• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

महाकुंभ से पहले राजस्थान के लाल पत्थरों से सजाया जा रहा नागवासुकी मंदिर

Writer D by Writer D
28/10/2024
in उत्तर प्रदेश, धर्म, प्रयागराज
0
Nagvasuki Temple

Nagvasuki Temple

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

प्रयागराज: महाकुंभ (Maha Kumbh) को दिव्य, भव्य और नव्य रूप देने के लिए यहां के प्रमुख धार्मिक स्थलों को सजाने संवारने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसी के मद्देनजर दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन को लेकर पौराणिक मान्यता वाले नागवासुकी मंदिर (Nagvasuki Temple) को राजस्थानी लाल पत्थरों से सजाने संवारने का काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की मंशा के अनुरूप यहां सौंदर्यीकरण के काम को अंतिम रूप देने के लिए महाकुंभ मेला क्षेत्र में अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम दिन रात काम में जुटी है। प्रदेश सरकार 4.76 करोड़ रुपए से नागवासुकी मंदिर (Nagvasuki Temple) के सौंदर्यीकरण का काम करा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने नागवासुकी मंदिर (Nagvasuki Temple) के सौंदर्यीकरण का काम हर हाल में 15 दिसंबर तक पूरा कर लेने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। ऐसी मान्यता है कि महाकुंभ में समुद्र मंथन करने वाले नागवासुकी के दर्शन मात्र से ही कालसर्प दोष दूर हो जाता है।

इसलिए खास हैं राजस्थानी लाल पत्थर

राजस्थानी लाल पत्थर अपनी खूबसूरती एवं गुणवत्ता के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। ये पत्थर न तो जल्दी ठंडे होते हैं और न ही गर्म। इन पर पानी गिरने के बाद और निखार आ जाता है। इस पत्थर पर नक्काशी करना आसान होता है। इसीलिए यहां राजस्थानी लाल पत्थर का इस्तेमाल लिया जा रहा है।

नागवासुकी (Nagvasuki) का पौराणिक महत्व

पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन में देवताओं और राक्षसों ने नागवासुकी के सहयोग से ही समुद्र मंथन किया था। नागवासुकी को सुमेरु पर्वत में लपेटकर उनका प्रयोग रस्सी के तौर पर किया गया था।

यहां प्राचीन नागवासुकी मंदिर (Nagvasuki Temple) के पुजारी पंडित श्याम बिहारी मिश्र के अनुसार समुद्र मंथन के बाद नागराज वासुकी लहूलुहान हो गए थे। भगवान विष्णु के कहने पर उन्होंने प्रयागराज में इसी जगह आराम किया था। इसी वजह से नागवासुकी मंदिर में श्रद्धालु दर्शन पूजन करते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि नागवासुकी के दर्शन के बिना तीर्थराज प्रयाग की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

Tags: maha kumbhNagvasuki TemplePrayagraj News
Previous Post

‘महाकुंभ पहले से विराट और भव्य होगा’, सीएम योगी ने हरियाणावासियों को किया आमंत्रित

Next Post

दीपोत्सव 2024: अयोध्या में जलेंगे सवा लाख गो दीप

Writer D

Writer D

Related Posts

New Year
धर्म

ऐसे घरों में कभी प्रवेश नहीं करतीं मां लक्ष्मी, बनी रहती है दरिद्रता

27/06/2026
Shani Jayanti
Main Slider

शनिवार के दिन करें ये अद्भुत उपाय, शनि देव रहेंगे मेहरबान

27/06/2026
PM Surya Ghar Yojana
उत्तर प्रदेश

सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पीएम सूर्य घर योजना में बनाया नया कीर्तिमान

26/06/2026
AK Sharma
उत्तर प्रदेश

जनप्रतिनिधियों की मांगों को प्राथमिकता दें, जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो : ए के शर्मा

26/06/2026
CM Yogi inaugurated the centralized kitchen of Akshaya Patra Foundation.
उत्तर प्रदेश

स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्यप्रद व स्वच्छ आहार-विहार आवश्यक : मुख्यमंत्री योगी

26/06/2026
Next Post

दीपोत्सव 2024: अयोध्या में जलेंगे सवा लाख गो दीप

यह भी पढ़ें

भारतीय निवेशकों

नौ दिनों में 4000 अंक टूटा सेंसेक्स, भारतीय निवेशकों को तगड़ा झटका

06/03/2022
pharmaceutical factory

दवा फैक्टरी में गैस पाइप फटा, चार महिला समेत पांच झुलसे

17/11/2023
जन्‍माष्‍टमी

जानिए भगवान विष्णु जी ने क्यों लिया था श्रीकृष्ण के रूप में जन्म

07/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version