• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिन रखा जाएगा भाद्रपद का दूसरा प्रदोष व्रत, जानें पूजन विधि

Writer D by Writer D
21/09/2023
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Pradosh Vrat

Pradosh Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिन्दू पंचांग के अनुसार, माह में 2 प्रदोष व्रत ( Pradosh Vrat) रखे जाते हैं, एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में रखा जाता है। भाद्रपद मास का दूसरा और अंतिम प्रदोष व्रत, शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा। शिवभक्तों के लिए प्रदोष व्रत का खास महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

बुधवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत ( Pradosh Vrat) को बुध प्रदोष व्रत या सौम्यवारा प्रदोष भी कहा जाता है। मान्यता है कि बुध प्रदोष व्रत से सभी कामनाएं पूर्ण होती हैं। इस व्रत में हरी वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। आइये जानते हैं व्रत की तिथि और पूजा विधि…

प्रदोष व्रत ( Pradosh Vrat) तिथि

इन महीने शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 27 सितंबर, बुधवार की सुबह 1 बजकर 45 मिनट से शुरू होगी और रात 10 बजकर 28 मिनट तक चलेगी। उदया तिथि के अनुसार इस चलते बुध प्रदोष व्रत ( Pradosh Vrat) 27 सितंबर के दिन रखा जाएगा। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के वक्त की जाती है।

पंचांग के अनुसार, इस दिन प्रदोष काल, शाम 6 बजकर 12 मिनट से रात 8 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में भोलेनाथ की पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है। उस दिन रवि योग भी बन रहा है, जो सुबह 07 बजकर 10 मिनट से शुरू हो रहा है और शाम 07 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। उस दिन पंचक पूरे दिन है, लेकिन उसका कोई दुष्प्रभाव व्रत और पूजा पाठ पर नहीं होगा।

कैसे करें पूजन?

इस व्रत ( Pradosh Vrat) में शिव के साथ ही पार्वती जी की भी पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी स्नान कर व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन निराहार रहकर सायंकाल सफ़ेद वस्त्रों में शिव मंदिर में या घर पर भोलेनाथ की विधिपूर्वक पूजा करें।

शिवजी का दूध, जल, गंगाजल आदि से अभिषेक करें और बेलपत्र, चंदन, सफेद पुष्प, धतूरा आदि अर्पित करें।

पूजा के दौरान शिवाष्टक या रुद्र स्तोत्र का जाप बहुत शुभ माना जाता है। अगर ये संभव ना हो तो ‘ऊं नम: शिवाय’ का ग्यारह माला जाप करें। इस दिन भगवान शिव की आरती और कथा आदि सुनना भी बहुत फलदायी माना जाता है।

Tags: AstrologyAstrology tipsBhadrapad Pradosh Vratbudh pradosh vratPradosh Vrat 2023
Previous Post

इस दिन मनाई जाएगी भाद्रपद मासिक दुर्गाष्टमी, जानिए शुभ मुहूर्त

Next Post

इस दिन मनाई जाएगी राधा अष्टमी, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

जेवर एयरपोर्ट को मिलेगी नरेंद्र मोदी के नाम से नई पहचान, योगी कैबिनेट ने लगाई मुहर

09/10/2026
Main Slider

बहादुरी को सलाम! कैप्टन स्मित को इजराइल-अमेरिका से सम्मान

09/10/2026
Main Slider

काशी से जेवर तकः उत्तर प्रदेश की टेक्नोक्रांति

09/10/2026
Main Slider

‘स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश’ बना यूपी: सीएम योगी

09/10/2026
Main Slider

‘युवा संवाद-2026’ में नितिन नवीन ने युवाओं से किया सीधा संवाद

08/10/2026
Next Post
Radha Ashtami

इस दिन मनाई जाएगी राधा अष्टमी, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

यह भी पढ़ें

सर्दी में लो फ्यूल लेवल बन सकता है इंजन के लिए खतरा? ये है वजह

ठंड में लो फ्यूल लेवल होता है खतरनाक, वजह चौंका देगी

11/12/2025
पानी से खत्म कोरोना वायरस

रूस वैज्ञानिक : पानी में पूरी तरह से खत्म हो जाता है कोरोना वायरस

04/08/2020

अमेरिकी अखबार का बड़ा खुलासा, भारतीय सैनिकों ने गलवान झड़प में मारे थे चीन के 60 से ज्यादा सैनिक

13/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version