• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भ्रामक विज्ञापनों पर पतंजलि को सुप्रीम कोर्ट ने जारी क‍िया नोटिस, केंद्र सरकार को लगाई फटकार

Writer D by Writer D
27/02/2024
in Business
0
Patanjali

baba ramdev

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कई गंभीर बीमारियों के इलाज के दावे वाले पतंजलि ( Patanjali) आयुर्वेद के कथित “भ्रामक और झूठे” विज्ञापनों को लोगों के स्वास्थ्य से ‘खिलवाड़’ करने वाला बताते हुए मंगलवार को उन पर अंतरिम रोक दी और इस मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र को इस मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं करने लिए फटकार लगाई और कहा कि चेतावनी के बावजूद भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

शीर्ष अदालत ने पतंजलि ( Patanjali) को बीपी, मधुमेह, अस्थमा और कुछ अन्य बीमारियों से संबंधित सभी विज्ञापन जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी।

शीर्ष अदालत ने कथित तौर पर भ्रामक विज्ञापन जारी रखने के लिए पतंजलि आयुर्वेद और उसके प्रबंध निदेशक (एमडी) आचार्य बालकृष्ण को अदालत की अवमानना ​​का कारण बताओ नोटिस जारी किया।

पीठ ने कहा कि अदालत बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अवमानना ​​कार्यवाही मामले में पक्षकार बनाएगी, क्योंकि दोनों की तस्वीरें विज्ञापन में हैं।

शीर्ष अदालत ने पतंजलि आयुर्वेद को कई बीमारियों के इलाज के लिए उसकी दवाओं के विज्ञापनों में “झूठे” और “भ्रामक” दावे करने के लिए पिछले साल नवंबर में आगाह किया था।

शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की निष्क्रियता पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि याचिका वर्ष 2022 में दायर की गई थी। सरकार आंखें मूंद कर बैठी हुई है। दो साल तक इंतजार के बाद भी कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं की गई।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने अपनी याचिका में एलोपैथी दवा को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई थी। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को करेगी।

Tags: Baba RamdevPatanjaliSupreme Court
Previous Post

सिद्धू मूसेवाला के घर आने वाला है नन्हा मेहमान, 58 साल की उम्र में प्रेग्नेंट हुईं सिंगर की मां

Next Post

मुख्यमंत्री साय की पहल से लौटी राजिम कुंभ कल्प की भव्यता

Writer D

Writer D

Related Posts

Inflation
Business

थोक महंगाई से मिली थोड़ी राहत, जुलाई में WPI मुद्रास्फीति घटकर 9.78%

14/08/2026
Gold
Business

स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले सोना हुआ सस्ता, जानें आज के रेट

14/08/2026
Gold-Silver
Business

सोने की चमक में तेजी जारी, जानें चांदी के भाव आपके शहर में

13/08/2026
Stock Market
Business

शेयर बाजार में बिकवाली हावी, सेंसेक्स 388 अंक फिसला; निफ्टी 24,500 के नीचे

11/08/2026
Gold
Business

सोना की चमक पड़ी फीकी, चांदी भी लुढ़की

10/08/2026
Next Post
Rajim Kumbh

मुख्यमंत्री साय की पहल से लौटी राजिम कुंभ कल्प की भव्यता

यह भी पढ़ें

Coconut Oil

आपकी रसोई में छुपे है आपकी सुंदरता के बेहतरीन उपचार

06/01/2022
Governor approves tenancy law

मकान मालिक-किराएदार का विवाद होगा खत्म, राज्यपाल ने दी किराएदारी कानून को मंजूरी

18/04/2021
QR code

QR कोड का पालन नहीं करने पर मिली जुर्माने से राहत

01/12/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version