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हर जनपद में हो निवेश, जनपदों की पर कैपिटा इनकम बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित करें- मुख्यमंत्री

Writer D by Writer D
21/05/2026
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
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CM Yogi

CM Yogi

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने गुरुवार को इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों संग बैठक की। इस दौरान उन्होंने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी 5.0) की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जी को बताया कि 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जीबीसी 5.0 के अंतर्गत हर जनपद में निवेश हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने जनपदों की पर कैपिटा इनकम बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि इसके लिए मैन्युफेक्चरिंग पावर को बढ़ावा देना आवश्यक है। इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों ने विगत दिनों लीड्स 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को मिले एग्जेम्प्लर अवार्ड को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समर्पित किया। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने इस पुरस्कार के लिए इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) के समक्ष जीबीसी के दौरान पूरे आयोजन का विस्तार से ब्योरा प्रस्तुत किया गया। इसमें स्टेज डिजाइन से लेकर पाथवे, एग्जीबिशन लेआउट को भी प्रस्तुत किया गया। एग्जीबिशन को 8 जोन में विभाजित किया गया है। पहला जोन- व्हाई यूपी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के बदले परिदृश्य को विस्तार से दिखाया जाएगा। जोन 2 में इंफ्रास्ट्रक्चरल ट्रांसफॉर्मेशन, जोन 3 में डिफेंस व एयरोस्पेस, जोन 4 में ईवी एवं ग्रीन एनर्जी सस्टेनिबिलिटी, जोन-5 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरिंग, जोन-6 में टेक्सटाइल्स, जोन-7 में टूरिज्म तथा जोन-8 में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में यूपी में आए सार्थक बदलाव को विस्तार से प्रदर्शित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर में भूमि की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके सापेक्ष हमें भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देना होगा। इसके अलावा उन प्रोजेक्ट्स में, जहां वर्षों पूर्व भूमि आवंटित की गई, लेकिन अब तक निवेश नहीं हुआ है। ऐसे प्रोजेक्ट्स के बारे में भी अद्यतन जानकारी हासिल की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण विषय एफडीआई को आमंत्रित करना है। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रयास करने होंगे। इसके साथ ही पब्लिक से जुड़े मुद्दे हमारी प्राथमिकता में होने चाहिए।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि एमओयू करते समय संस्थानों की पूरी पड़ताल/जानकारी अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। निवेशकों से जितना अच्छा व्यवहार होगा, समय से उनकी समस्याओं का निस्तारण करेंगे तो वह प्रदेश के लिए ब्रांड अंबेस्डर की तरह कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री जी ने लैंडबैंक बढ़ाने पर जोर दिया। इनवेस्टमेंट पर दिए जाने वाले इंसेंटिव्स को इवेंट बनाकर निवेशकों का सम्मान करें और उनका मनोबल बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य की छवि से आगे बढ़कर रक्षा निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का उभरता हुआ राष्ट्रीय हब बन रहा है।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) के समक्ष उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत होने वाले उत्तर प्रदेश रक्षा व एफडीआई कॉन्क्लेव 2026 का प्रस्तुतिकरण भी किया गया। बताया गया कि “उत्तर प्रदेश रक्षा और एफडीआई कॉन्क्लेव 2026” प्रदेश की नई औद्योगिक रणनीति का बड़ा मंच साबित होगा, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) में रक्षा एवं एयरोस्पेस उद्योगों को आकर्षित करना, वैश्विक निवेशकों को जोड़ना और उद्योग, सरकार तथा रक्षा संस्थानों के बीच समन्वित इकोसिस्टम विकसित करना है।

कॉन्क्लेव लखनऊ में आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है, जिसमें रक्षा मंत्रालय, डीपीएसयू, वैश्विक OEMs, रक्षा विशेषज्ञ, MSMEs और स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाया जाएगा। एजेंडा में उत्तर प्रदेश की रक्षा विनिर्माण क्षमता, एयरोस्पेस निवेश, रोजगार प्रोत्साहन नीति 2024, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और डीपीएसयू की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत पैनल चर्चाएं प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री जी और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधन के साथ बी2जी और बी 2बी इंटरैक्शन भी आयोजित किए जाने की योजना है।

कॉन्क्लेव के अपेक्षित परिणामों में निवेश समझौते (एमओयू), कॉरिडोर विस्तार का रोडमैप, टेस्टिंग एवं सर्टिफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, उद्योग-सरकार साझेदारी और निवेशकों को स्पष्ट पॉलिसी सपोर्ट शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं बल्कि यूपी में एक दीर्घकालिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है।

प्रस्तुतिकरण में उत्तर प्रदेश की रणनीतिक ताकतों को विस्तार से रेखांकित किया गया है। इसमें बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, कुशल कार्यबल, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, अनुसंधान एवं विकास सहयोग और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को प्रमुख आधार बताया गया। साथ ही डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल, बोइंग, एयरबस, टाटा, अदाणी जैसी संस्थाओं और कंपनियों की संभावित भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यूपी अब रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण के लिए तेजी से पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री को इन्वेस्ट यूपी की विभिन्न डेस्क के कामकाज से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक्स डेस्क उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावी निवेश क्षेत्रों में शामिल है। इस डेस्क के अंतर्गत 8,050 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऑटोमोबाइल डेस्क में 722 करोड़ रुपये के निवेश आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। जीसीसी डेस्क के अंतर्गत लगभग 2,487 करोड़, स्टील एंड सीमेंट डेस्क में लगभग 12,232 करोड़, टेक्सटाइल्स डेस्क में लगभग 1,321 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

बैठक में कंट्री डेस्क के कामकाज की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि जापान से लगभग 50 हजार करोड़ रुपये, सिंगापुर से 40 हजार करोड़ रुपये, जर्मनी और यूके से 5 हजार करोड़ रुपये, ताइवान से 3 हजार करोड़ रुपये, यूएई से 2,074 करोड़ रुपये और दक्षिण कोरिया से 1,600 करोड़ रुपये के संभावित निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बताया गया कि सिंगापुर और जापान बिजनेस मिशन ट्रिप भी अगस्त में प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने इन मिशन ट्रिप्स को अच्छे तरीके से संपन्न करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य इन मिशन ट्रिप्स के जरिए उत्तर प्रदेश को एशिया के बड़े विनिर्माण और टेक्नोलॉजी निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

Tags: cm yogiLucknow Newsup news
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