• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हरिद्वार में पीने लायक नहीं गंगाजल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में खुलासा

Desk by Desk
30/11/2020
in Main Slider, उत्तराखंड, स्वास्थ्य
0
Haridwar

Haridwar

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हरिद्वार : लाख प्रयासों के बावजूद हरिद्वार में गंगाजल पीने लायक नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच के बाद जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि हरकी पैड़ी सहित चार जगहों से लिए पानी के सैंपल में वाटर क्वालिटी का मानक बी श्रेणी का आया है। पानी में टोटल कोलीफार्म बैक्टीरिया की मात्रा स्टैंडर्ड मानक से अधिक मिली है। पीसीबी के अनुसार, बी श्रेणी का पानी बिना फिल्टर पीने योग्य नहीं होता है हालांकि नहाने के लिए यह पूरी तरह सुरक्षित है।

देव दीपावली मनाने काशी पहुंचे आडवाणी, मीडिया से रहे दूर

भीमगोड़ा बैराज से 14 नवंबर की रात गंगा में पानी छोड़ा गया था। इससे पहले गंगा बंदी के दौरान घाटों की सफाई की गई थी। पानी छोड़ने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने हरकी पैड़ी, बिशनपुर कुंडी, बालाकुमारी मंदिर जगजीतपुर और रुड़की में गंगनहर से पानी के सैंपल लिए थे। पीसीबी ने जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। इसके अनुसार गंगा के पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया का स्तर स्टैंडर्ड मानक से अधिक पाया गया है। हरकी पैड़ी से लिए गए सैंपल में बैक्टीरिया का स्तर 70 एमपीएन दर्ज हुआ है। जबकि रुड़की गंगनहर में इसकी मात्रा 120 एमपीएन है।

चार बार जरूरतमंद को प्लाज़्मा दान कर राज्य के पहले प्लाज़्मा डोनर बनें हेमनानी

हालांकि, पानी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड की मात्रा ठीक मिली है। हरकी पैड़ी पर इसकी मात्रा एक एमजी प्रति लीटर, बालाकुमारी मंदिर के पास 1.2, बिशनपुर में 1.2 और रुड़की गंगनहर में एक एमजी प्रति लीटर मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, जल में एमपीएन की मात्रा अधिक होने के चलते यह स्नान करने के लिए तो सुरक्षित है, लेकिन आचमन के लिए ठीक नहीं है।

Tags: Dehradun Hindi SamacharDehradun News in Hindiexclusiveganga riverganga waterharidwar newsharki pauriLatest Dehradun News in HindiNamami Gange ProjectPollution Control BoardUttarakhand Newsएक्सक्लूसिवगंगाजलनमामि गंगे परियोजना
Previous Post

देव दीपावली मनाने काशी पहुंचे आडवाणी, मीडिया से रहे दूर

Next Post

जब किसान आवाज़ उठाता है तो उसकी आवाज़ पूरे देश में गूंजती है : राहुल-प्रियंका

Desk

Desk

Related Posts

Coconut Oil
Main Slider

फूलों सा निखार के लिए करें इन चीजों का सेवन

15/07/2026
Anand Bardhan instructed the Tourism Department to prepare a roadmap for five years.
उत्तराखंड

उत्तराखंड में 5 साल का रोडमैप बनेगा, नए डेस्टिनेशन और ग्लैंपिंग प्रोजेक्ट्स पर जोर

14/07/2026
उत्तराखंड

मुख्य सचिव ने दिए 100% कचरा पृथक्करण के निर्देश

14/07/2026
उत्तराखंड

सीएम धामी ने ₹38 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी, पेंशनरों की महंगाई राहत भी बढ़ाई

14/07/2026
Launch of the Bhuli programme
Main Slider

‘भुली’ कार्यक्रम का शुभारंभ: उत्तराखंड की 150 महिला उद्यमियों को मिलेगा तकनीकी, वित्तीय और विपणन सहयोग

14/07/2026
Next Post
Congress

जब किसान आवाज़ उठाता है तो उसकी आवाज़ पूरे देश में गूंजती है : राहुल-प्रियंका

यह भी पढ़ें

cm yogi

कोई भी समाज तभी आत्मनिर्भर बन सकता है, जब वह सरकार से आगे चले : योगी

20/11/2020
Innocent woman was taking a selfie after hanging herself

फंदा लगाकर सेल्फी ले रही थी मासूम, कुर्सी फिसलने से चली गई जान

24/12/2020
arrested

मासूम के साथ अश्लील हरकतें करने वाला सौतेला पिता गिरफ्तार

08/05/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version