• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पितृपक्ष में कराया जाता है जीवों को भोजन, जानें इसका पौराणिक महत्व

Writer D by Writer D
05/09/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Pitru Paksha

Pitru Paksha

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए हर साल पितृपक्ष (Pitru Paksha) के दौरान कई कर्मकांड व पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यता है कि पितृपक्ष (Pitru Paksha) के दौरान हमारे पूर्वजों की आत्माएं धरतीलोक पर आती है और पशु-पक्षियों के माध्यम से भोजन ग्रहण करती है और हमें आशीर्वाद देती है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि से श्राद्ध पक्ष या पितृ पक्ष (Pitru Paksha) की शुरुआत होती है, जिसका समापन अश्विन माह के अमावस्या तिथि को होता है। पंचांग के अनुसार इस साल 29 सितंबर से पितृपक्ष शुरू होगा और 14 अक्टूबर 2023 को समापन होगा।

पिंडदान, तर्पण व श्राद्ध कर्म का महत्व

पंडित आशीष शर्मा के अनुसार, श्राद्ध के 16 दिनों के दौरान पितरों की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है। पौराणिक मान्यता है कि पितृपक्ष (Pitru Paksha) के दौरान पशु-पक्षियों के लिए भोजन का अंश निकाला जाता है। इसके बिना श्राद्ध कर्म अधूरा माना जाता है। पितरों के लिए निकाले गए इस अन्न को पंचबलि कहा जाता है।

पितरों के लिए दी जाती है आहुति

Pitru Paksha में कंडा जलाकर 3 आहुति दी जाती है। इसके बाद भोजन को अलग-अलग पांच भागों में बांटकर गाय, कुत्ता, चींटी, कौवा और देवताओं के लिए रखा जाता है। इसके बाद पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।

5 अंश भोजन का पंचतत्व से संबंध

धार्मिक मान्यता है कि पितरों के निमित्त श्राद्ध कर्म में जो भोजन पशु-पक्षियों को कराया जाता है, उसमें गाय, कुत्ता, कौवा और चींटियों व देवता शामिल होते हैं। ये सभी पंचतत्व के समान होते हैं। कुत्ते को जल तत्त्व, चींटी को अग्नि तत्व, कौए को वायु तत्व, गाय को पृथ्वी तत्व और देवताओं को आकाश तत्व का प्रतीक माना जाता है।

Tags: pitru pakshaPitru Paksha 2023Pitru Paksha importancepitru paksha pujaPitru Paksha timePitru Pakshadate
Previous Post

इन चीजों को आज ही कर दें घर से बाहर, वरना रुष्ट हो जाएंगी मां लक्ष्मी

Next Post

ब्लैकहैड्स से चेहरा हो गया है खराब, तो हफ्ते में एक बार जरूर करें ये काम

Writer D

Writer D

Related Posts

hair
फैशन/शैली

डैमेज बालों को रिपेयर करेगी कॉफी, ऐसे करें इस्तेमाल

14/05/2026
Aloe Vera
फैशन/शैली

रात को चेहरे पर लगाएं ये सीरम, सुबह पाएं कमाल का निखार

14/05/2026
Cumin
फैशन/शैली

फेस पर करें जीरे का स्क्रब, स्किन पर आएगा ग्लो

13/05/2026
फैशन/शैली

झड़ते-गिरते बालों से है परेशान, तो करें ये उपाय

13/05/2026
mango pickle
फैशन/शैली

सालों-साल तक अचार नहीं होंगे खराब, इन तरीकों से करें रखरखाव

13/05/2026
Next Post
Black heads

ब्लैकहैड्स से चेहरा हो गया है खराब, तो हफ्ते में एक बार जरूर करें ये काम

यह भी पढ़ें

NBFC

एनबीएफसी को समझदारी के साथ कदम उठाने की जरूरत

30/10/2020
CM Yogi launched 'Pahal' portal

कांवड़ियों को न हो कोई समस्या, सुरक्षा और सुविधा का रखा जाए पूरा ध्यान : योगी आदित्यनाथ

26/06/2025
Janeshwar Mishra Park

‘जनेश्वर मिश्र पार्क’ को आधुनिक स्पोर्ट्स जोन बनाने तैयारी में योगी सरकार

27/06/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version