• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्रि से पहले कर लें यह महाउपाय, हर मुसीबत होगी दूर

Writer D by Writer D
17/06/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Gupt Navratri

Gupt Navratri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

आषाढ़ नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) के रुप में जाना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों की अवधि, जो शक्ति, देवी मां के नौ रूपों को समर्पित है। आषाढ़ नवरात्रि या गुप्त नवरात्रि जून या जुलाई के समय में आती है। इस दौरान लोग गुप्त साधना कर देवी मां को प्रसन्न करते हैं। वैसे नवरात्रि साल में कुल 4 बार आती है। चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, अश्विन गुप्त नवरात्रि।

हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2025 में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) की शुरूआत 26 जून, गुरुवार के दिन से हो रही है जो 4 जुलाई तक चलेंगे। इस गुप्त नवरात्रि के अवसर पर 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधनाओं का महत्व होता है। गुप्त नवरात्रि में देवी मां काली की आराधना की जाती है। साथ ही मां के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।

आषाढ़ माह में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) से पहले जरूर कर लें यह महाउपाय इससे हर मुसीबत होगी दूर होती है। यहां पढ़ें 5 महाउपाय जो गुप्त नवरात्रि से पहले करें, जो आपको आने वाले दिनों में तरक्की दिला सकते हैं।

मुख्य द्वार पर गंगाजल

घर के मुख्य द्वार को गंगाजल से पवित्र करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा हटती है। दरिद्रता, क्लेश और रोग दूर होते हैं। मंत्र: “ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।”

काली हल्दी की पूजा

शनिवार या अमावस्या से पहले काली हल्दी की पूजा करें। काली हल्दी पर सिंदूर लगाकर लाल कपड़े में बांधें और तिजोरी या धन स्थान पर रखें। धन वृद्धि, शत्रु नियंत्रण और व्यापार में सफलता का योग बनता है।

पीपल के पेड़ की पूजा

पीपल के वृक्ष पर दीपक जलाएं (शनि, मंगलवार, शनिवार) विशेष रूप से शनि दोष, पितृ दोष, और अदृश्य बाधाओं से राहत मिलती है। शाम को सूरज ढलते समय यह उपाय करें।

पाठ

त्रिपुरसुंदरी कवच या दुर्गा सप्तशती के कवच का पाठ शुरू करें मानसिक, पारिवारिक और व्यावसायिक सुरक्षा मिलती है। 9 दिन तक प्रतिदिन नियमित रूप से पाठ करें।

चमेली के तेल का दीपक

चमेली के तेल का दीपक हनुमान जी के आगे जलाएं। ऐसा करने से भय, तंत्र बाधा और नजर दोष दूर होता है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को लाभकारी।

शुभ मंत्र –ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे प्रतिदिन 108 बार जप करें।

Tags: Gupt Navratri
Previous Post

राज पंचक शुरू, अगले 5 दिन इन बातों की रखें सावधानी

Next Post

हर मंगलवार को करें यह गुप्त उपाय, मिलेगा बजरंगबली का आशीर्वाद

Writer D

Writer D

Related Posts

De Tan
फैशन/शैली

अंगूर के फेस पैक से मिलेगा निखार, ऐसे करें इस्तेमाल

12/05/2026
CM Yogi
Main Slider

हमने पिछली सरकारों के गड्ढों को भरा, अब यूपी को बुलेट ट्रेन की स्पीड से आगे बढ़ाने की बारी: सीएम योगी

11/05/2026
CM Dhami
Main Slider

नया भारत आतंकवाद का जवाब घर में घुसकर देता है: धामी

11/05/2026
mayawati
Main Slider

UP की कानून-व्यवस्था पर मायावती का हमला, ब्राह्मण समाज को बताया असुरक्षित

11/05/2026
Akhilesh Yadav
Main Slider

प्रचार ऑफलाइन, अब WFH की सलाह? अखिलेश का मोदी सरकार पर वार

11/05/2026
Next Post
Bada Mangal)

हर मंगलवार को करें यह गुप्त उपाय, मिलेगा बजरंगबली का आशीर्वाद

यह भी पढ़ें

Diwali

दिवाली पर बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

26/09/2021
By-election

यूपी उपचुनाव: मैनपुरी में अबतक पड़े 7.08 फीसदी वोट, तो रामपुर में मात्र 3.97 हुआ मतदान

05/12/2022
BJP

‘हमारे नेता की हत्या हुई है’, सीएम नीतीश कुमार पर मर्डर का केस कराएगी बीजेपी

13/07/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version