• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया, जानें कब किया जाएगा भोलेनाथ का जलाभिषेक?

Writer D by Writer D
11/02/2026
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Mahashivratri

Mahashivratri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पावन पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन शिव-शक्ति का मिलन हुआ था। इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाने वाली है। महाशिवरात्रि के दिन भक्त भोलेनाथ और माता पार्वती की विशेष पूजा करते हैं। साथ ही व्रत रखते हैं।

मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं और पूजन व व्रत से प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं जल्द पूर्ण करते हैं। महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के दिन देश भर के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतार देखने को मिलती है। हालांकि, इस साल महाशिवरात्रि पर भद्रा का योग भी बन रहा है। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या इसका प्रभाव शिव जी के जलाभिषेक पर भी पड़ेगा? ऐसे में आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर भद्रा काल कब से कब तक रहेगा? साथ ही कब जलाभिषेक किया जा सकता है?

महाशिवरात्रि (Mahashivratri) 2026 भद्रा काल का समय

पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी की शाम 05 बजकर 04 मिनट से भद्रा काल शुरू होगा। वहीं भद्रा काल का समापन 16 फरवरी की सुबह 05 बजकर 23 मिनट पर होगा। यानी महाशविरात्रि पर करीब 12 घंटे 19 मिनट तक भद्रा काल रहेगा। हालांकि, चिंता की कोई बात नहीं है। पंडितों और ज्योतिषविदों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भद्रा पाताल लोक में वास करेगी।

शास्त्रों में बताया गया है कि भद्रा के पाताल लोक में होने पर उसका प्रभाव धरती पर नहीं पड़ता। इसलिए महाशिवरात्रि के दिन भक्त बिना किसी असमंजस के भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा कर सकते हैं।

महाशिवरात्रि (Mahashivratri) 2026 जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

इस साल महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के दिन महादेव के जलाभिषेक के लिए कई मुहूर्त हैं। इस दिन पहला मुहूर्त सुबह 08 बजकर 24 मिनट से 09 बजकर 48 मिनट मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त सुबह 09 बजकर 48 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। तीसरा अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। ये सुबह 11 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। शाम को शुभ-उत्तम मुहूर्त 06 बजकर 11 मिनट से 07 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इन सभी मुहूर्तों में भक्त शिव जी का जलाभिषेक कर सकते हैं।

Tags: mahashivratri
Previous Post

कब है रंगों का त्योहार होली? जानें महत्व

Next Post

घर में लगाए ये लकी पौधे, खिंचा चला आएगा पैसा

Writer D

Writer D

Related Posts

Adhir Ranjan's convoy car hit by truck
Main Slider

अधीर रंजन बाल-बाल बचे: काफिले को ट्रक ने मारी टक्कर, कांग्रेस ने बताया ‘साजिश’

08/04/2026
Main Slider

नहीं रहीं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई, राजनीतिक जगत में शोक

08/04/2026
CM Yogi
Main Slider

संत किसी विधर्मी के सामने विचलित नहीं होते, हमारी सरकार ने ही संभल को संभालाः सीएम योगी

07/04/2026
CM Vishnudev Sai presented PM Modi with a bell metal artwork titled 'Mata Kaushalya's Ram'.
Main Slider

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बेल मेटल निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ कलाकृति की भेंट

07/04/2026
CM Dhami
Main Slider

‘पीएम का दौरा उत्तराखण्ड के लिए ऐतिहासिक अवसर’, सीएम धामी ने तैयारियों में जुटने के दिए निर्देश

07/04/2026
Next Post
Plants

घर में लगाए ये लकी पौधे, खिंचा चला आएगा पैसा

यह भी पढ़ें

vastu tips for money

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गजब का उछाल, 16 बिलियन डॉलर की बढ़त

04/09/2021
Marriages

इन राशिवालों को नहीं बनाना चाहिए जीवनसाथी

16/12/2025

मुझे प्रभु श्री राम की धरती पर सेवा का सौभाग्य मिला है : तेजस्वी सूर्या

30/09/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version