• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

उप्र में कृत्रिम रेत से बनेंगे मकान, योगी सरकार जल्द लाएगी मैन्युफैक्चर्ड सैंड पॉलिसी

Writer D by Writer D
31/05/2023
in उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
CM Yogi

M Sand

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। तेजी से शहरीकरण और बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियों के कारण रेत की मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है। हालांकि, रेत की कमी भारत सहित कई देशों को प्रभावित करने वाली समस्या है। इस समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) मैन्युफैक्चर्ड सैंड (M Sand) के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एम सैंड पॉलिसी लाने जा रही है।

एम सैंड पॉलिसी (M Sand Policy) के ड्राफ्ट को लेकर बुधवार को भूविज्ञान एवं खनन निदेशालय में अधिकारियों ने विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ गहन चर्चा की। निदेशालय की ओर से इस संबंध में एक प्रस्तुतिकरण भी दिया गया, जबकि स्टेकहोल्डर की ओर से भी पॉलिसी पर कई सुझाव दिए गए। स्टेकहोल्डर्स के सुझावों पर विचार विमर्श के बाद फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, जिसे कैबिनेट में रखा जाएगा।

बैठक में खनन विभाग की सचिव एवं निदेशक रोशन जैकब ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कई राज्यों की नीति का अध्ययन करने के बाद पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है। पूरे देश में रेत की बढ़ी कीमतों में वृद्धि के कारण एम सैंड (M Sand) की मांग में बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही भविष्य में नदियों की रेत के विकल्प के दृष्टिगत भी प्रदेश सरकार पॉलिसी के माध्यम से इसे लागू करना चाहती है।

रोशन जैकब ने बताया कि नदियों में बालू कम हो गयी है। साथ ही इसके खनन में कई प्रतिबंध भी हैं। निकट भविष्य में हमे रेत मिलना कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से सीखना होगा जहां 50 से 90 प्रतिशत तक एम सैंड का उपयोग हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पॉलिसी बनाने का उद्देश्य भविष्य में सैंड की पूर्ति करना है। इसके विनिर्माण में क्वालिटी विशेष महत्व होगा। उन्होंने बताया कि उत्पादित एम सैंड (M Sand)  बीआईएस के मानकों के अनुकूल हो। एम सैंड की जो क्वालिटी है वो नार्मल सैंड से ज्यादा है। बहुत सारे संस्थानों ने भी इसकी पुष्टि की है। उत्तर प्रदेश में मौरंग की क्वालिटी अच्छी नही है। इस बात को हमे भी समझना है और पब्लिक को भी समझना होगा की यह सैंड उससे काफी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि प्लांट बनाने से लेकर उसके एप्रूवल तक सरकार की ओर से दी जाने वाली रियायतों का ध्यान रखा जाएगा। साथ ही उत्पादन में पर्यावरण के मानकों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

कृत्रिम रेत का एक रूप है एम सैंड (M Sand)

खनन विभाग के अपर निदेशक विपिन कुमार जैन के अनुसार, एम सैंड कृत्रिम रेत का एक रूप है, जिसे बड़े कठोर पत्थरों, मुख्य रूप से चट्टानों या ग्रेनाइट को बारीक कणों में कुचलकर निर्मित किया जाता है। इसे बाद में धोया जाता है और बारीक वर्गीकृत किया जाता है। यह व्यापक रूप से निर्माण उद्देश्यों के लिए नदी की रेत के विकल्प के रूप में उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त भी बहुत सारे तरीकों से एम सैंड बनाया जा सकता है।

एम सैंड (M Sand) को मिलेगा इंडस्ट्री का दर्जा

अपर निदेशक ने कहा कि हम एम सैंड को इंडस्ट्री स्टेटस दिलाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि एमएसएमई के तहत मिलने वाले लाभ दिलाए जा सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का भी मानना है कि जितने ज्यादा एमएसएमई होंगे उतनी ज्यादा ग्रोथ होगी। इससे इंडस्ट्री को कैपिटल सब्सिडी से लेकर स्टाम्प ड्यूटी तक के लाभ मिल सकें। पहले 5 वर्षों में इसमें पावर सब्सिडी का भी प्रावधान होगा। इसके अलावा सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में 25 प्रतिशत तक एम सैंड के इस्तेमाल को अनिवार्य किया जा सकता है, जिसे बाद में 50 प्रतिशत तक किया जाएगा। विभागीय अधिकारी को इसका नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो पॉलिसी को इम्पलीमेंट करेगा। इसका प्रमोशन भी डिपार्टमेंट किया जाएगा। इंडस्ट्री स्टेटस को लेकर स्टेकहोल्डर्स ने भी अपनी सहमति प्रदान की।

स्टेकहोल्डर्स की ओर से मिले ये सुझाव

-क्रशर प्लांट को एम सैंड प्लांट में तब्दील करने पर भी सब्सिडी प्रदान की जाए।

-ट्रायल के बेसिस पर कुछ जगहों पर नदियों की रेत को बैन किया जाना चाहिए।

-दूसरे राज्यों में रॉयल्टी कम है, उप्र में अधिक रॉयल्टी का ध्यान दिया जाना चाहिए।

Tags: m sand policymanufactured sand policyYogi News
Previous Post

मुनव्वर राणा की हालत स्थिर लेकिन गंभीर

Next Post

राशन कार्ड धारकों की परिवार आईडी बनवाने की जरूरत नहीं- योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

Mother and daughter attempted self-immolation near Vidhan Bhavan
Main Slider

लखनऊ विधान भवन के पास मां-बेटी ने किया आत्मदाह का प्रयास

15/06/2026
Javed Ali
उत्तर प्रदेश

बीजेपी के फैलाए जहर से बहुसंख्यक जहरीला हो गया…सपा सांसद जावेद अली का विवादित बयान

15/06/2026
172 farmers from Jewar met CM Yogi
Main Slider

किसानों के सम्मान में योगी सरकार की पहल, पहली फ्लाइट से लखनऊ बुलाया

15/06/2026
CM Dhami launched a cleanliness drive in Khatima.
राजनीति

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण एवं स्वच्छता का संदेश

15/06/2026
CM Dhami operated the tiller in the field
राजनीति

मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश

15/06/2026
Next Post
CM Yogi

राशन कार्ड धारकों की परिवार आईडी बनवाने की जरूरत नहीं- योगी

यह भी पढ़ें

Gyanvapi case

Gyanvapi Verdict: नियमित पूजा अर्जी पर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति, मेरिट पर सुनवाई की मांग

17/08/2022
whatsapp

WhatsApp लाया जबरदस्त फीचर, ग्रुप चैटिंग का मजा हो जाएगा दोगुना

24/11/2022
benefits of lemon tea

हर मामले में फायदेमंद है लेमन टी, जानें इसके चमत्कारी फायदें

21/09/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version