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गीता जयंती इस दिन मनाई जाएगी, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और श्लोक

Writer D by Writer D
18/11/2024
in धर्म, फैशन/शैली
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Gita Jayanti

Geeta Jayanti

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन कुरुक्षेत्र में अर्जुन को भगवान कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। तभी से मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी पर गीता जयंती (Geeta Jayanti) मनाई जाती है। इस बार यह गीता जयंती 11 दिसंबर 2024 बुधवार को है। मान्यतानुसार इस दिन उपवास करने से मन पवित्र तथा शरीर स्वस्थ होता है। पापों से छुटकारा मिलता है तथा जीवन में सुख-शांति आती है। गीता जयंती (Geeta Jayanti) के दिन उपवास करने से मन पवित्र होता है और शरीर स्वस्थ रहता है। साथ ही समस्त पापों से भी छुटकारा मिलता है।

गीता जयंती (Geeta Jayanti) पर श्रीकृष्ण पूजा का शुभ मुहूर्त:-

अमृत काल: प्रात: 09:34 से 11:03 बजे के बीच।
गोधूलि मुहूर्त: शाम को 05:22 से 05:50 के बीच इसके बाद 06:47 तक पूजा कर सकते हैं।

गीता के कुछ चुनिंदा श्लोक-

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।

न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥

अर्थ है:आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है। न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है। अर्थात भगवान कृष्ण इस श्लोक में आत्मा को अजर-अमर और शाश्वत कह रहे हैं।

”यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत I

अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृज्याहम।।

अर्थ है: हे भारत (अर्जुन), जब-जब अधर्म में वृद्धि होती है, तब-तब मैं (श्रीकृष्ण) धर्म के अभ्युत्थान के लिए अवतार लेता हूं।

परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।

धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे ॥

अर्थ है:सज्जन पुरुषों के कल्याण के लिए और दुष्कर्मियों के विनाश के लिए और धर्म की स्थापना के लिए मैं(श्रीकृष्ण) युगों-युगों से प्रत्येक युग में जन्म लेता आया हूं।

Tags: geeta jayantiGeeta Jayanti date
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