• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जलियांवाला बाग का खूनी इतिहास, जब 10 मिनट में बह गईं थी खून की नदियां

Writer D by Writer D
13/04/2022
in Main Slider, शिक्षा
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। गुलाम भारत के इतिहास में एक ऐसी खूनी दास्तां भी है, जिसमें अंग्रेजो के अत्याचार और भारतीयों के नरसंहार की दर्दनाक घटना है। हर साल वह दिन जब भी आता है, उस नरसंहार की यादें ताजा हो जाती हैं। शहादत का यह दिन 13 अप्रैल को होता है। इस दिन जलियांवाला बाग ( Jallianwala Bagh) हत्याकांड हुआ था। हर भारतीय के लिए जलियांवाला बाग हत्याकांड बेहद दर्दनाक घटना है, जिसमें खून की नदियां बह गईं। कुआं भारतीयों की लाशों से पट गए और मौत का वह मंजर हर किसी की रूह को चोटिल कर गया। जलियांवाला बाग ( Jallianwala Bagh) हत्याकांड की 103वीं बरसी पर जानें उस दिन के नरसंहार का इतिहास।

जलियांवाला बाग ( Jallianwala Bagh) नरसंहार कब हुआ था?

पंजाब के अमृतसर में जलियांवाला बाग नाम की एक जगह है। 13 अप्रैल 1919 के दिन इसी जगह पर अंग्रेजों ने कई भारतीयों पर गोलियां बरसाई थीं। उस कांड में कई परिवार खत्म हो गए। बच्चे, महिला, बूढ़े तक को अंग्रेजो ने नहीं छोड़ा। उन्हें बंद करके गोलियों से छलनी कर दिया।

क्यों हुआ था जलियांवाला बाग नरसंहार?

दरअसल, उस दिन जलियांवाला बाग में अंग्रेजों की दमनकारी नीति, रोलेट एक्ट और सत्यपाल व सैफुद्दीन की गिरफ्तारी के खिलाफ एक सभा का आयोजन किया गया था। हालांकि इस दौरान शहर में कर्फ्यू लगा हुआ था। लेकिन कर्फ्यू के बीच हजारों लोग सभा में शामिल होने पहुंचे थे। कुछ लोग ऐसे भी थे जो बैसाखी के मौके पर अपने परिवार के साथ वहीं लगे मेले को देखने गए थे।

Jallianwala Bagh massacre: What has changed after 100 years?

जलियांवाला बाग का दोषी कौन?

जब ब्रिटिश हुकूमत ने जलियांवाला बाग पर इतने लोगों की भीड़ देखी, तो वह बौखला गए। उनको लगा कि कहीं भारतीय 1857 की क्रांति को दोबारा दोहराने की ताक में तो नहीं। ऐसी नौबत आने से पहले ही वह भारतीयों की आवाज कुचलना चाहते थे और उस दिन अंग्रेजों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी। सभा में शामिल नेता जब भाषण दे रहे थे, तब ब्रिगेडियर जनरल रेजीनॉल्ड डायर वहां पहुंच गए। कहा जाता है कि इस दौरान वहां 5000 लोग पहुंचे थे। वहीं जनरल डायर ने अपने 90 ब्रिटिश सैनिकों के साथ बाग को घेर लिया। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को चेतावनी दिए बिना ही गोलियां चलानी शुरू कर दी।

जलियांवाला नरसंहार पर माफी मांग सकती है ब्रिटिश सरकार, उत्पीड़न की होगी निंदा

जलियांवाला बाग नरसंहार की बरसी

जलियांवाला बाग नरसंहार के 10 मिनट

ब्रिटिश सैनिकों ने महज 10 मिनट में कुल 1650 राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान जलियांवाला बाग में मौजूद लोग उस मैदान से बाहर नहीं निकल सकते थे, क्योंकि बाग के चारों तरफ मकान बने थे। बाहर निकलने के लिए बस एक संकरा रास्ता था। भागने का कोई रास्ता न होने के कारण लोग वहां फंस कर रह गए।

जलियांवाला बाग नरसंहार को बताया शर्मनाक धब्बा बताया ब्रिटिश पीएम ने

जलियांवाला बाग नरसंहार की बरसी

लाशों से पट गए कुएं

अंग्रेजों की गोलियों से बचने के लिए लोग वहां स्थित एकमात्र कुए में कुद गए। कुछ देर में कुआं भी लाशों से भर गया। जलियांवाला बाग में शहीद होने वालो का सही आंकड़ा आज भी पता न चल सका लेकिन डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में 484 शहीदों की सूची है, तो जलियांवाला बाग में 388 शहीदों की लिस्ट है।

Hundred years after Jallianwala, a survivor's tale with some help from  Rowlatt's great grandson | India News,The Indian Express

ब्रिटिश सरकार के दस्तावेजों में 379 लोगों की मौत और 200 लोगों के घायल होने का दावा किया गया। हालांकि अनाधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार और जनरल डायर के इस नरसंहार में 1000 से ज्यादा लोग शहीद हुए थे और लगभग 2000 से अधिक भारतीय घायल हुए थे।

Tags: 130 years of Jallianwala Bagh massacreGeneral dyergeneral dyer jallianwala baghgeneral dyer jallianwala bagh hatyakandgeneral dyer ordered an open fireJallianwala Baghjallianwala bagh hatyakandjallianwala bagh hatyakand kab huajallianwala bagh historyjallianwala bagh history in hindilive hindi newsNational newsnews hindi todaynews in hindiTodays News
Previous Post

CBSE Board Term 2 एडमिट कार्ड जारी, यहां से करें डाउनलोड

Next Post

पीएम मोदी ने जालियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री से मिले नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव

11/03/2026
A van broke through a security barricade at the White House.
Main Slider

व्हाइट हाउस की सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर अंदर घुसी वैन, ड्राइवर अरेस्ट

11/03/2026
The useless ambulance will now feed the poor street vendors.
Main Slider

बेकार हो चुकी एंबुलेंस अब गरीब रेहड़ी पटरी संचालकों का भरेगी पेट

11/03/2026
CM Yogi
Main Slider

हर हाल में मई तक पूरा करें मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माणः मुख्यमंत्री

11/03/2026
CM Dhami
Main Slider

लोक कलाकार दीवान कनवाल के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक

11/03/2026
Next Post
PM Modi

पीएम मोदी ने जालियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

यह भी पढ़ें

vaccine for children

अगले महीने से शुरू होगा 12-18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन, इस तकनीक से लगेगा टीका

24/09/2021

एक एकड़ में बनेगा नगर निगम छोटा सदन, 300 लोगों के बैठने की होगी क्षमता

23/08/2021

विकास दुबे के 67 करोड़ की संपत्ति जब्त, मां-पत्नी पर भी हुई कार्रवाई

09/05/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version