• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब है देवउठनी एकादशी, जानें पूजा-विधि और शुभ मुहूर्त

Writer D by Writer D
08/11/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Devuthani Ekadashi

Devuthani Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना होती है। 12 नवंबर, मंगलवार के दिन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। जिसे देवउठनी (Devuthani Ekadashi) , देव प्रबोधिनी और देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है। माना जाता है कि भगवान विष्णु चार महीने का शयन काल पूरा करने के बाद इस दिन जागते हैं। देवउठनी के दिन माता तुलसी के विवाह का आयोजन भी किया जाता है। आइए जानते हैं देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi) पूजा- विधि, शुभ मुहुर्त, पारण का समय और सामग्री की पूरी लिस्ट…

मुहूर्त-

एकादशी तिथि प्रारम्भ – नवम्बर 11, 2024 को 06:46 पी एम बजे

एकादशी तिथि समाप्त – नवम्बर 12, 2024 को 04:04 पी एम बजे

व्रत पारण टाइम- 13 नवम्बर को 06:42 ए एम से 08:51 ए एम

पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय – 01:01 पी एम

पूजा-विधि:

सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि सेनिवृत्त हो जाएं।

घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें।

भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।

अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।

देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi) के दिन तुलसी विवाह भी होता है।

इस दिन भगवान विष्णु के शालीग्राम अवतार और माता तुलसी का विवाह किया जाता है।

इस दिन माता तुलसी और शालीग्राम भगवान की भी विधि- विधान से पूजा करें।

भगवान की आरती करें।

भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं।

इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।

इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

पूजा सामग्री लिस्ट-

श्री विष्णुजी का चित्र अथवा मूर्ति

पुष्प

नारियल

सुपारी

फल

लौंग

धूप

दीप

घी

पंचामृत

अक्षत

तुलसी दल

चंदन

मिष्ठान

मूली

शकरकंद

सिंघाड़ा

आंवला

बेर

मूली

सीताफल

अमरुद और अन्य ऋतुफल

Tags: astrolgoy tipsDevuthani Ekadashi
Previous Post

सीएम साय ने भारतरत्न लालकृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की दी बधाई

Next Post

इस दिन मनाई जाएगी काल भैरव जयंती, जानें पूजा-विधि

Writer D

Writer D

Related Posts

Furniture
फैशन/शैली

प्लास्टिक फर्नीचर पर लगे गए है दाग, इन टिप्स की मदद से चमकाए

03/05/2026
Maggi
खाना-खजाना

बच्चों के लिए बनाएं ये डिश, खुशी से उछल पड़ेंगे

03/05/2026
cutlets
खाना-खजाना

चाय के साथ एन्जॉय करें टेस्टी कटलेट, देखें रेसिपी

03/05/2026
Lemon
धर्म

दो रुपए की चीज आपको बना सकती है मालामाल, आज़माएं ये छोटे से उपाय

03/05/2026
money plant
Main Slider

मनी प्लांट घर पर होने के बाद भी नहीं हो रहा लाभ, तो हो सकती है ये वजह

03/05/2026
Next Post
Kaal Bhairav jayanati

इस दिन मनाई जाएगी काल भैरव जयंती, जानें पूजा-विधि

यह भी पढ़ें

PM Modi

25 दिसंबर को PM मोदी आएंगे लखनऊ, ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का करेंगे उद्घाटन

17/12/2025
covaxin

भारत बायोटेक ने तय किया दाम, जानें कितनी कीमत में मिलेगी Covaxin

25/04/2021
murder

बदला लेने के लिए आरओ प्लांट कर्मचारी की हत्या, जंगल में मिला अधजला शव

19/09/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version