आजादी के बाद से लेकर अब तक रायसीना हिल स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय अनगिनत यादें संजोए हुए है। आजादी के बाद की चुनौतियों से लेकर हर बढ़ते कदम का ये साक्षी रहा है। इसी प्रधानमंत्री कार्यालय में पीएम मोदी (PM Modi) अंतिम कैबिनेट की बैठक करेंगे। इसके बाद सेवा तीर्थ (Seva Teerth) भवन में शिफ्ट होंगे। 13 फरवरी की दोपहर 1:30 बजे पीएम सेवा तीर्थ (Seva Teerth) अनावरण करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री औपचारिक रूप से सेवा तीर्थ , कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे। शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे।
सेवा तीर्थ (Seva Teerth) में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित होंगे, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर थे। 1900 के शुरुआती दशक में ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर ने ब्रिटिश शासन की जरूरतों के मुताबिक डिजाइन किया था।
नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे नेशनल म्यूजियम
सरकार की योजना है कि नॉर्थ-साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम में बदला जाएगा। इसे विश्वस्तरीय म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत की सभ्यता को दिखाया जाएगा। इसमें करीब 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूजियम्स में से एक होने की संभावना है।
प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रतीक
बात करें सेवा तीर्थ (Seva Teerth) की तो इसका उद्घाटन देश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रतीक है। यह आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित गुड गवर्नेंस सिस्टम के निर्माण के लिए पीएम मोदी की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है। नए भवन परिसर आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करते हैं।
स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, मॉनिटरिंग नेटवर्क
दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से इंटीग्रेटेड ऑफिस, व्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं हैं। ये सुविधाएं सहयोग, दक्षता, सुचारू संचालन, नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के लिए लाभकारी होंगी। इन परिसरों में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था भी है। जैसे स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, मॉनिटरिंग नेटवर्क और एडवांस इमरजेंसी रिस्पॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, जो अधिकारियों और विजिटर्स के लिए सुरक्षित और सुलभ माहौल सुनिश्चित करती है।









