• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बीजेपी के फैलाए जहर से बहुसंख्यक जहरीला हो गया…सपा सांसद जावेद अली का विवादित बयान

Writer D by Writer D
15/06/2026
in उत्तर प्रदेश, मुरादाबाद, राजनीति
0
Javed Ali

Javed Ali

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आयोजित समाजवादी पार्टी (सपा) के पीडीए (PDA) सम्मेलन में रविवार (14 जून) को सपा के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान (Javed Ali) द्वारा दिए गए एक विवादित बयान ने सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है। सपा सांसद ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर समाज में गहरा विभाजन पैदा करने और नफरत फैलाने का सीधा आरोप लगाते हुए देश के बहुसंख्यक (हिंदू) समाज को लेकर एक बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी द्वारा फैलाए गए कथित नैरेटिव और जहर का सीधा असर देश के बहुसंख्यक समाज पर पड़ा है, जिसके कारण ‘बहुसंख्यक समाज काफी हद तक जहरीला हो गया है’ और अब वह इस जहर को निगलने लगा है। सांसद के इस बयान के सामने आते ही उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश की राजनीति गरमा गई है और विभिन्न दलों व सामाजिक संगठनों की तरफ से इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।

जावेद अली खान (Javed Ali) ने सम्मेलन में पार्टी की रणनीति साझा करते हुए कहा कि संभल जैसे समाजवादी पार्टी के पारंपरिक और मुस्लिम बहुल गढ़ों में कार्यकर्ताओं व आम लोगों को समझाना बेहद आसान है, लेकिन अब पार्टी का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर केंद्रित हो रहा है जहां हिंदू आबादी बहुसंख्यक है और अल्पसंख्यक समुदाय की तादाद कम है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी की नीतियों और बयानों ने उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में एक ऐसा वातावरण तैयार कर दिया है जिससे विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सदियों पुराना आपसी विश्वास, प्रेम और भाईचारा पूरी तरह कमजोर हो गया है। धर्म के आधार पर लोगों का एक-दूसरे पर से भरोसा टूट चुका है। सपा सांसद ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि जहां अल्पसंख्यक कम हैं, वहां संगठन को मजबूत करने और लोगों के दिलों में पैठ बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को दोगुनी मेहनत करनी पड़ेगी, और सपा अब इसी सामाजिक खाई को पाटने के लिए एक विशेष रणनीति के तहत काम कर रही है।

सपा सांसद (Javed Ali) के इस विवादित बयान पर विपक्षी एकजुटता में शामिल कांग्रेस पार्टी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद इमरान मसूद ने जावेद अली खान के बयान को सिरे से खारिज करते हुए उनकी शब्दावली को पूरी तरह गलत और अमर्यादित करार दिया।

इमरान मसूद ने साफ शब्दों में कहा कि यह बेहद गलत भाषा है; यदि देश का बहुसंख्यक समाज धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) और सहिष्णु न हो, तो भारत का पूरा सामाजिक ताना-बाना और लोकतांत्रिक ढांचा ही बिखर जाए। उन्होंने आगे जोड़ा कि राजनीतिक विचारधारा के कारण कुछ लोगों की हरकतों की वजह से आप पूरे बहुसंख्यक समाज को इस तरह के कटघरे में खड़े करने वाले शब्द नहीं बोल सकते, यह पूरी तरह से अनुचित और गलत बात है।

दूसरी तरफ, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जाने-माने मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने भी सपा सांसद के दावों पर करारा पलटवार किया है। उन्होंने जावेद अली के बयान को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि 1947 में आजादी के बाद से भारत में रहने वाला हर नागरिक—चाहे वह हिंदू हो, मुसलमान हो या किसी भी अन्य मजहब का मानने वाला हो—पूरी तरह आजाद है और अपनी मर्जी से सम्मान के साथ अपनी दैनिक दिनचर्या व धार्मिक रीतियों को अंजाम देता है। देश में कहीं भी कोई खौफ या डर का माहौल नहीं है और सभी लोग मिलजुल कर रह रहे हैं।

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने समाजवादी पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि सपा नेतृत्व को सबसे ज्यादा मुश्किल काम आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के मुसलमानों को समझाना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पिछले कुछ समय से मुसलमानों के संवेदनशील मुद्दों पर जो उदासीन रवैया और नीतियां अपना रखी हैं, उसका हिसाब मुस्लिम समाज 2027 के चुनाव में जरूर मांगेगा।

उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि चुनाव के दौरान मुस्लिम मतदाता सपा के प्रत्याशियों से सीधे सवाल पूछेंगे कि ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद और बाबरी मस्जिद जैसे बड़े मसलों पर पार्टी नेतृत्व आखिर क्यों खामोश रहा? इसके अलावा, आजम खान सहित एक दर्जन से अधिक बड़े मुस्लिम नेताओं के जेल जाने के समय सपा ने चुप्पी क्यों अख्तियार की? मुस्लिम धर्मगुरु के इस तीखे रुख और चौतरफा विरोध के बाद अब समाजवादी पार्टी इस बयान को लेकर पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रही है।

Tags: Javed Ali
Previous Post

किसानों के सम्मान में योगी सरकार की पहल, पहली फ्लाइट से लखनऊ बुलाया

Next Post

लखनऊ विधान भवन के पास मां-बेटी ने किया आत्मदाह का प्रयास

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

योगी सरकार शनिवार को 818 अभ्यर्थियों को देगी नौकरी की सौगात, मुख्यमंत्री देंगे नियुक्ति पत्र

18/09/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

भूजल स्रोतों की जांच में यूपी ने देश में पहला स्थान हासिल किया, पंजाब-आंध्र प्रदेश को भी पीछे छोड़ा

18/09/2026
उत्तर प्रदेश

मथुरा में यूपी राइज 2026: युवाओं को जॉब क्रिएटर बनाने की सार्थक पहल

18/09/2026
Main Slider

एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान

18/09/2026
उत्तर प्रदेश

UPITS 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चमकेगा मेरठ का स्थानीय कारोबार

18/09/2026
Next Post
Mother and daughter attempted self-immolation near Vidhan Bhavan

लखनऊ विधान भवन के पास मां-बेटी ने किया आत्मदाह का प्रयास

यह भी पढ़ें

salman khan

‘सुल्तान’ के घर फायरिंग करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच ने गुजरात से दबोचा

16/04/2024
Arvind Kejriwal

‘अमित शाह के रास्ते का कांटा हैं योगी, उनको हटाने का…’…, लखनऊ में केजरीवाल का बड़ा हमला

16/05/2024
राजस्थान के डीजीपी भूपेंद्र सिंह Rajasthan DGP Bhupendra Singh

राजस्थान के डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने भी किया वीआरएस का आवेदन, जानें कारण

24/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version