लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रहने वाले श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके और उनके परिवार की स्थिति में सुधार लाने की सरकार तैयारी कर रही है । इसी कड़ी में 12 फरवरी को लखनऊ मंडल में सामूहिक विवाह (Marriage) का आयोजन किया जा रहा है। श्रम विभाग पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों का सामूहिक विवाह कराएगा।
श्रम एंव सेवायोजन मंत्री अनिल ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘श्रमेव जयते‘ के नारे ने श्रमिकों को न केवल सम्मान दिया है, बल्कि उनकी पूरी जीवन शैली को ही बदल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार श्रमिकों और मजदूरों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। सरकार की प्राथमिकता पर किसानों और मजदूरों के हितलाभ के लिए चलाई गयी योजनाओं ने उनके जीवन को सम्बल प्रदान करने का कार्य किया है। इससे उत्तर प्रदेश में रहने वाले एक-एक श्रमिक का जीवन बदलेगा।
श्रम एंव सेवायोजन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बच्चे के पैदा होने से लेकर उसके पूरे जीवन भर के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी की जड़ अशिक्षा है, इसलिए नवोदय की तर्ज पर अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जा रही है, ताकि इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके।
प्रदेश में रहने वाले एक-एक श्रमिक को सरकारी योजनाओं से जुड़ना होगा, ताकि उनके और उनके परिवार की स्थिति में सुधार आ सके। इसके लिए सभी श्रमिकों को अपना पंजीकरण कराना होगा। कहा कि इसके लिए प्रदेश के हर जनपद में जागरूकता अभियान चलाये जायेंगे, जिससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उनका जीवन भी परिवर्तित होगा। बताया कि पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों का विवाह सामूहिक विवाह कार्यक्रम माध्यम से कराने जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आगामी 22 फरवरी, 2023 में लखनऊ मण्डल, लखनऊ में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। उन्होंने श्रमिकों को सामूहिक विवाह सहित सभी योजनाओं से लाभान्वित होने का अनुरोध भी किया।









