• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बादलों में छिप गए हैं सूर्यदेव तो इस तरह चढ़ाए जल

Writer D by Writer D
20/10/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
सूर्यदेव को चढ़ाए जल

सूर्यदेव को चढ़ाए जल

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। कहते हैं जिसका सूर्य बलवान होता है उसे हर रोज सुबह के समय सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए। हालांकि, इनके अलावा भी कई लोग आज भी इस परंपरा का पालन करते हैं। लेकिन आजकल बारिश का मौसम है और जब देखो तब बादल छा जाते हैं। ऐसे में कई लोग यह सोचते हैं कि आखिर बादलों में छिपे सूयर्देव के दर्शन कैसे किए जाएं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, अगर सूर्यदेव बादलों में छिपे हैं तो इस स्थिति में व्यक्ति को पूर्व दिशा की तरफ मुंह कर सूर्यदेव का ध्यान करना चाहिए। साथ ही तांबे के लोटे से सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए। वहीं, हर सुबह सूर्यदेव की प्रतिमा या तस्वीर के दर्शन भी करने चाहिए।

शास्त्रों में पंचदेवो का उल्लेख है। इनमें श्रीगणेश, शिवजी, विष्णुजी, देवी दुर्गा और सूर्य देव शामिल हैं। इनमें से सूर्यदेव ही ऐसे देवता है जो प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देते हैं। अगर व्यक्ति रोज सुबह सूर्यदेव की पूजा करे तो उसका घर-परिवार सुखमय रहता है। साथ ही समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

भविष्य पुराण में ब्राह्मपर्व में सूर्य पूजा से जुड़ी कुछ बातों का वर्णन किया गया है। ब्राह्मपर्व के सौरधर्म में सदाचरण अध्याय के अनुसार, व्यक्ति को हर रोज सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। फिर स्नान के बाद सूर्य की प्रतिमा या तस्वीर के आगे नमन करना चाहिए। अगर हो सके तो सूर्यदेव के मंदिर में दर्शन करने चाहिए। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य को नौ ग्रहों का राजा माना गया है। यह सिंह राशि का स्वामी है। सूर्यदेव की संतानें शनिदेव, यमराज और यमुना मानी गई हैं।

इस तरह दें सूर्य को अर्घ्य:

जब भी सूर्य को अर्घ्य दें तो तांबे के लोटे में जल लें। इसी से अर्घ्य दें। रविवार के दिन गुड़ का दान करें। सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम:, ऊँ आदित्याय नम:, ऊँ भास्कराय नम: आदि मंत्रों का जाप करेंते रहना चाहिए। अगर किसी की कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति ठीक नहीं है तो उसे सूर्य को रोज जल चढ़ाना चाहिए। इससे सूर्य के दोष दूर हो सकते हैं।

Tags: Lifestyle and RelationshipReligion religionSpiritualitySuryadevsuryadev AartiSuryadev Pujan vidhisuryadev Vratसूर्यदेव को चढ़ाए जल
Previous Post

जीवन में चाहिए मनचाही सफलता, तो अवश्य अपनाएं वास्तु के ये उपाए

Next Post

शादी में एंजॉय करने के लिए आउटफिट्स के ये ऑप्शन हैं एकदम बेस्ट

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Sai welcomed CM Yogi who reached Chhattisgarh.
Main Slider

छत्तीसगढ़ पहुंचे उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री साय ने किया स्वागत

19/05/2026
Three coaches of Ujjain Express derailed
Main Slider

ऋषिकेश में उज्जैन एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतरे, बड़ा हादसा टला

19/05/2026
Omelette
Main Slider

घर पर बनाएं ठेले जैसा चटपटा और फ्लफी ऑमलेट, झटपट बन जाएगी ये डिश

19/05/2026
Tan Removal Soap
फैशन/शैली

खुद बनाएं टैन रिमूवल सोप, पहली ही बार में निखर उठेगी स्किन

19/05/2026
hair fall
फैशन/शैली

झड़ते बालों पर दादी मां का ये नुस्खा आएगा आपके काम

19/05/2026
Next Post
wedding outfit

शादी में एंजॉय करने के लिए आउटफिट्स के ये ऑप्शन हैं एकदम बेस्ट

यह भी पढ़ें

Rahul gives a befitting reply to Disha during an Ask Me Anything session

राहुल ने Ask Me Anything सेशन के दौरान दिशा को दिया करारा जवाब

24/06/2021
luteri dulhan

वारदात से पहले “लुटेरी दुल्हन“ साथियों संग गिरफ्तार, नकदी जेवर कपड़े बरामद

30/05/2021
The entire family was found dead

कच्चा मकान गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत

12/10/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version