नई दिल्ली| किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ जब सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) को आईपीएल 2020 (IPL 2020) की अपनी सातवीं हार का सामना करना पड़ा, तो लगभग हर किसी ने मान लिया कि डेविड वॉर्नर (David Warner) की कप्तानी में खेल रही टीम प्लेऑफ में अपनी जगह बनाने में कामयाब नहीं होगी।
पंजाब के खिलाफ जिस तरह से टीम की बैटिंग ताश के पत्तों की तरह बिखर गई थी, उसके बाद जरूरत थी टीम में कुछ बदलाव की और वापस टीम को एकजुट करने की। कप्तान वॉर्नर ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ बड़ा दांव खेला और जॉनी बेयरस्टो को बाहर बैठाकर टेस्ट क्रिकेट के प्लेयर कहे जाने वाले ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) के साथ पारी की शुरुआत करने का फैसला किया। टीम का यह बदलाव ऐसा काम किया कि हैदराबाद ने अगले तीन मैचों में टॉप तीन टीमों को हराकर प्लेऑफ का अपना टिकट कटवा लिया।
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बेयरस्टो की जगह वॉर्नर के साथ सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे ऋद्धिमान साहा ने दिल्ली के खिलाफ 45 गेंदों में 87 रनों की तूफानी पारी खेलकर कप्तान के फैसले को एकदम सही साबित कर दिया। साहा की उस ताबड़तोड़ पारी ने टीम को दिल्ली के खिलाफ 88 रनों की बड़ी जीत दिलाई। दिल्ली के खिलाफ मिली जीत से सनराइजर्स हैदराबाद का मनोबल बढ़ा और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ टीम के गेंदबाजों ने गेंद से कहर बरपाया और टीम को एक आसान जीत दिला दी।
हैदराबाद को अपने आखिरी मैच में जीत की दरकार थी, लेकिन मुंबई से पार पाना टीम के लिए बिल्कुल आसान नहीं था। मुंबई के खिलाफ हैदराबाद के लिए सबकुछ सही घटा, टॉस कप्तान वॉर्नर के पक्ष में गिरा और उसके बाद हार्दिक पांड्या और बुमराह को मुंबई ने आराम दे दिया। हैदराबाद के गेंदबाजों ने मुंबई के मजबूत बैटिंग क्रम को टिकने का मौका नहीं दिया लगातार अंतराल पर विकेट चटकाए, जिसके चलते मुंबई 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 149 रन ही बना सकी। लक्ष्य बड़ा नहीं था, लेकिन शारजाह की पिच जिस तरह से इस मैच में स्लो खेली थी उसको देखते हुए बहुत संभल कर खेलने की जरूरत थी।