उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की राठ कोतवाली पुलिस ने सात साल के बच्चे की गला दबाकर हत्या करने के आरोप में मंगलवार को मां को गिरफ्तार किया। यह जानकारी पुलिस ने दी।
क्षेत्र के गल्हिया गांव में शनिवार सुबह सात साल के बच्चे का शव पशुबाड़े में मिला था और इस मामले में मृत बच्चे के पिता के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गल्हिया गांव में शनिवार की सुबह अरहर के गट्ठर से सात साल के बच्चे हिमांशु उर्फ रोहित का शव पशुबाड़े में मिला था। इस मामले में बच्चे के मामा सतीश की तहरीर पर बच्चे के पिता सुरेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि गहराई से छानबीन करने पर पता चला कि बच्चे का पिता गल्हिया गांव आया ही नहीं था, बल्कि बृहस्पतिवार को हिमांशु मायके में रह रही अपनी मां के पास अकेले गया था। शुक्रवार की शाम उसके मामा के बेटे का कुआं पूजन कार्यक्रम था।
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एसपी ने बताया कि गिरफ्तार मृत बच्चे की मां सर्वेश कुमारी ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया कि शुक्रवार शाम बेटे हिमांशु ने उसे और उसके बहनोई को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर घर में बता देने की धमकी दी थी। बदनामी के डर से वह बहलाकर बच्चे को पशुबाड़े में ले गयी और उसका पहले गला दबाया, फिर बेहोश होने पर पैर से गला तब तक दबाए रही, जब तक उसकी मौत का भरोसा नहीं हो गया।
एसपी के अनुसार, महिला ने अपने बच्चे की हत्या पति को फंसाने और अवैध संबंधों का कांटा हटाने के लिए की। अवैध संबंध की वजह से पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहा है, जिसकी वजह से महिला पांच-छह माह से अपने मायके में रह रही थी। गिरफ्तार महिला और उसके भाई द्वारा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने से पहले बार-बार यह कहना कि मवई वाले (बच्चे का पिता सुरेश) ने गला दबाकर हत्या की है, जांच का अहम बिंदु था।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई। आखिर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पहले महिला को कैसे पता कि बच्चे की हत्या गला दबाकर की गई है। इसी शब्द की जांच में पुलिस बच्चे के असली कातिल तक पहुंची। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार महिला को आज सक्षम अदालत में पेश किया गया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।