• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पंचबलि से पितरों को करें प्रसन्न, जानें इसकी विधि

Writer D by Writer D
19/09/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Pitru Paksha

Pitru Paksha

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पितृपक्ष (Pitru Paksha) को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। पितृपक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध कर्म, पिंडदान और तर्पण किया जाता है जिससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। पितृपक्ष के दौरान पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए पंचबलि किया जाता है। साल 2025 में पितृ पक्ष (Pitru Paksha) 7 सितंबर से 21 सितंबर तक रहेगा। इस अवधि में लोग अपने पूर्वजों का स्मरण कर तर्पण, पिंडदान और पंचबलि विधि से पितरों को प्रसन्न करते हैं।

श्राद्ध पक्ष में पंचबलि कर्म को करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही जीवन में चल रही सभी बाधाएं दूर होती हैं। पंचबलि को सबसे अंत में किया जाता है। पंचबलि का अर्थ है पांच स्थानों पर भोजन रखना।

पंचबलि क्या है?

पंचबलि का अर्थ है पांच प्रकार के जीवों और तत्वों को अन्न अर्पित करना। यह परंपरा हमारे ऋषियों-मुनियों द्वारा इसलिए बनाई गई थी ताकि सभी जीव-जंतुओं और अदृश्य शक्तियों का संतुलन बना रहे और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त हो। पंचबली के जरिए हम अपने पितरों का पोषण करते हैं और उन्हें तृप्त करते हैं।

पंचबलि की विधि

गौ बलि

सबसे पहले गाय के लिए पंचबलि का भोजन निकाला जाता है और गाय को ‘गौभ्यो नम:’ कहकर प्रणाम करें और उन्हें भोजन अर्पित करें।

श्वान बलि

इसके बाद पत्ते पर भोजन रखकर कुत्ते को कराया जाता है। कुत्ते को भोजन करना से यमराज प्रसन्न होते हैं। कुत्ते को कालभैरव की सवारी कहा जाता है। इस कर्म को करने से आप जीवन में एकाएक आने वाले संकटों से बच सकते हैं।

काक बलि

इसके बाद भोजन कौओं को कराया जाता है। कौवों के लिए छत पर भोजन रखा जाता है और उनसे निवेदन किया जाता है इस भोजन को ग्रहण करें। मान्यता है अगर कौआ भोजन ग्रहण कर लेता है तो इसका अर्थ है आपके पितृ आपसे खुश हुए और वह तृप्त हैं।

देवादि बलि

सबसे पहले ताजा भोजन बनाकर उसका एक भाग देवताओं को समर्पित करें। यह भोजन देवताओं और पितरों के लिए होता है। इसे उठाकर घर के बाहर सही स्थान पर रखना चाहिए।

पिपलिकादि बलि

आखिर में पक्षियों, अन्य जीवों को खिलाएं। साथ ही इस भोजन को पीपल वृक्ष के नीचे रख दें। पक्षियों को जल अर्पित करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। हर कार्य आसानी से होने लगते हैं।

Tags: pitru paksha
Previous Post

बार-बार हो जाती है धन की कमी, तो फौरन सुधार लें अपनी ये गलतियां

Next Post

इस दिन पितर लेंगे धरती से विदाई, जानें इसका महत्व

Writer D

Writer D

Related Posts

Korean Chili Potato Balls
खाना-खजाना

घर पर बनाएं ये कोरियन डिश, बनाने में आसान और स्वाद में जबरदस्त

01/02/2026
Paneer Pulao
Main Slider

डिनर में सामने आएगी यह स्वादिष्ट डिश तो लगेगा कि हो गई इच्छा पूरी

01/02/2026
Paneer Bread Roll
खाना-खजाना

नाश्ते में बनाएं टेस्टी डिश, खाते ही बन जाएगा मूड

01/02/2026
Chicken Angara
खाना-खजाना

नॉनवेज लवर्स के लिए बनाएं ये टेस्टी डिश, घर पर मिलेगा रेस्त्रां जैसा स्वाद

01/02/2026
excess oil
फैशन/शैली

सब्जी में अधिक हो गया है तेल, तो इन टिप्स से दूर करें समस्या

01/02/2026
Next Post
Amavasya

इस दिन पितर लेंगे धरती से विदाई, जानें इसका महत्व

यह भी पढ़ें

mradula ghai

खोई खोई सी इक बात…..

02/10/2021
House Attached

गैंगस्टर जितेंद्र यादव की तीन करोड़ की संपत्ति कुर्क

17/02/2023
कोरोना के नये स्ट्रेन New strains of corona

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने का अटल ने प्रारम्भ किया था : योगी

26/12/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version