• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

काल भैरव जयंती कब है, जानें पूजा की सरल विधि

Writer D by Writer D
18/11/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Kaal Bhairav jayanati

Kaal Bhairav

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर साल मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जंयती (Kaal Bhairava Jayanti) मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,इस दिन काल भैरव का अवतरण हुआ था। दृक पंचांग के अनुसार, इस साल 22 नवंबर को काल भैरव जयंती मनाई जाएगी। कालाष्टमी को काल भैरव जयंती भी कहा जाता है। कहा जाता है कि कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा-अर्चना करने से जीवन में नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं काल भैरव जयंती (Kaal Bhairava Jayanti) की सही डेट, शुभ मुहूर्त,योग और सरल पूजाविधि…

कालभैरव जयंती (Kaal Bhairava Jayanti) 2024 :

दृक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 22 नवंबर 2024 को शाम 06:07 पीएम पर होगा और 23 नवंबर को रात 07:56 मिनट पर समाप्त होगा। वहीं, 22 नवंबर को कालभैरव जयंती (Kaal Bhairava Jayanti) मनाया जाएगा। कालभैरव जयंती के दिन ब्रह्म योग, इंद्र योग और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है।

शुभ मुहूर्त :

ब्रह्म मुहूर्त : 04:54 ए एम से 05:48 ए एम

अभिजित मुहूर्त : 11:36 ए एम से 12:19 पी एम

विजय मुहूर्त : 01:43 पी एम से 02:25 पी एम

अमृत काल : 03:27 पी एम से 05:10 पी एम

पूजाविधि :

काल भैरव जंयती (Kaal Bhairava Jayanti) के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें।

एक छोटी चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं।

अब शिव-गौरी और काल भैरव की प्रतिमा स्थापित करें।

सभी देवी-देवताओं को फूलों की माला अर्पित करें।

चौमुखी दीपक प्रज्ज्वलित करें।

अबीर, गुलाल, अष्टगंध से सभी देवी-देवताओं को तिलक लगाएं।

इसके बाद विधि-विधान से पूजा करें।

शिव-गौरी और काल भैरव जी का पूजन करें और आरती उतारें।

ऊँ कालभैरवाय नमः मंत्र का जाप करें।

काले कुत्तो को मीठी रोटी खिलाएं।

व्रत-उपवास के साथ भजन-कीर्तन करें।

शिव चालीसा और भैरव चालीसा पढ़ें।

Tags: Kaal Bhairava JayantiKaal Bhairava Jayanti date
Previous Post

ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेंगे तीन करोड़ : मुख्यमंत्री साय

Next Post

गीता जयंती इस दिन मनाई जाएगी, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और श्लोक

Writer D

Writer D

Related Posts

Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया पर न करें ये काम, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी

19/04/2026
Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया पर कर लिए ये काम तो हो जाएगी बल्ले-बल्ले, बरसेगा धन

19/04/2026
Pearl
Main Slider

मोती कैसे धारण करें, जानें इस पहनने के फायदे

19/04/2026
salt
धर्म

इन चीजों का गिरना होता है अशुभ, संकट आने का होता है संकेत

19/04/2026
Mango Kadhi
खाना-खजाना

लंच या डिनर में लें गुजराती मैंगो कढ़ी का स्वाद, चाटते रह जाएंगे उंगलियाँ

18/04/2026
Next Post
Gita Jayanti

गीता जयंती इस दिन मनाई जाएगी, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और श्लोक

यह भी पढ़ें

Omar Abdullah

‘जब धारा 370 को हटाया जा रहा था तब कहां थे केजरीवाल’, उमर अबदुल्ला का सीएम पर तीखा हमला

10/06/2023
Horoscope

10 सितंबर राशिफल: इन चार राशि वालों की आज चमक जाएगी किस्मत

10/09/2021

यूपी बोर्ड की परीक्षा में 51 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल, बसों की रहेगी व्यवस्था

23/03/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version