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नई कृषि तकनीकी एवं शिक्षा को जमीन पर उतारने का प्रयास करें : आनंदीबेन

Writer D by Writer D
07/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, राजनीति, वाराणसी
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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वाराणसी में 10 एफपीओ के सफल संचालन पर बुधवार को यहां प्रसन्नता व्यक्त की और इसे किसानों के लिए अच्छी पहल बताते हुए विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थाओं में विकसित नई कृषि तकनीक और शिक्षा को खेतों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय के भैरो तालाब परिसर (केंद्र) के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह केंद्र एफपीओ गठित करने के अभियान की अगुवाई करें। इसमें केंद्र के छात्र, किसानों से संपर्क एवं संवाद के कार्य करें। विश्वविद्यालय, शोध संस्थाओं में विकसित कृषि तकनीकी एवं शिक्षा को जमीन पर उतारने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि इस केंद्र में प्रति वर्ष 176 छात्र दाखिला ले रहे हैं, जो विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान एवं तकनीक का प्रयोग अपने अभिभावकों के माध्यम से अपनी जमीन पर करायें तथा गांव के दूसरे लोगों तक भी इसका लाभ पहुंचायें।

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राज्यपाल ने इस केंद्र को मॉडल के रूप में विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ग्रामीण विकास के पक्षधर थे। उनके नाम से जाना जाने वाला यह विश्वविद्यालय उनकी सोच की फलिभूति करने का माध्यम बने। यही मेरी कामना है। गांव के विकास से देश का विकास होगा। कृषि एवं पशुपालन सबसे ज्यादा रोजगार देती है। छोटे-छोटे किसानों को नई तकनीकों से अवगत किराया जाये।

श्रीमती पटेल ने ऑर्गेनिक खेती पर जोर देते हुए कहा कि उत्पादकता बढ़ाने की होड़ में अंधाधुंध खाद एवं रसायनों के प्रयोग से उपजायी जाने वाले अनाजों से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने लगी। 25-30 वर्ष पूर्व कंपोस्ट खाद प्रयोग होती थी। अब किसान फिर ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें कम लागत आती है। पहले एक-दो वर्ष के बाद उपज भी अच्छी होने लगती है।

उन्होंने कहा कि पराली जलाने से प्रदूषण होता है। अब सरकार ने इसकी कंपोस्ट बनाने की विधियां किसानों को बताई है। ड्रिप इरिगेशन अच्छी सिंचाई विधि है। सरकार इसमें अनुदान भी देती है। उन्होंने कहा कि अब लड़कियां भी कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में आगे आ रही हैं, जो बेहद शुभ संकेत है।

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राज्यपाल ने शहर की भैरव तालाब की साफ-सफाई पर जोर देते हुए कहा कि यह धरोहर के साथ-साथ बहुत उपयोगी होती है। यहां कूड़ा जमा करने का स्थान नहीं बनायें। जीवन के लिए शुद्ध हवा, पानी, आहार एवं शुद्ध विचार की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार ‘हर घर नल’ योजना चला रही है। पर्यावरण के प्रति जागरूक एवं स्वच्छ भारत मिशन में साफ सफाई के कार्य कर रही है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया था। गांव का प्रधान सामाजिक कार्यों, विकास कार्यों, जनोपयोगी क्रियाकलापों में सक्रियता से अगुवाई कर ग्रामीण भाइयों को जोड़ें तो गांव चमकेगा।

श्रीमती पटेल ने कहा कि आंगनवाड़ी में आने वाली गरीब गर्भवती महिलाओं को सरकार खान-पान आदि के लिए 5000 रुपये देती है। इसका सदुपयोग हो। महिला, बेटी की शिक्षा, स्वास्थ्य हर परिवार में प्राथमिकता हो। ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला सशक्तिकरण आदि से महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुई है। यह सशक्त भारत के लिए शुभ संकेत है।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीबी मुक्त भारत का आह्वान किया है। राज्य सरकार अभियान चलाकर टीबी मरीज़ों का सर्वे कर चिन्हित कर उनका इलाज करा रही है।

राज्यपाल ने विज्ञान सेंटर के लैब कक्ष एवं परिसर का भ्रमण कर अवलोकन किया। इस मौके पर विद्यापीठ के कुलपति टी एन सिंह ने राज्यपाल को अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। इस अवसर पर सेंटर के छात्र एवं भारी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद थे।

Tags: political newsup newsvaranasi news
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