• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

नवरात्रि में जलाई जाती है अखंड ज्योति, जानें लाभ और महत्व

Writer D by Writer D
23/03/2023
in धर्म, फैशन/शैली
0
Akhand Jyot

Akhand Jyot

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म (Hinduism) में नवरात्र (Navaratri) का पर्व बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है. नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक मां के नौ रूपों को पूजा जाता है.  9 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में माता के भक्त अखंड ज्योति (Akhand Jyoti ) प्रज्वलित करते हैं.

अखंड ज्योति (Akhand Jyoti ) का मतलब ऐसी ज्योति जो खंडित न हो. अखंड ज्योत निरंतर जलती रहनी चाहिए. नवरात्रि में अखंड ज्योति का बहुत अधिक महत्त्व होता है. नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत का बुझना अशुभ माना जाता है. जहां भी यह ज्योति जलाई जाती है वहां इसके समक्ष हर वक्त किसी न किसी व्यक्ति का उपस्थित होना जरूरी होता है.

अखंड ज्योति (Akhand Jyoti ) का महत्त्व

अखंड ज्योत (Akhand Jyoti )  में दीपक की लो बाएं से दाएं की तरफ जलनी चाहिए. इस प्रकार का जलता हुआ दीपक आर्थिक संपन्नता का सूचक होता है. दीपक का ताप दीपक से 4 उंगली चारों तरफ अनुभव होना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इस प्रकार का दीपक भाग्योदय लाता है.

जिस दीपक की लौ सोने के समान रंग वाली हो वह दीपक आपके जीवन में धन्य धान की कमी को पूरी करता है और व्यवसाय एवं नौकरी में तरक्की का संदेश भी देता है. नवरात्रों के अलावा कई लोग अखंड ज्योत को पूरे साल प्रज्वलित करके रखते हैं.

लगातार 1 साल तक चलने वाली अखंड ज्योति से हर प्रकार की खुशियां व्यक्ति को प्राप्त होती हैं. ऐसा माना जाता है कि साल भर जलने वाले अखंड ज्योत से घर का वास्तु दोष दूर होता है.

अखंड ज्योत (Akhand Jyoti ) का बिना किसी कारण अपने आप बुझ जाना अशुभ होता है. इसी के साथ दीपक में बार-बार बत्ती भी नहीं बदलनी चाहिए. दीपक से दीपक जलाना भी अशुभ होता है.

ऐसा करने से रोगों में वृद्धि होती है मांगलिक कार्यों में बाधाएं आती हैं. अखंड ज्योति में घी डालने या फिर उसमें बदलाव करने का काम साधक को ही करना चाहिए. अन्य किसी व्यक्ति से यह काम नहीं करवाना चाहिए.

Tags: akhand jyotiChaitra navratriChaitra Navratri 2023
Previous Post

मासूम के साथ हैवानियत करने वाला गिरफ्तार

Next Post

नवरात्रि में घर ले आएं ये चीजें, नहीं होगी धन की कमी

Writer D

Writer D

Related Posts

Mango Kadhi
खाना-खजाना

लंच या डिनर में लें गुजराती मैंगो कढ़ी का स्वाद, चाटते रह जाएंगे उंगलियाँ

18/04/2026
crispy bhindi
खाना-खजाना

कुरकुरी भिंडी खाकर बरसात का मौसम लगेगा सुहाना, स्नैक्स के रूप में भी ले स्वाद

18/04/2026
makhana-murmura
खाना-खजाना

स्नैक्स में शामिल करें मखाना और मुरमुरा, स्वाद के साथ सेहत भी

18/04/2026
Lahsun Chutney
खाना-खजाना

यह चटपटी चटनी बढ़ाएंगी खाने का जायका

18/04/2026
फैशन/शैली

हनीमून पर जाने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है ये स्थान, कपल्स की पहली पसंद

17/04/2026
Next Post
Chaitra Navratri

नवरात्रि में घर ले आएं ये चीजें, नहीं होगी धन की कमी

यह भी पढ़ें

steal

पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड अधिकारी के घर लाखों की चोरी

27/10/2021
Corona

देश में कोरोना के 1.52 लाख नए मामले, 2.38 लाख मरीज हुए रोगमुक्त

31/05/2021
sentenced to death

एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को मिली सजा-ए-मौत

10/03/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version