• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

देश के 52वें CJI बने जस्टिस BR गवई, राष्ट्रपति ने दिलाई पद और गोपनियता की शपथ दिलाई

Writer D by Writer D
14/05/2025
in नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
BR Gavai

BR Gavai

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई (BR Gavai ) देश के नए मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। उन्होंने आज बुधवार को देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में एक संक्षिप्त समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस गवई को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। उन्होंने हिंदी में शपथ ली।

उन्होंने जस्टिस संजीव खन्ना की जगह ली है जो कल मंगलवार को रिटायर हो गए। उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्पीकर ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के अलावा पूर्व सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी शामिल हुए। पद की शपथ लेने के बाद जस्टिस गवई (BR Gavai ) ने अपनी मां के पैर छुए। वह 6 महीने तक पद पर रहेंगे।

इससे पहले जस्टिस गवई (BR Gavai ) को मंगलवार को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश यानी CJI नियुक्त किया गया। विधि मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, जस्टिस गवई को देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की गई।

मई 2019 में बने थे SC के जज

जस्टिस गवई का बतौर सीजेआई कार्यकाल 6 महीने का होगा। वह 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए थे। वह इसी साल 23 नवंबर को 65 साल की आयु होने पर रिटायर हो जाएंगे। वह सीजेआई संजीव खन्ना के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं।

महाराष्ट्र के अमरावती में 24 नवंबर 1960 को जन्मे जस्टिस गवई (BR Gavai ) को 14 नवंबर 2003 को बॉम्बे हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में प्रमोट किया गया था। फिर वह 12 नवंबर 2005 को हाई कोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बनाए गए।

कई अहम फैसलों वाली पीठ का हिस्सा

इससे पहले वह 16 मार्च 1985 को बार में शामिल हुए और नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती यूनिवर्सिटी के स्थायी वकील रहे थे। फिर वह अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त सरकारी अभियोजक नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें 17 जनवरी 2000 को नागपुर पीठ के लिए सरकारी वकील नियुक्त किया गया।

पाक ने BSF रेंजर को भारत भेजा, 21 दिन बाद वतन लौटे पूर्णम कुमार

सुप्रीम कोर्ट में आने के बाद जस्टिस गवई यहां की कई संविधान पीठों का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने अहम फैसले सुनाए। वह 5 जजों वाली उस संविधान पीठ का भी हिस्सा रहे, जिसने दिसंबर 2023 में सर्वसम्मति से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को सही ठहराया था। वह चुनावी बॉण्ड योजना को रद्द करने वाले पीठ का भी हिस्सा रहे। वह केंद्र के 2016 के उस फैसले को मंजूरी देने वाली पीठ का भी हिस्सा रहे जिसने 4:1 के बहुमत के 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट को बंद करने पर अपना फैसला सुनाया था।

Tags: BR GavaiNational newsSupreme Court
Previous Post

पाक ने BSF रेंजर को भारत भेजा, 21 दिन बाद वतन लौटे पूर्णम कुमार

Next Post

अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा…, चीनी चालबाजी पर भारत की दो टूक

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

‘ मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में सीएम धामी ने युवा प्रतिभाओं से किया संवाद, तकनीक और इनोवेशन पर हुई चर्चा

18/09/2026
उत्तराखंड

दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर, एमएसपी पर खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजने के निर्देश

18/09/2026
उत्तराखंड

युवाओं के विचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

18/09/2026
उत्तराखंड

सीसीटीएनएस में उत्तराखंड की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधरी, 13वें से 9वें स्थान पर पहुंचा राज्य

18/09/2026
उत्तराखंड

नेपाल आपदा राहत सहायता दल को सीएम धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

18/09/2026
Next Post
India's blunt answer on China's nefarious act

अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा..., चीनी चालबाजी पर भारत की दो टूक

यह भी पढ़ें

Burnt Alive

पति की अचानक मौत पर पत्नी ने खुद को आग लगाकर दे दी जान

24/04/2021
Board Exams

UP Board: इस बार जिलों में भी बनेंगे कंट्रोल रूम, बोर्ड परीक्षा में रहेगी बेहद कड़ी निगरानी

21/03/2022

लखनऊ की बेटी ने बढ़ाया मान, NASDAQ की दीवार पर मिली जगह

24/09/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version