• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

महाकुम्भ-2025: मां गंगा की तीन धारा को एक धारा में प्रवाहित कर भगीरथ बना योगी सरकार का सिंचाई विभाग

Writer D by Writer D
18/12/2024
in Mahakumbh 2025, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
0
Ganga

Ganga

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के दिव्य और भव्य महाकुम्भ (Maha Kumbh) को आयोजित कराने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अपनी कड़ी मेहनत से जो सफलता प्राप्त की है, वह सचमुच में ‘भगीरथ प्रयास’ की याद दिलाती है। अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए घोर तपस्या करके भगीरथ मां गंगा (Ganga) को धरती पर लेकर आए थे। वहीं वर्तमान में विभिन्न कारणों से अपने प्राकृतिक स्वरूप से तीन धाराओं में बँटी मां गंगा को एक धारा में प्रवाहित करके सिंचाई विभाग ने ‘भगीरथ’ की भूमिका निभायी है। प्रयागराज में शास्त्री ब्रिज से लेकर संगम नोज तक मां गंगा (Ganga) तीन धाराओं में विभाजित हो गई थीं, जिससे न केवल पवित्रता प्रभावित हो रही थी, बल्कि महाकुम्भ के आयोजन में भी कठिनाइयां आ रही थीं। ऐसे में दोबारा एक धारा में प्रवाहित कर मां गंगा को वास्तविक स्वरूप प्रदान किया गया है।

सीएम के निर्देश पर संगम नोज पर एक धारा में प्रवाहित हो रहीं मां गंगा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ को दिव्य-भव्य आयोजित कराने एवं श्रद्धालुओं को संगम पर सुगम स्नान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिये थे। ऐसे में महाकुम्भ में आने वाले करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए संगम नोज पर तीन धाराओं में बह रहीं मां गंगा (Ganga) को एक धारा में प्रवाहित करने की रणनीति तैयार की गयी। इससे मां गंगा के तट पर ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को एक साथ स्नान की सुविधा मिलने के साथ पहली बार तीन अलग-अलग जगह स्नान की जगह एक ही स्थान पर स्नान की सुविधा मिलेगी।

मेले की सुचारू व्यवस्था के लिए गंगा नदी के प्रवाह को एकरूप करना बहुत आवश्यक था। शास्त्री ब्रिज से लेकर संगम नोज तक मां गंगा तीन धाराओं में बटी हुई थी, जिससे मेला क्षेत्र सीमित और अव्यवस्थित होता जा रहा था। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस चुनौती से निपटने के लिए मां गंगा की बायीं और दायीं धाराओं को एक प्रवाह में लाने की योजना बनाई गई।

IIT गुवाहाटी की विशेषज्ञ टीम की मदद से मूल स्वरूप में लौटीं मां गंगा (Ganga)

योजना को साकार करने के लिए आईआईटी गुवाहाटी के विशेषज्ञ टीम की मदद ली गई। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर संगम क्षेत्र के मां गंगा प्रवाह के विस्तार के लिए तीन विशाल ड्रेजिंग मशीनों को लगाया गया है। शुरुआत में मां गंगा (Ganga) का तेज प्रवाह और ऊंचा जल स्तर इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा साबित हो रहा था। इससे ड्रेजिंग मशीनों को तेज धारा में स्थिर रखना और नदी की दोनों धाराओं को बीच की धारा में मिलाना कठिन हो रहा था। इस पर शास्त्री ब्रिज के पास तीनों ड्रेजरों को अलग-अलग बिंदुओं पर लगाया गया। इसके साथ ही मेला क्षेत्र को विस्तार देने के लिए बालू की आवश्यकता थी। काम के दौरान मां गंगा की प्रबल धारा के कारण भारी-भरकम ड्रेजिंग मशीनें बार-बार अस्थिर हो रही थीं। डिस्चार्ज पाइप मुड़ जाते और मशीनों को नियंत्रित करना कठिन हो जाता। टीम ने इन चुनौतियों का सामना करने के लिए बड़े एंकरों और पॉटून ब्रिज का सहारा लिया। मोटे रस्सों का उपयोग कर ड्रेजरों को नदी के किनारों से स्थिर रखा गया।

करीब 22 हेक्टेयर अतिरिक्त जगह मिली, एक साथ स्नान कर सकेंगे बड़ी संख्या में श्रद्धालु

वहीं ड्रेजिंग कार्य तीन शिफ्टों में युद्धस्तर पर किया गया। जब तेज प्रवाह के कारण एक ड्रेजर का स्पड (समर्थन पिन) क्षतिग्रस्त हो गया और दूसरा किनारे की ओर धकेल दिया गया, तब भी टीम ने धैर्य नहीं खोया। उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन और टीम के दृढ़ संकल्प से कार्य लगातार प्रगति करता रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सलाह पर चौथे ड्रेजर को तैनात किया गया, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता में सुधार हुआ। अंततः अथक परिश्रम और समर्पण से गंगा की तीन धाराओं को एक प्रवाह में समाहित कर दिया गया।

महाकुम्भ में पहली बार चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए हवा में टीथर्ड ड्रोन तैनात

संगम क्षेत्र का सर्कुलेशन एरिया अब पहले से कहीं अधिक विस्तृत और सुव्यवस्थित है। वर्तमान में मां गंगा के एक धारा में प्रवाहित होने से मेला क्षेत्र को करीब 22 हेक्टेयर अतिरिक्त जगह मिली है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ एक जगह पर स्नान कर सकेंगे। इस जगह को समतल करने के लिए पांच लाख मीट्रिक टन बालू की व्यवस्था की गयी।

Tags: maha kumbhmaha kumbh callingMaha Kumbhw 2025Mahakumbh 2025
Previous Post

दिल्ली चुनाव से पहले केजरीवाल का बड़ा ऐलान, इस उम्र के बुजुर्गों का होगा होगा इलाज

Next Post

अटल शताब्दी समारोह मनाएगी योगी सरकार

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में परिषदीय शिक्षा की गुणवत्ता को नई गति, शिक्षक संकुल बैठकों से संवरेगा शिक्षण

21/10/2026
उत्तर प्रदेश

यूपी पुलिस की ‘वर्दी’ में दिखी शहादत की कहानी, अपनों को खोने का दर्द और देशसेवा का जज्बा

21/10/2026
उत्तर प्रदेश

स्वयं सहायता समूह से मिली ताकत, सैनिटरी नैपकिन का कारोबार खड़ा कर 30 गांवों तक पहुंचाया

21/10/2026
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में यूपी पुलिस को नई ताकत: बजट 2.7 गुना बढ़ा, 2.26 लाख से अधिक भर्तियां

21/10/2026
उत्तर प्रदेश

यूपी पुलिस को बड़ी सौगात, वर्दी भत्ता ₹15 हजार और सिम भत्ता ₹2,500 होगा

21/10/2026
Next Post
Yogi government will celebrate Atal Shatabdi celebrations

अटल शताब्दी समारोह मनाएगी योगी सरकार

यह भी पढ़ें

Congress

जब किसान आवाज़ उठाता है तो उसकी आवाज़ पूरे देश में गूंजती है : राहुल-प्रियंका

30/11/2020

घरेलू विवाद में पत्नी ने खोली पोल,फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहा शिक्षक पति बर्खास्त

14/01/2021
murder

बनारस में डबल मर्डर से मचा हड़कंप, एसएसपी और आईजी मौके पर पहुंचे

28/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version