• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

राम मंदिर दान विवाद में नया मोड़, एक और महंत ने उठाए सवाल

Writer D by Writer D
11/06/2026
in अयोध्या, उत्तर प्रदेश
0
Ram Mandir

Ram Mandir

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Ram Mandir) में दान राशि की हेराफेरी और चढ़ावा चोरी का गंभीर मामला अब देश के शीर्ष नेतृत्व यानी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता डॉ. रजनीश सिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में एक शिकायती पत्र भेजे जाने के बाद इस पूरे प्रकरण ने एक नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। इस शिकायत के बाद राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र सोमवार को अचानक बेहद गोपनीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, नृपेंद्र मिश्र ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों और मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े प्रमुख आला अधिकारियों के साथ बंद कमरे में एक मैराथन बैठक की। इस बैठक की कार्यसूची और चर्चा से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे प्रशासनिक हलकों में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण बैठक को संपन्न करने के बाद मिश्र मंगलवार सुबह वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जिसके बाद यह चर्चा तेज है कि मंदिर प्रशासन और हालिया घटनाक्रम को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट सीधे शीर्ष स्तर को सौंपी जा सकती है।

इस विवाद के सामने आने के बाद अब अयोध्या के प्रतिष्ठित संतों और महंतों की एंट्री भी इस मामले में हो गई है, जिन्होंने जांच की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान व्यवस्था को लेकर उठे इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत कमल नयन दास ने कहा कि यदि मंदिर परिसर में कहीं भी कोई गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच अवश्य कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हर कोई एक-दूसरे पर आरोप लगा रहा है और यहां तक कि जांच करने वाले अधिकारियों की निष्पक्षता और ईमानदारी पर भी प्रश्नचिह्न लगाए जा रहे हैं, जिससे आम श्रद्धालुओं के मन में एक गहरा संदेह पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में निष्पक्ष जांच करना एक बड़ी चुनौती बन गया है, लेकिन अंततः भगवान सब देख रहे हैं और न्याय भी वही करेंगे। दूसरी तरफ, सरयू तट स्थित करतलिया आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने भी इन आरोपों को बेहद निंदनीय और चिंताजनक बताते हुए कहा कि स्थानीय अखबारों और सोशल मीडिया पर जो वीडियो और साक्ष्य वायरल हो रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि अगर आरोप झूठे हैं तो भी प्रशासन को स्थिति पूरी तरह साफ करनी चाहिए ताकि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के मन में फैला भ्रम दूर हो सके।

उधर, इस पूरे मामले को पीएमओ तक ले जाने वाले भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह अपने स्टैंड पर पूरी तरह कायम हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में पूरे प्रकरण की एक उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की पुरजोर मांग की है। डॉ. सिंह ने अपने पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर विश्व भर के करोड़ों सनातनियों और श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र है, इसलिए दान, चढ़ावे और मंदिर के आंतरिक प्रशासन से जुड़े किसी भी वित्तीय आरोप की पूर्णतः पारदर्शी जांच होना देशहित और धर्महित में बेहद आवश्यक है।

उन्होंने तर्क दिया कि यदि मंदिर प्रबंधन पर लगाए गए ये आरोप गलत और निराधार हैं, तो एक आधिकारिक जांच के माध्यम से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाना चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके, और यदि वास्तव में कहीं कोई वित्तीय हेराफेरी या अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। डॉ. सिंह के अनुसार, राम मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास सबसे सर्वोपरि है और उस पवित्र विश्वास को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हर स्तर पर पारदर्शिता जरूरी है, जिससे अब यह पूरा मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहकर सीधे तौर पर जवाबदेही और प्रशासनिक शुचिता के केंद्र में आ गया है।

Tags: ayodhya newsram mandirup news
Previous Post

TMC को एक और झटका, राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा

Next Post

इस जिले की पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी, एक लाख से अधिक नाम हुए कम

Writer D

Writer D

Related Posts

Plantation
उत्तर प्रदेश

गोरखपुर से पौधरोपण महायज्ञ का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री योगी

11/07/2026
Digital Library
उत्तर प्रदेश

गांव के होनहारों को अफसर बनाने के लिए योगी सरकार का मेगा प्लान

11/07/2026
SACHIS
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की पहल पर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने को साचीज ने चलाया अभियान

11/07/2026
CM Yogi inaugurated 39 development projects
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार के जीरो पॉवर्टी अभियान को मिली रफ्तार, 4.25 लाख परिवारों तक पहुंचीं सरकारी योजनाएं

11/07/2026
CM Yogi
आगरा

योगी सरकार का नकली दवा माफिया पर सबसे बड़ा प्रहार, आगरा में जालसाज सिंडिकेट की कमर टूटी

11/07/2026
Next Post
Panchayat Elections

इस जिले की पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी, एक लाख से अधिक नाम हुए कम

यह भी पढ़ें

CM Vishnu dev Sai

छत्तीसगढ़ सरकार के 2 वर्ष पूरे, जनविश्वास से जनकल्याण तक का सफर

13/12/2025
Life Imprisonment

दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास

30/07/2023
जीसी मुर्मू ने ली शपथ

राष्ट्रपति भवन में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जीसी मुर्मू ने ली शपथ, बने नए CAG

08/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version