• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

IMF : भारत लोगों की सुरक्षा, लक्षित सहायता देने, स्वास्थ्य पर प्रमुखता से ध्यान देना चाहिए

Desk by Desk
15/10/2020
in Categorized
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंधन निदेशक किस्टलिना जार्जीवा ने कहा है कि भारत की प्राथमिकता सबसे कमजोर लोगों की सुरक्षा करने, अच्छी तरह से लक्षित सहायता देने और छोटे तथा मझोले उद्योगो की रक्षा करने की होनी चाहिए, ताकि वे एक देश के रूप में उनकी कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में हार न हो।

जार्जीवा ने आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक आम बैठक के दौरान बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोगों को बचाने और उनके स्वास्थ्य की देखभाल भारत की प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि क्या करने की आवश्यकता है? स्पष्ट है, सबसे कमजोर लोगों की सुरक्षा, अच्छी तरह से लक्ष्यित सहायता, छोटे और मझोले उद्योगों की रक्षा, ताकि उनकी हार न हो। उन्होंने आगे कहा कि जब तक हमारे पास स्वास्थ्य संकट से निपटने का एक टिकाऊ रास्ता नहीं है, हमें कठिनाइयों, अनिश्चितता और असमान सुधार का सामना करना पड़ेगा।

दुनिया के 330 करोड़ कामगारों में से 50 फीसदी के नौकरियों पर खतरा

कोविड-19 को एक मानवीय संकट बताते हुए उन्होंने कहा कि खासतौर से जिन देशों में मौत अधिक हुई हैं, वहां ये संकट अधिक गहरा है। उन्होंने आगे कहा कि इस महामारी से भारत में एक लाख लोगों से अधिक की मौत हुई है।

जार्जीवा ने कहा कि इसलिए लोगों को बचाने और उनकी सेहत पर ध्यान देने की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी क्षमता के अनुरूप उपाय किए हैं, दो प्रतिशत राजकोषीय उपाय और गारंटी के रूप में चार प्रतिशत राहत, लेकिन प्रत्यक्ष राजकोषीय उपाय नहीं किए गए।

उन्होंने कहा कि इससे मदद मिलती है, लेकिन जब आप विकसित अर्थव्यवस्थाओं की क्षमताओं को देखते हैं, या कुछ अन्य उभरते बाजारों के उपायों को देखते हैं, तो यह कुछ हद तक कम है। हम इस साल भारत में बेहद आश्चर्यजनक रूप से जीडीपी में दस प्रतिशत का संकुचन देख रहे हैं। जार्जीवा ने कहा कि भारत की एक जीवंत अर्थव्यवस्था थी।

Tags: IMFinternational monetary fundअंतरराष्ट्रीय मुद्राकोषआईएमएफ
Previous Post

दुनिया के 330 करोड़ कामगारों में से 50 फीसदी के नौकरियों पर खतरा

Next Post

रिलायंस रिटेल वेंचर्स में 1.28 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए करेगी निवेश

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami
Categorized

60 साल शासन करने वाली कांग्रेस देश विदेश मे फैला रही अफवाह : धामी

10/09/2026
forehead
Categorized

माथे के कालेपन को ये नुस्खे कर देंगे गायब

28/06/2026
Vishnu Paudel
Categorized

नेपाल के पूर्व वित्त मंत्री विष्णु पौडेल अदालत में पेश, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बढ़ सकती है रिमांड

23/06/2026
CM Yogi
Categorized

दिल्ली अग्निकांड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक

03/06/2026
Sawan
Categorized

कब शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय महीना? जानिए सावन सोमवार और पूजा का महत्व

02/06/2026
Next Post
Reliance Retail

रिलायंस रिटेल वेंचर्स में 1.28 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए करेगी निवेश

यह भी पढ़ें

प्रमोद सावंत ने दूसरी बार ली CM पद की शपथ, PM मोदी भी रहे मौजूद

28/03/2022
CM Yogi

उत्तराखंड से पलायन बढ़ना काफी चिंताजनक : योगी आदित्यनाथ

16/11/2024

किसान आंदोलन पर SC सख्त, कहा- प्रदर्शन की मांग करने का कोई मतलब नहीं

01/10/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version