• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कालानमक चावल को ब्रांड बनाने के लिए पीएम मोदी करेंगे डीएम दीपक मीणा को सम्मानित

Writer D by Writer D
18/04/2022
in उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। करीब 6000 साल पुराना। भगवान गौतम बुद्ध का प्रसाद। सुंगध, स्वाद और पौष्टिकता में बेजोड़ होने की वजह से प्रदेश के एक जिला,एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल सिद्धार्थनगर के कालानमक चावल (Kala Namak Chawal) के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की पहल पर ओडीओपी में शामिल करने के बाद कालानमक को लोकप्रिय बनाने और इसे बासमती की तरह ब्रांड बनाने के लिए शासन के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने जो काम किए हैं उसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) वहां के निवर्तमान जिलाधिकारी दीपक मीना (DM Deepak Meena) को सम्मानित करेंगे। इस बाबत 21 अप्रैल को दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्मान समारोह आयोजित है।

भारत सरकार के कार्मिक, लोकशिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के सचिव वी श्रीनिवास ने इस बाबत उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव को इस बाबत 16 अप्रैल को सूचना दी है।

मालूम हो कि कालानमक की खूबियों के नाते ही प्रदेश सरकार ने 2018 में इसे सिद्धार्थनगर का ओडीओपी घोषित किया। बाद में करीब साल भर पहले इन्हीं खूबियों के नाते केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इसे 5 जिलों (सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, संतकबीरनगर और देवरिया) का ओडीओपी घोषित किया।

इमरजेंसी के समय में लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास हुआ : सीएम योगी

प्रदेश सरकार ने जबसे कालानमक को सिद्धार्थगर का ओडीओपी घोषित किया है तबसे इसे देश-दुनिया में लोकप्रिय बनाने और बासमती की तरह इंटरनेशनल ब्रांड बनाने के लिए प्रयास कर रही है। इस बाबत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल सिद्धार्थनगर  जाकर किसानों और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठकें कर चुके हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर साल भर पहले कपिलवस्तु महोत्सव के दौरान कालनमक महोत्सव का आयोजन भी हो चुका है।देश दुनिया के लोग भगवान बुद्ध के इस प्रसाद की खूबियों से वाकिफ हो इसके लिए किसी आयोजन या पर्व पर देश-विदेश के अतिथियों को दिये जाने वाले गिफ्ट हैंपर में आम तौर पर कालानमक भी होता है। कालानमक से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स की सुविधा के लिए सिद्धार्थनगर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) बनकर तैयार है।

विद्युत चोरी रोकने के साथ ही कटौती कम करने पर करें फोकस : संधु

कृषि वैज्ञानिक आरसी चौधरी के मुताबिक अब तक चावल के लिए कालानमक धान की कुटाई परंपरागत पुरानी मशीनों से होता था। अधिक टूट निकलने से दाने एक रूप नहीं होते थे। भंडारण एवं पैकेजिंग एक बड़ी समस्या थी। सीएफसी में हर चीज की अलग व्यवस्था होगी। पहले धान को डीस्टोनर मशीन से गुजारा जाएगा। इससे इसमें कंकड़-पत्थर अलग हो जाएंगे। धान से भूसी अलग करने और पॉलिशिंग की मशीनें अलग-अलग होंगी। असमान दानों के लिए शॉर्टेक्स मशीन होगी। उत्पादक की मांग के अनुसार पैकिंग की भी व्यवस्था होगी। धान के भंडारण के लिए सामान्य और तैयार चावल को लंबे समय तक इसकी खूबियों को बनाए रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था होगी। इस तरह से यहां से निकलने वाला चावल अपनी सभी खूबियों के साथ पूरी तरह शुद्ध होगा।

अभी और बढ़ेगा कालानमक का जलवा

प्रधानमंत्री से मिले सम्मान के साथ और भी कई वजहें हैं जिनसे आने वाले समय में कालानमक का जलवा और बढ़ेगा। जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) और सरयू नहर इसमें मददगार होंगे। उल्लेखनीय है कि कालानमक धान को पूर्वांचल के 11 जिलों (  गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और गोंडा)के लिए जीआई) प्राप्त है। मसलन इन जिलों की एग्रो क्लाइमेट (कृषि जलवायु) एक जैसी है। लिहाजा इस पूरे क्षेत्र में पैदा होने वाले कालानमक की खूबियां समान होंगी। इनमें से बहराइच एवं सिद्धार्थनगर नीति आयोग के आकांक्षात्मक जिलों की सूची में शामिल हैं।

उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाना प्राथमिकता : सीएम धामी

कालानमक की इन संभावनाओं को सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना ने और बढ़ा दिया। अन्य फसलों की तुलना में धान की फसल को पानी की अधिक जरूरत होती है। संयोग से चार दशक बाद कुछ महीने पहले पूरी होने वाली सरयू नहर से सिंचित होने वाले जिले बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर और महराजगंज वही हैं जिनको कालानमक के लिए जीआई मिली है। इससे इसकी संभावनाएं और बढ़ जाती हैं।

Tags: cm yogidm deepak meenakala namakpm modisiddharthnagar newsup news
Previous Post

इमरजेंसी के समय में लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास हुआ : सीएम योगी

Next Post

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत संवाद है : सीएम योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

Power Supply
उत्तर प्रदेश

डिमांड बिजली आपूर्ति में उत्तर प्रदेश नंबर-1, योगी सरकार में लगातार टूट रहे रिकॉर्ड

28/06/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही जारी करें नोटिस, जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं : मुख्यमंत्री योगी

28/06/2026
cm yogi
उत्तर प्रदेश

अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने संवारा, आप पश्चाताप कर रामलला के दर्शन करिए: मुख्यमंत्री योगी

28/06/2026
Massive fire breaks out in Lucknow's cold storage
उत्तर प्रदेश

लखनऊ के कोल्ड स्टोरेज में लगी भीषण, दमकल की 25 गाड़ियां मौके ओर मौजूद आग

28/06/2026
PNG Connection
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन विस्तार अभियान तेज, 24 जून तक 1.60 लाख से अधिक कनेक्शन जारी

27/06/2026
Next Post

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत संवाद है : सीएम योगी

यह भी पढ़ें

Delegation of 16th Finance Commission welcomed at Raj Bhavan

राजभवन में 16वें वित्त आयोग के प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत, उत्तराखंड की लोक संस्कृति से हुआ अतिथियों का अभिनंदन।

19/05/2025

दिल्ली में कोरोना के 7,546 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 5.10 लाख के पार

20/11/2020
rain

इन जिलों में तेज बारिश और आंधी के आसार, ऑरेंज अलर्ट जारी

04/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version