• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

International disability day: कुछ ऐसे दिव्यांगजन जो सभी के लिए बने उदाहरण

Desk by Desk
03/12/2020
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, ख़ास खबर
0
disability day

disability day

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली : दिव्यांग शारीरिक तौर पर अक्षम हो सकते हैं पर उनमें अपार संभावनाएं होते हैं। खुद के हौसले बुलंद हों और लोगों का थोड़ा सा सहयोग मिले तो वह भी आम इंसान की तरह ही कमाल कर के दिखा सकते हैं। यह कहना है तमाम दुविधा, समस्या और नकारात्मक माहौल से उबरकर केंद्रीय विद्यालय में मेंटल मैथ के शिक्षक हिमानी बुंदेला का। हिमानी की दोनों आंखों की रोशनी एक एक्सीडेंट में उस समय चली गईं जब वह 11वीं में थीं। बावजूद, हिमानी ने हिम्मत नहीं हारी और हौसलों से सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गईं। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर पेश है ऐसे ही दिव्यांगजनों की कहानी, उन्हीं की जुबानी, जो आज दूसरों के लिए नजीर है…।

कोविड-19 वैक्सीन को लेकर इंटरपोल ने अलर्ट किया जारी, अपराधी कर सकते हैं हमला

पीसीएस अधिकारी आदर्श कुमार कहते हैं कि अपने जैसे दूसरे दिव्यांगों की मदद के लिए ही पीसीएस किया क्रैक
पांच साल की उम्र में पोलियो और कक्षा 7 में मेरी मस्तिष्क ज्वर से श्रवण शक्ति कम हो गई, लेकिन हार नहीं मानी। मैं खुद को दिव्यांग नहीं मानता था। बचपन से किताबों से गहरा लगाव रहा और वही मेरी सबसे बड़ी साथी बनी। शिक्षक जब क्लास में बोलते तो समझ नहीं पाता था तो उनके चेहरे और होठों से उनके बोल समझने लगा। ऐेसे ही इंटर कर कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक और पीजी किया। फिर 2010 में पुनर्वास विवि से बीएड विशेष शिक्षा, फिर एमएड, नेट-जेआरएफ और शोध किया।

तिलकोत्सव के दौरान हर्ष फायरिंग, एक युवक की मौत

दूसरों के लिए कुछ करने के जुनून ने मुझे प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर मोड़ दिया। इसमें शिक्षक डॉ. मृत्युंजय मिश्रा ने मार्गदर्शन किया। वर्ष 2015 में मैं शिक्षक बना तो लगा कि अब कुड बड़ा करना है। मैं निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता गया और अंत मे 2018 की पीसीएस परीक्षा में सफलता मिली और श्रम परिवर्तन अधिकारी के पद पर चयन हो गया।

Tags: exclusiveInternational disability dayinternational disability day 2020Latest Lucknow PhotographsLatest Lucknow photosLucknow ImagesLucknow NewsLucknow PhotosUttar Pradesh Newsअंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगता दिवसएक्सक्लूसिव
Previous Post

कोविड-19 वैक्सीन को लेकर इंटरपोल ने अलर्ट किया जारी, अपराधी कर सकते हैं हमला

Next Post

यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतगणना शुरू, जानें कब आएंगे नतीजे?

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी बोले-देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं

22/05/2026
Bhojshala
Main Slider

भोजशाला में 721 वर्ष बाद शुक्रवार को हुई महाआरती, वाग्देवी की प्रतिमा रखकर किया पूजन

22/05/2026
CM Yogi
Main Slider

सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

22/05/2026
CM Yogi
Main Slider

बहन-बेटियों के साथ इज्जत से पेश आओ, वरना अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करते मिलेंगे : योगी आदित्यनाथ

22/05/2026
promotion
Main Slider

काम से खुश होकर सीएम योगी ने दिया तोहफा, 104 एसडीएम की बढ़ी सैलरी और पद

22/05/2026
Next Post
यूपी विधान परिषद मतगणना Counting begins for UP Legislative Council

यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतगणना शुरू, जानें कब आएंगे नतीजे?

यह भी पढ़ें

AK Sharma

एके शर्मा ने “ट्रस्ट बिलिंग” व्यवस्था का किया शुभारंभ, कंज्यूमर ऐप किया लॉन्च

26/11/2023
एप्पल साइडर विनेगर

अस्थमा को कम करता है सेब का जूस, जानें कैसे

10/04/2026
Akhilesh Yadav

अबु आजमी के निलंबन पर भड़के अखिलेश यादव, बोले- हमारे विधायक…

05/03/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version