• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

तकनीकी खराबी के कारण GISAT-1 की लॉन्चिंग टली, अब 18 अप्रैल को

Desk by Desk
27/03/2021
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, ख़ास खबर, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
GISAT-1

GISAT-1

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने तकनीकी खराबी के चलते अपने जियो इमेजिंग सैटेलाइट GISAT-1 की लॉन्चिंग को टाल दिया है। GISAT-1 को GSLV-F10 से 28 मार्च को अंतरिक्ष में रवाना किया जाना था।

सीएम योगी ने बहराइच को दी 333 करोड़ की सौगात

इसरो के अधिकारियों ने बताया है कि, सैटेलाइट में कुछ तकनीकी खराबी का पता चला है जिसके चलते इसके प्रक्षेपण कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अब इस सैटेलाइट को 18 अप्रैल को रवाना किया जाएगा।

ये दूसरा मौका है जब GISAT-1 की लॉन्चिंग को टालना पड़ा

ये दूसरा मौका है जब GISAT-1 की लॉन्चिंग को टालना पड़ा है। इस से पहले पांच मार्च को इस सैटेलाइट को चेन्नई से 100 किलोमीटर दूर स्थित श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाना था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते इसे आगे के लिए टाल दिया गया था। इसरो ने इस से पहले बताया था कि, कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन से GISAT-1 का कार्य प्रभावित हुआ था और इसी कारण इसके लॉन्च में देरी हो रही है।

अंतरिक्ष में भारत की आंख बनकर करेगा काम

इसरो के प्रमुख के सिवन ने इस से पहले बताया था कि, GISAT-1 धरती के हर भाग को बारीकी से देखने वाला देश का पहला सैटेलाइट होगा। लगभग 2,268 किलोग्राम वजन का ये सैटेलाइट धरती से 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में लॉन्च किया जाएगा, जो अंतरिक्ष में भारत की आंख बनकर काम करेगा।

यह एक अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट है जो अंतरिक्ष से भारत की जमीन और उसकी सीमाओं पर नजर रखेगा और सीमा की सुरक्षा के लिए बेहद काम आएगा। के सिवन ने बताया था कि सैटेलाइट देश के जमीनी विकास और आपदा प्रबंधन में काफी मददगार साबित होगा। प्राकृतिक आपदा के समय यह सैटेलाइट कई रिजॉल्यूशन में तस्वीरें उपलब्ध कराएगा, जिससे बहुत फायदा होगा। ऐसे समय में धरती की जल्द तस्वीरें मिलने से बचाव कदम उठाने में भी आसानी हो जाएगी।

Tags: GISAT-1ISROK Sivanspace centresriharikotaअंतरिक्ष केंद्रइसरोके सिवानजीसेट-1श्रीहरिकोटा
Previous Post

सपा और प्रसपा हो एकजुट, शिवपाल ने भतीजे को दिया विजयश्री का आशीष

Next Post

पीएम मोदी पर ममता बनर्जी ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का लगाया आरोप

Desk

Desk

Related Posts

Savin Bansal
राजनीति

जिला प्रशासन की दर से नहीं लौटता कोई खाली, सब जगह से थकहार संजीव पहुंचा था डीएम द्वार

21/05/2026
Sushma Kharwal
Main Slider

लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय-प्रशासनिक अधिकार सीज, जानें पूरा मामला

21/05/2026
cm yogi
Main Slider

भीषण गर्मी पर सीएम योगी ने दिए सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश

21/05/2026
R. Rajesh Kumar
राजनीति

बदलेगा केदारघाटी और जोशीमठ का इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस

21/05/2026
Dearness Allowances
Main Slider

सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने बढ़ाया दो फीसदी महंगाई भत्ता

21/05/2026
Next Post
Mamata Banerjee

पीएम मोदी पर ममता बनर्जी ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का लगाया आरोप

यह भी पढ़ें

Illegal Liquor

चार अन्तरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 50 लाख की शराब पकड़ी

21/01/2023
Basant Panchami

कब है बसंत पंचमी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

21/01/2026

12 घंटे की पूछताछ के बाद मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा गिरफ्तार

09/10/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version