• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानें कब है साल की पहली अमावस्या?,

Writer D by Writer D
20/01/2023
in धर्म, फैशन/शैली
0
Mauni Amavasya

Mauni Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) कहा जाता है. मौनी अमावस्या पर मौन रहकर पवित्र नदी या जलकुंड में स्नान और दान करने का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा कहते हैं कि मौनी अमावस्या पर दान-स्नान करने से इंसान के सारे पाप मिट जाते हैं और उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्‍या (Mauni Amavasya) के दिन प्रयागराज के संगम में स्‍नान करना भी बहुत लाभकारी बताया गया है.

कब है मौनी अमावस्या? (Mauni Amavasya)

इस वर्ष मौनी अमावस्या की तिथि को लेकर लोगों में बहुत कन्फ्यूजन है. कुछ लोग 21 जनवरी तो कुछ 22 जनवरी को मौनी अमावस्या बता रहे हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या शनिवार, 21 जनवरी को सुबह 06 बजकर 16 मिनट से लेकर अगले दिन रविवार, 22 जनवरी को रात 02 बजकर 22 मिनट तक रहेगी. लेकिन उदया तिथि के कारण मौनी अमावस्या 21 जनवरी को ही मनाई जाएगी.

दान-स्नान का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषविदों की मानें तो 21 जनवरी को सुबह 8 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 52 मिनट के बीच स्नान और दान-धर्म से जुड़े कार्य करने का शुभ मुहूर्त रहेगा. इस दौरान पवित्र नदी या कुंड में स्नान करने के बाद गरीब और जरूरतमंद लोगों को ठंड से बचने के लिए कम्बल, गुड़ और तिल का दान कर सकते हैं. पवित्र नदी में आस्था की डुबकी लेते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ और ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप जरूर करें.

क्यों खास होती है मौनी अमावस्या? (Mauni Amavasya)

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर पितरों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है. इससे तर्पण करने वालों को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस दिन नदी के घाट पर जाकर पितरों का तर्पण और दान करने से कुंडली के दोषों से मुक्ति पाई जाती है.

इसके अलावा, इस दिन मौन व्रत रखने से वाक् सिद्धि की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन मौन व्रत का विशेष महत्व होता है. मौन व्रत का अर्थ खुद के अंतर्मन में झांकना, ध्यान करना और भगवान की भक्ति में खो जाने से है.

Tags: Mauni Amavasya 2023mauni amavasya kab hai
Previous Post

जानें कब है बसंत पंचमी, नोट करें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Next Post

मांगलिक दोष पैदा करता हैं शादी में बाधा, इन उपायों से करें इसे कम

Writer D

Writer D

Related Posts

Cucumber Face Pack
Main Slider

चेहरे पर लगाएं ये स्पेशल फेस पैक, निखार देख हर कोई पूछेगा सीक्रेट

05/07/2026
Jewellery
Main Slider

वर्क प्लेस में इस तरह की ज्वेलरी करें कैरी, दिखेंगी अट्रेक्टिव

05/07/2026
Sunscreen
फैशन/शैली

सनस्क्रीन से चेहरा लगता है काला, तो जानें सही तरीका

05/07/2026
Partner
Main Slider

ये संकेत इशारा करते है की आपका पार्टनर है मतलबी

05/07/2026
Spouse
फैशन/शैली

रिलेशनशिप में झगड़े की वजह बनती है ये चीजें

05/07/2026
Next Post
Manglik dosh

मांगलिक दोष पैदा करता हैं शादी में बाधा, इन उपायों से करें इसे कम

यह भी पढ़ें

Om Prakash Chautala

फिर जेल पहुंचे पूर्व सीएम, आय से अधिक संपत्ति मामले में चौटाला को 4 साल की सजा

27/05/2022
Paneer Makhani

इस तरह बनाए व्रत वाली बिना प्याज-लहसुन की पनीर मखनी

26/02/2025
Landslide in Sonprayag

केदारनाथ में बड़ा हादसा, भूस्खलन की चपेट में आने से अब तक पांच की मौत

10/09/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version