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मानसून से पहले सभी सड़कें हों गड्ढामुक्त, जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो : मुख्य सचिव

Writer D by Writer D
07/05/2026
in उत्तराखंड, राजनीति, राष्ट्रीय
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Anand Bardhan

Anand Bardhan

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देहरादून में आगामी मानसून सीजन को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सड़कों की मरम्मत और गड्ढामुक्त करने का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करें।

गुरुवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी कुछ महीने अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। चारधाम यात्रा के संचालन को देखते हुए सभी रेखीय विभागों को समन्वय के साथ सतर्कता से कार्य करना होगा।

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने तथा संवेदनशील मार्गों को सुरक्षित बनाने का कार्य तत्काल पूरा किया जाए। उन्होंने बिजली और पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पेयजल लाइनों की पूर्व मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मानसून के दौरान बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित न हो।

उन्होंने नगर निकायों, शहरी विकास विभाग और जिलाधिकारियों को नालों और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी हालत में उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाने और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने राज्य के नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी मार्गों में जमा आरबीएम हटाया जाए, ताकि प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो और कटाव से आबादी तथा आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे।

उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती, बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव और बोट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि राज्य सरकार संसाधनों की कोई कमी नहीं आने देगी, इसलिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभाएं।

बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल और पेट्रोल जैसी आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री वितरण के लिए पूर्व से विस्तृत रणनीति तैयार की जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके।

स्वास्थ्य विभाग को संभावित जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने फॉगिंग अभियान शुरू करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने को कहा। साथ ही हेली एम्बुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर और सैटेलाइट फोन की नियमित टेस्टिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां समय पर आमजन तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए ‘सचेत’ एप और सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिक उपयोग के निर्देश दिए गए।

सोशल मीडिया पर आपदा से जुड़े फर्जी वीडियो और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर भी मुख्य सचिव ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय हैं और तीन डॉप्लर वेदर रडार संचालित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त तीन और डॉप्लर रडार स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ में रेडियो सांडे एवं रेडियो विंड प्रणाली स्थापित करने की योजना भी तैयार की जा रही है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का अधिक सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, आयुक्त गढ़वाल, सचिवगण और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

Tags: Anand Bardhan
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