• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जितिया व्रत के बाद ऐसे करें धागे का विसर्जित, जानें इससे जुड़े सही नियम

Writer D by Writer D
12/09/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Jitiya Vrat
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत (Jitiya Vrat) भी कहा जाता है, माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और आरोग्य के लिए रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है। तीन दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में माताएं निर्जला उपवास करती हैं। व्रत के दौरान और पारण के बाद भी कई तरह के नियम और परंपराएं निभाई जाती हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण परंपरा है व्रत में पहने जाने वाले जितिया धागे का विसर्जन। बहुत सी माताओं को यह जानकारी नहीं होती कि व्रत के बाद इस धागे को कहां और कैसे विसर्जित करना चाहिए। आइए जानते हैं इस धागे के सही विसर्जन से जुड़े नियम।

क्या है जितिया (Jitiya) का धागा?

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) में एक विशेष धागा या डोरी पहनी जाती है, जिसे जितिया धागा कहते हैं। यह धागा आमतौर पर रेशम या सूती होता है और इसमें कुछ गांठें लगी होती हैं। व्रत रखने वाली महिलाएं इसे पूजा के दौरान भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद अपने गले या हाथ में धारण करती हैं। इस धागे को संतान की सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है और इसे पूरे व्रत के दौरान धारण किया जाता है।

व्रत के बाद कब और कैसे उतारें धागा?

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) का पारण करने के बाद ही इस धागे को उतारा जाता है। व्रत का पारण करने से पहले धागे को नहीं उतारना चाहिए, क्योंकि यह व्रत का एक अभिन्न अंग होता है। पारण करने के बाद, माताएं इस धागे को श्रद्धापूर्वक अपने गले या हाथ से उतार सकती हैं। इस धागे को उतारते समय मन में संतान की लंबी आयु और कल्याण की कामना करनी चाहिए।

धागा विसर्जन के सही नियम

नदी या तालाब में विसर्जन: जितिया धागे को विसर्जित करने का सबसे उत्तम स्थान किसी पवित्र नदी या तालाब का जल होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जल में विसर्जित करने से इस धागे में समाहित सकारात्मक ऊर्जा प्रकृति में वापस मिल जाती है। इसे प्रवाहित करते समय भगवान सूर्य और जीवित्पुत्रिका देवी से अपनी संतान के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

पीपल के पेड़ के पास: अगर आपके आस-पास कोई नदी या तालाब नहीं है, तो आप इस धागे को किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख सकते हैं। पीपल का पेड़ पूजनीय माना जाता है और इसे देवस्थान के समान माना जाता है। धागे को पेड़ की जड़ के पास रखने से भी व्रत का पुण्य फल प्राप्त होता है।

क्या न करें?

कूड़ेदान में न फेंके: जितिया धागे को कभी भी कूड़ेदान या किसी भी अपवित्र स्थान पर नहीं फेंकना चाहिए। यह व्रत की पवित्रता और आस्था का अपमान माना जाता है। ऐसा करने से व्रत का फल नष्ट हो सकता है।

घर में न रखें: इस धागे को लंबे समय तक घर में किसी कोने में नहीं रखना चाहिए। व्रत के तुरंत बाद ही इसे विधिपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए।

जलाएं नहीं: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी पूजनीय वस्तु को जलाना उचित नहीं माना जाता है। धागे को जलाने से बचें।

Tags: jitiya vrat
Previous Post

पितृपक्ष में इस विधि से करें पिंडदान और तर्पण, पितरों की आत्मा को मिलेगी शांति

Next Post

कन्या राशि में बुध का गोचर, इन को होगा जबरदस्त धन लाभ!

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर माताओं, बेटियों और बहनों को दिया फ्री बस यात्रा का उपहार

22/08/2026
Yamunotri Yatra sets a new record
Main Slider

यमुनोत्री यात्रा ने रचा नया रिकॉर्ड, चारधाम में 48 लाख पार

22/08/2026
CM Dhami
Main Slider

संत समाज का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा : मुख्यमंत्री

22/08/2026
CM Dhami
Main Slider

हताश और कुंठा में हैं राहुल गांधी: सीएम धामी

22/08/2026
CM Bhagwant Mann
Main Slider

पंजाब CM की पत्नी पर 5 करोड़ मांगने का आरोप, NHRC ने सरकार को भेजा नोटिस

22/08/2026
Next Post
Budh Dev

कन्या राशि में बुध का गोचर, इन को होगा जबरदस्त धन लाभ!

यह भी पढ़ें

Dhami cabinet

धामी मंत्रिमंडल में बीआरपी-सीआरपी,गौवंश संरक्षण सहित कुल 16 विषयों पर लगी मुहर

19/05/2023
CM Nayab Singh Saini

किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना सरकार का मुख्य ध्येय, बजट में बनाई जाएंगी नई योजनाएं : नायब सैनी

09/01/2025
Rhea Chakraborty sushant

सुशांत केस में रिया चक्रवर्ती की न्यायिक हिरासत का आज आखिरी दिन

22/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version