• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

दर्श अमावस्या के दिन करें ये उपाय, पितृ दोष से मिलेगी राहत

Writer D by Writer D
18/11/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Falguna Amavasya

Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सनातन धर्म में अमावस्या का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। दर्श अमावस्या (Darsh Amavasya) , हर महीने के शुक्ल पक्ष की आखिरी अमावस्या को कहते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होती है जो पितृ दोष निवारण (Removal of Pitra Dosh) या पितरों की शांति और विशेष पूजा-पाठ के लिए यह दिन चुनते हैं। दर्श अमावस्या के दिन चंद्र देव की पूजा करने का विधान है। इस शुभ दिन ध्यान, पूजा,जप-तप और दान करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है। इसे दर्श इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन ध्यान और आत्मनिरीक्षण करने का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं इस दिन का महत्व और पूजा विधि।

इस बार 30 नवंबर 2024 दिन शनिवार को यह पर्व (Darsh Amavasya) मनाया जाएगा। अमावस्या तिथि पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह के 10:29 बजे से लेकर अगले दिन 1 दिसम्बर को 11:50 तक रहेगा।

पितरों की तृप्ति के लिए खीर, पूरी और मिठाई

पितरों की शांति के लिए करें पूजा

दर्श अमावस्या (Darsh Amavasya) के दिन पितरों का ध्यान करते हुए पीपल के पेड़ पर गंगाजल, काले तिल, चीनी, चावल और फूल अर्पित करें। इसके साथ ही ॐ पितृभ्य: नम: मंत्र का जाप करें। इस शुभ अवसर पर पितृसूक्त का पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा पितरों की तृप्ति के लिए खीर, पूरी और मिठाई बनाकर दक्षिण दिशा में रखकर दीप जलाने से पितृ संतुष्ट होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

दीपदान करना शुभ

इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल युक्त जल से स्नान करें। स्नान के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं, वस्त्र और अन्न दान करें। पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना और पितरों के नाम से दीपदान करना शुभ होता है।

Tags: Darsh Amavasya
Previous Post

विवाह पंचमी के दिन करें ये उपाय, खुशियों से भर जाएगा वैवाहिक जीवन

Next Post

आज बीजेपी का दामन थाम सकते है कैलाश गहलोत, 24 घंटे पहले दिया था AAP से इस्तीफा

Writer D

Writer D

Related Posts

Sour cream Kulfi made at home, you will become a fan after eating
खाना-खजाना

बच्चों के लिए बनाए ठंडी-ठंडी मलाई कुल्फी, खाकर हो जाएंगे फैन

07/04/2026
Bitter Gourd
फैशन/शैली

कडवे करेले के होते है मीठे फायदे, जानकर रह जाएंगे दंग

07/04/2026
Rudraksha ki mala
Main Slider

रुद्राक्ष की माला धारण करने के बाद इन नियमों का जरूर रखें ध्‍यान

07/04/2026
Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया पर न खरीदें ये सामान, हो जाएगा अनर्थ

07/04/2026
Coffee oil
फैशन/शैली

स्किन में ग्लो लाता है ये जादुई ऑयल, ऐसे करे तैयार

07/04/2026
Next Post
Kailash Gehlot

आज बीजेपी का दामन थाम सकते है कैलाश गहलोत, 24 घंटे पहले दिया था AAP से इस्तीफा

यह भी पढ़ें

Lucknow tops by settling the maximum number of revenue cases

सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने मारी बाजी

02/09/2025

आज नहीं बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानें अपने शहर के रेट

21/12/2020
Ileana Dikruz इलियाना डिक्रूज

इलियाना डिक्रूज ने उनकी फिजी छुट्टियों कि तस्वीरें की सांझा

08/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version