• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

तात्या टोपे के वशंज चला रहे हैं दुकान, तो उधम सिंह के वशंज हैं दिहाड़ी मजदूर

Desk by Desk
15/08/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। देश में जहां शनिवार को 74वां स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। तो वहीं दूसरी तरह आजादी की लड़ाई में अपनी जान की बाजी लगा देने वाले स्वतंत्रता सेनानी के वशंज दो वक्त की रोटी के लिए हर दिन जद्दोजहद कर रहे हैं।

इसे सरकार की अनदेखी का नतीजा ही कहेंगे। देश के लिए अपने प्राणों को न्योछावर कर देने वाले शहीद के कुछ वशंज जहां दैनिक मजदूरी कर अपना पेट भर रहे हैं तो कुछ सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर हैं।

जलियांवाला बाग नरसंहर का बदला लेने के लिए उधम सिंह 1940 में लंदन गए और पंजाब के तत्कालीन उपराज्यपाल माइकल ओडायर की हत्या कर दी। इस घटना ने अंग्रेजों की नींव हिलाकर रख दी, लेकिन आज उधम सिंह के भांजे के बेटे जीत सिंह पंजाब के संगरूस जिले में दिहाड़ी मजदूरी करने को मजबूर हैं।

चीन ने भारत को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई, दो महान राष्ट्र शांति के साथ समृद्ध हों

इसी तरह 1857 के विद्रोह के नायकों में से एक तात्या टोपे के वंशज हर दिन दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने को मजबूर हैं। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के 73 से अधिक नायकों के वंशजों पर कई किताब लिख चुके पूर्व पत्रकार शिवनाथ झा का कहना है कि मैंने मैंने तात्या के पड़पोते विनायक राव टोपे को बिठूर में एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते हुए देखा है।

इसी तरह स्वतंत्रता की लड़ाई में फांसी के फंदे को प्यास से गले लगा लेने वाले शहीद सत्येंद्र नाथ के पड़पोते की पत्नी अनिता बोस की हालत भी बेहद खराब है। मिदनापुर में रहने वाली अनिता दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं।

बता दें कि सत्येंद्र नाथ और खुदीराम बोस अलीपुर बम कांड में शामिल थे। दोनों को 1908 में फांसी दे दी गई थी। जिस समय अंग्रेजों ने उन्हें फांसी की सजा दी उस वक्त सत्येंद्र नाथ केवल 26 वर्ष के थे और खुदीराम महज 18 साल के थे।

Tags: freedom fighterindependenceIndiaJallianwala BaghTatya TopeUdham Singhआजादीजलियावाला बाग Independence Dayभारतस्वतंत्रता दिवसस्वतंत्रता सेनानी
Previous Post

बड़ी खबर : मोदी सरकार अब सिर्फ जारी करेगी ई-पासपोर्ट, जानें इसके फायदे

Next Post

विकास दुबे के मारे गए साथी प्रभात के पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Desk

Desk

Related Posts

Cow
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की गो संरक्षण नीति से निकला गो सेवा के साथ रोजगार का नया रास्ता

01/08/2026
Mukhyamantri Shikshak Cashless Medical Scheme
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 42% शिक्षक-कार्मिकों की पूरी हुई ई-केवाईसी

01/08/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

मत्स्य पालन को गति देने के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश : केशव मौर्य

01/08/2026
rooftop solar plants
उत्तर प्रदेश

रूफटॉप सोलर ऊर्जाः देश में लखनऊ का पहला स्थान, शीर्ष 100 में उत्तर प्रदेश के 17 जनपद

01/08/2026
CM Dhami congratulated Tejaswin Shankar.
Main Slider

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: तेजस्विन शंकर को सीएम धामी ने दी बधाई

01/08/2026
Next Post
बिकरूकांड

विकास दुबे के मारे गए साथी प्रभात के पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

यह भी पढ़ें

burning bus

चलती बस बनी आग का गोला, सभी यात्री सुरक्षित

17/03/2022
Dead Body

फांसी से लटका मिला वनकर्मी का शव

26/07/2023
Akhilesh Yadav

जनता ने समाजवादी गठबंधन को हृदय से अपना शुभचिंतक माना : अखिलेश यादव

09/03/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version