• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

महाकुंभ में शाही स्नान का है महत्व, जानें तिथियां

Writer D by Writer D
20/12/2024
in Mahakumbh 2025, Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Maha Kumbh

Maha Kumbh

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देशभर के साधु-संतों का महाकुंभ (Maha Kumbh) का इंतजार खत्म होने वाला है। 12 साल में एक बार लगने वाला महाकुंभ मेला वर्ष साल 2025 में प्रयागराज में लगेगा। प्रयागराज महाकुंभ 2025 की शुरुआत पौष पूर्णिमा स्नान के साथ होगी और इसका समापन महाशिवरात्रि के अंतिम शाही स्नान के साथ होगा। महाकुंभ में कल्पवास करने वाले भक्त हर दिन तीन बार स्नान करते हैं। पौष पूर्णिमा 13 जनवरी 2025 को है, ऐसे में इस दिन से ही महाकुंभ मेला शुरू होगा। जानें महाकुंभ के शाही स्नान की तिथियां व स्नान का धार्मिक महत्व-

महाकुंभ 2025 (Maha Kumbh) शाही स्नान की तिथियां-

मकर संक्रांति- 14 जनवरी 2025

मौनी अमावस्या- 29 जनवरी 2025

बसंत पंचमी- 3 फरवरी 2025

माघ पूर्णिमा- 13 फरवरी 2025

महाशिवरात्रि- 26 फरवरी 2025

शाही स्नान का धार्मिक महत्व-

हिंदू धर्म में महाकुंभ (Maha Kumbh) में स्नान का विशेष महत्व है। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम के तट पर स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। महाकुंभ में स्नान करने वाले व्यक्ति के जीवन में शुभता का आगमन होता है। मोक्ष की प्राप्ति होती है और पापों से मु्क्ति मिलती है। शास्त्रों के अनुसार, शाही स्नान साधु-संतों और नागा साधुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह कुंभ मेला की परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

महाकुंभ (Maha Kumbh) के पहले दिन बन रहा शुभ योग-

महाकुंभ के पहले दिन रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। रवि योग 07:15 ए एम से 10:38 ए एम तक रहेगा। मान्यता है कि रवि योग में स्नान-दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

प्रयागराज में है किन नदियों का संगम होता है-

हिंदू धर्म में प्रयागराज का संगम स्नान अत्यंत शुभ माना गया है। प्रयागराज में गंगा यमुना और सरस्वती नदी का संगम होता है।

Tags: maha kumbhMaha Kumbh 2025Maha Kumbh Shahi Snan
Previous Post

पौष अमावस्या कब है, जानें पूजा-विधि एवं महत्व

Next Post

बसंत पंचमी कब है? नोट कर लें डेट और पूजा-विधि

Writer D

Writer D

Related Posts

Rajnath Singh
Main Slider

नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण, राजनाथ सिंह बोले- सीएम योगी के नेतृत्व में बदली यूपी की पहचान

30/05/2026
hindi patrakarita divas
Main Slider

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष: ‘उदन्त मार्तण्ड’ से डिजिटल युग तक का सफर

30/05/2026
Keshav Prasad maurya
Main Slider

नौसेना शौर्य वाटिका’ भावी पीढ़ियों के लिए बनेगी ज्ञान, प्रेरणा और देशभक्ति का केंद्र: उप मुख्यमंत्री

30/05/2026
Heavy Rain
Main Slider

UP से उत्तराखंड तक आफत की बारिश, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

30/05/2026
A friend was called on Eid and murdered.
Main Slider

आओ तुम्हें कुर्बानी दिखाते हैं…, ईद पर बुला दोस्त को कर दिया हलाल

30/05/2026
Next Post
Basant Panchami

बसंत पंचमी कब है? नोट कर लें डेट और पूजा-विधि

यह भी पढ़ें

lockdown

कोरोना के बढ़ते केसों के बीच इस प्रांत में फिर लगा सबसे बड़ा लॉकडाउन

24/12/2021
suicide

श्रीनगर : लेफ्टिनेंट कर्नल ने खुद को गोली मार कर की आत्महत्या

03/03/2021
siddharth-shehnaz

जन्मदिन पर शहनाज ने खास अंदाज में सिद्धार्थ को किया याद, फैंस हुए इमोशनल

12/12/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version