• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कालाष्टमी के दिन किसी को भी न कहें अपशब्द, वरना काल भैरव नाराज हो जाएंगे नाराज

Writer D by Writer D
01/05/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
 Kalashtami

 Kalashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन कालाष्टमी (Kalashtami) भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। भगवान काल भैरव, शिवजी के रुद्रावतार माने जाते हैं। वैशाख माह की कालाष्टमी 1 मई, बुधवार को मनाई जाएगी। कालाष्टमी के दिन काल भैरव की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए और कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अन्यथा आपके जीवन में कई तरह की परेशानियां आने लगती है। आइए, जानते हैं कि कालाष्टमी (Kalashtami) के दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कालाष्टमी (Kalashtami) पर करें इन नियमों का पालन

कालाष्टमी (Kalashtami) के दिन किसी को भी अपशब्द न कहें और न ही झूठ बोलें। ऐसा करने से काल भैरव नाराज हो सकते हैं।
कालाष्टमी (Kalashtami) का दिन बेहद पवित्र माना जाता है। ऐसे में इस दिन मांस-मदिरा से दूर रहना चाहिए।
कालाष्टमी (Kalashtami) के दिन नुकीली चीजों का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से कोई बड़ी हानि होती है।
कालाष्टमी (Kalashtami) के दिन असहाय लोगों, जानवरों या पक्षियों को परेशान न करें। ऐसा करने से जीवन में कष्टों का सामना करना पड़ता है।

मासिक कालाष्टमी (Kalashtami) पूजा विधि

मासिक कालाष्टमी (Kalashtami) के दिन सुबह दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर, नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य दें, इसके बाद भगवान काल भैरव की पूजा करें और भगवान शिव का अभिषेक करें।

भगवान भैरव के सामने दीपक जलाएं। इस दौरान शिव चालीसा, शिव स्तोत्र का पाठ करें और शिव मंत्रों का जाप करें। अंत में भगवान शिव की आरती करें। निशा काल में दोबारा भगवान भैरव की विधि-विधान से पूजा करें।

Tags: kalashtamiKalashtami 2024Kalashtami muhuratkalashtami pujakalashtami vrat
Previous Post

इस दिन मनाई जाएगी शनि जयंती, पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां

Next Post

भूकंप से डोली घाटी की धरती, घरों से बाहर निकले लोग

Writer D

Writer D

Related Posts

फैशन/शैली

Selfie में दिखेंगी परफेक्ट, ट्राई करें ये टिप्स

12/07/2026
Orange Face Pack
फैशन/शैली

इस फल का करें फेस पर इस्तेमाल, मिलेगा जादुई ग्लो

12/07/2026
Old Socks
फैशन/शैली

पुराने मोजों का ऐसे करें रियूज, लाइफ हैक देख चौंक जाएंगे सब

12/07/2026
Dark Elbows
फैशन/शैली

कोहनी के कालेपन को दूर करने के लिए आजमाएं ये उपाय

12/07/2026
Friendship
फैशन/शैली

ऐसे लोगों बर्बाद कर देंगे जीवन, कभी न करें इनसे दोस्ती

12/07/2026
Next Post
Earthquake

भूकंप से डोली घाटी की धरती, घरों से बाहर निकले लोग

यह भी पढ़ें

Sheetala Ashtami

स्वच्छता का संदेश देती शीतला माता

01/04/2024
kidnapper arrested

बागपत : दिनदहाड़े लोहा व्यापारी का अपहरण, 1 करोड़ की मांगी फिरौती

26/10/2020

अयोध्या से चुनाव लड़ सकते है सीएम योगी, पार्टी बना रही है रणनीति

25/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version