भाई दूज (Bhai Dooj) भाई बहन का त्योहार है। भाई दूज पर बहन भाई का तिलक करती है। भाई-बहन एक-दूसरे से सुख-दुख में साथ निभाने का वचन भी देते हैं। भाई दूज को यम द्वितिया के नाम से भी जाना जाता है। दिवाली महापर्व के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है और गोवर्धन पूजा के अगले दिन भाई दूज का पावन पर्व मनाया जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार भाई दूज (Bhai Dooj) के पावन दिन ही यमुना नदी ने अपने भाई यमराज को घर बुलाया था और तिलक किया था। आइए जानते हैं भाई दूज पूजा-विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री की लिस्ट-
3 शुभ योग में भाई दूज
इस साल भाई दूज पर 3 शुभ योग बन रहे हैं। भाई दूज के दिन आयुष्मान योग, द्वितीया तिथि में सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं। भाई दूज के दिन आयुष्मान योग प्रात:काल से लेकर अगले दिन 24 अक्टूबर को सुबह 5 बजे तक है। यह योग भाई और बहन की आयु में बढ़ोत्तरी करने वाला होगा।
इसके अलावा द्वितीया तिथि में सर्वार्थ सिद्धि योग 24 अक्टूबर को 04:51 ए एम से लेकर सुबह 06:28 ए एम तक है, वहीं रवि योग भी 04:51 ए एम से लेकर 06:28 ए एम तक है। भाई दूज पर विशाखा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर अगले दिन सुबह 04:51 ए एम तक है, फिर अनुराधा नक्षत्र है।
भाई दूज मुहूर्त
23 अक्टूबर को भाई दूज के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:45 ए एम से 05:36 ए एम तक है, जो स्नान के लिए उत्तम समय माना जाता है। उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:43 ए एम से दोपहर 12:28 पी एम तक है। अमृत काल शाम में 06:57 पी एम से रात 08:45 पी एम तक रहेगा।
भाई दूज पर तिलक लगाने का मुहूर्त
भाई दूज के अवसर पर तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 15 मिनट है। उस दिन बहनें अपने भाइयों को दोपहर में 1 बजकर 13 मिनट से दोपहर 3 बजकर 28 मिनट के बीच तिलक लगाएं। उसके बाद भाई को भोजन कराकर उसके सुखी जीवन की प्रार्थना करें। भाई भी बहन को उपहार और शुभकामनाएं दें।
पूजा विधि-
– सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
– घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर भगवान का ध्यान करें।
– भगवान विष्णु और गणेश जी की पूजा करें
– इस दिन भाई को घर बुलाकर तिलक लगाकर भोजन कराने की परंपरा है।
– भाई के लिए पिसे हुए चावल से चौक बनाएं।
– भाई के हाथों पर चावल का घोल लगाएं।
– भाई को तिलक लगाएं।
– तिलक लगाने के बाद भाई की आरती उतारें।
– भाई के हाथ में कलावा बांधें।
– भाई को मिठाई खिलाएं।
– मिठाई खिलाने के बाद भाई को भोजन कराएं।
– भाई को बहन को कुछ न कुछ उपहार में जरूर देना चाहिए।
पूजा सामग्री की लिस्ट
– आरती की थाली
– टीका, चावल
– नारियल, गोला (सूखा नारियल) और मिठाई
– दिया और धूप
– रुमाल या छोटा तोलिया








