में विशेष योगदान होता है और इनसे स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होता है।
विश्व में जैव विविधता के 36 मुख्य हॉटस्पॉट हैं। इनमें से भारत का हिमालयी क्षेत्र भी एक है। बढ़ती जनसंख्या, प्रकृति में मानवीय हस्तक्षेप और बढ़ता प्रदूषण जैव विविधता के समाप्त होने के मुख्य कारक है। जैव प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. मणिन्द्र मोहन शर्मा ने बताया कि पृथ्वी पर परंपरागत दवाइयां और भोजन पौधों से ही प्राप्त होते हैं।

अगले 48 घंटों के भीतर किसानों और सरकार के बीच सुलझा लिया जाएगा मामला : दुष्यंत चौटाला  

वैज्ञानिकों ने अब तक 1.7 मिलियन जीवों की प्रजातियों का वर्णन किया है, जो पृथ्वी पर संतुलित जैव विविधता का निर्माण करती हैं। एक अध्यन के अनुसार उत्तराखंड की डेढ़ सौ से अधिक प्रजातियां ऐसी हैं जिनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। पादपों की विदेशी प्रजातियों के दखल से भी जैव विविधता को खतरा बढ़ा है। पार्थेनियम (गाजर घास) अमेरिकी/मैक्सिको की मूल की प्रजाति है। यह आज विश्व में बड़ी तेजी से पांव फैला रही है और विश्व के सात सर्वाधिक हानिकारक पौधों में शुमार है।

Tags: Dehradun Hindi Samachardehradun newsDehradun News in HindiLatest Dehradun News in Hindiplant in dangerplant species is in dangerUttarakhand News
Previous Post

विस चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने 17 दिसंबर को बंगाल जाएंगे उप चुनाव आयुक्त

Next Post

हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक जिमी लाई को नहीं मिली जमानत

Desk

Desk

Related Posts

Marriage
Main Slider

पति के लिए वरदान होती है ‘ऐसी’ पत्नियां, जानें वो खास गुण

01/04/2026
1098 Child Helpline
Main Slider

योगी सरकार में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन से 2.31 लाख से अधिक बच्चों को मिली सहायता

31/03/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री ने चम्पावत को दी ₹36.83 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

31/03/2026
CM Dhami
Main Slider

‘SHE for STEM’ कार्यक्रम से सशक्त होंगी बेटियाँ, विज्ञान-तकनीक से आगे बढ़ेगा उत्तराखंड- मुख्यमंत्री

31/03/2026
Main Slider

अपराधियों व बहुजन समाज का अपमान करने वालों को नहीं मिलेगा टिकट: मायावती

31/03/2026
Next Post
jimmy lai

हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक जिमी लाई को नहीं मिली जमानत

यह भी पढ़ें

cm yogi

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में बरेली मण्डल काफी सफल : योगी

21/09/2020
Asim Raza

रामपुर से असीम रजा लड़ेंगे उपचुनाव, आजम खान ने की घोषणा

15/11/2022
taliban government

अफगान सरकार ने तालिबान के आगे टेके घुटने, सफ़ेद कपड़ों में सेना ने किया सरेंडर

15/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version