• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

खाली हो चुके सीमांत गांव पहले की तरह होंगे गुलजार, बहेगी खुशहाली की बयार

Writer D by Writer D
12/05/2023
in Main Slider, उत्तराखंड, राजनीति, राष्ट्रीय
0
Vibrant Village Program

Vibrant Village Program

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय सीमा चीन और नेपाल से सटे उत्तराखंड के सीमावर्ती गांव न केवल पहले की तरह गुलजार होंगे बल्कि उनमें खुशहाली और अपनत्व की बयार भी बहेगी। कहने का मतलब अब इन गांवों की रौनक जल्द ही लौटने वाली है। ऐसा संभव होने जा रहा है केन्द्र सरकार की ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (Vibrant Village Program) योजना से।

‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (Vibrant Village Program) योजना से इन गांवों की आजीविका सुधरने के साथ ही संस्कृति संरक्षण,पर्यटन, रोजगार को बढ़ावा देकर गांवों को खुशहाल बनाया जाएगा। इससे जहां पलायन रोकने में मदद मिलेगी वहीं गांवों के खाली नहीं होने से सीमाएं भी सुरक्षित रहेंगी। इसके लिए जिला प्रशासन रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इस रिपोर्ट के आते ही राज्य सरकार केन्द्र को अपनी संस्तुति के साथ प्रस्ताव भेज देगा।

उत्तराखंड की चीन और नेपाल से लगभग 675 किलोमीटर सीमा सटी है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से से लगे गांवों में बढ़ते पलायन को लेकर केन्द्र सरकार सुरक्षा की ओर से ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (Vibrant Village Program) देश भर के ऐसे बॉर्डर यानी सीमावर्ती गांवों के लिए लायी इहै। सीमांत गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ ही संचार कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के विस्तार और आजीविका विकास पर मुख्य रूप फोकस किया जा रहा है।

ग्रामीणों को ग्रीष्मकाल में मूल गांवों में वापस लौटने पर घर ठीक करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर है। स्थानीय युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही आंचलिक लोकसंस्कृति और पर्व-त्योहारों के संरक्षण के मद्देनजर गांवों को प्रोत्साहन देने का काम किया जा रहा है।

इसके पहले कदम के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बार्डर यानी सीमावर्ती अंतिम गांव को प्रथम गांव का दर्जा दिया है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में अभी तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया मार्च माह में मलारी गांव चमोली में उत्तरकाशी, केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री, जी. किशन रेड्डी अप्रैल में भटवाड़ी ब्लाक उत्तरकाशी के सीमांत गांवों का प्रवास कर चुके हैं। इस दौरान इन केन्द्रीय मंत्रियों ने इन गांवों की समस्याओं, संस्कृति और रोजगार की समस्या को समझा और इनके विकास के लिए राज्य सरकार को कई सुझाव भी दिये हैं।

प्लास्टिक कचरे से मुक्त होंगे सभी गांव, धामी सरकार ने किया प्लान तैयार

इस बाबत अपर सचिव ग्राम्य विकास और नोडल अधिकारी ‘वाइब्रेंट विलेज’ निकिता खंडेलवाल ने बताया कि उत्तराखंड के तीन जनपदों में कुल 51 गांव चिन्हित किए गए हैं। ये जिले गढ़वाल से चमोली और उत्तरकाशी, कुमाऊं के पिथौरागढ़ के गांवों को चिन्हित किया गया है। सीमांत गांवों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार से 02 मई को एक्शन प्लान बनाने के लिए बॉर्डर आउटलाइन प्लान मिले हैं। इसके तहत जिला प्रशासन एक सप्ताह में प्लान तैयार कर देंगे। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव की ओर से निर्देश आए हैं कि एक सप्ताह होने के बाद राज्य स्तर पर प्लान को तैयार किया जाएगा। इसके बाद एक महीने में इसको केन्द्र को भेजा जाएगा। केन्द्रीय मंत्रियों ने भी इन गांवों का प्रवास किया है और यहां के विकास के लिए राज्य को सुझाव भी दिये हैं। इनके सुझावों को राज्य के विभिन्न विभागों को भेजा गया है और विभाग भी कार्य कर रहे हैं। जो प्लान में शामिल हो सकता है, उसे अवश्य शामिल कर भेजा जाएगा।

IPL: यशस्वी-सैमसन के धमाल से जीता राजस्थान, कोलकाता को 9 विकेट से दी मात

उन्होंने बताया कि बॉर्डर यानी सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में कैसे सुधार लाया जा सके और उनके मूल स्थानों में रहने के लिए उन्हें कैसे प्रोत्साहित और खुशहाल बनाने के साथ रोजगार से जोड़ा जाए, जिससे इन गांवों से पलायन को रोका जा सके। जब गांवों का विकास होगा तो निश्चित तौर पर पलायन रुकेगा और सीमावर्ती वाले ये गांव हर तरह से सक्षम भी होंगे।

Tags: National newsUttarakhand NewsVibrant Village Program
Previous Post

सड़क दुर्घटना में महिला समेत दो की मौत, तीन घायल

Next Post

मुख्तार अंसारी की बेनामी संपत्ति आयकर विभाग ने कुर्क किया

Writer D

Writer D

Related Posts

besan
Main Slider

गर्मियों में भी फेस में निखार लाएगा ये आटा`

24/05/2026
Shani Jayanti
Main Slider

कुंडली में शनि के कमजोर होने पर जीवन में होती हैं ऐसी भयंकर घटनाएं, करें उपाय

24/05/2026
Main Slider

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय करें इस मंत्र का जाप, सुख-सौभाग्य की होगी प्राप्ति

24/05/2026
Sattu ke laddu
Main Slider

गर्मियों में ठंडक देंगे ये लड्डू, नोट करें आसान रेसिपी

24/05/2026
Chardham Yatra
राजनीति

चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 20 लाख के करीब पहुंचे श्रद्धालु

23/05/2026
Next Post
Mukhtar Ansari

मुख्तार अंसारी की बेनामी संपत्ति आयकर विभाग ने कुर्क किया

यह भी पढ़ें

Terrorists

बारामूला में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सेना का अधिकारी घायल

13/05/2023
ganesh jayanti

गणेश स्थापना से पहले जान लें ये जरूरी नियम

15/08/2020
IED Blast

राजौरी में IED ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत, नए साल में दूसरा आतंकी हमला

02/01/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version