• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कालाष्टमी के दिन कालभैरव को लगाएं इन चीजों का भोग, जीवन के सभी कष्ट होंगे दूर

Writer D by Writer D
13/02/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Kalashtami

Kalashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में कालाष्टमी (Kalashtami) का दिन भगवान शिव के रौद्र रूप भगवान काल भैरव को समर्पित किया गया है। कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव के व्रत और पूजन का विधान है। कालाष्टमी का व्रत हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान काल भैरव का पूजन भी किया जाता है।

हिंदू मान्यता है कि कालाष्टमी (Kalashtami) के दिन भगवान काल भैरव का व्रत और पूजन करने वालों के जीवन के सभी भय और संकट समाप्त हो जाते हैं। दुख दूर हो जाते हैं। इस दिन व्रत और पूजन करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन पूजा के समय भगवान काल भैरव को कुछ विशेष चीजों का भोग लगाना चाहिए। इससे भगवान काल भैरव प्रसन्न होते हैं और जीवन के सभी कष्ट दूर करते हैं।

फरवरी महीने में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 20 तारीख को सुबह 9 बजकर 58 मिनट हो जाएगी। वहीं ये इस तिथि का समापन 21 फरवरी को सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में 20 फरवरी को कालाष्टमी रहेगी। इसी दिन कालाष्टमी का व्रत और भगवान काल भैरव का पूजा-उपासना की जाएगी।

भगवान काल भैरव को लगाए ये भोग

– कालाष्टमी (Kalashtami) के दिन भगवान काल भैरव को हलवा, खीर, गुलगुले (मीठे पुए) जलेबी, फल आदि का भोग लगाना चाहिए।
– इस दिन भगवान काल भैरव को मदिरा का भी भोग लगाना चाहिए।
– इस दिन भगवान को शुद्ध देशी से बनी चाजों का ही भोग लगाना चाहिए।
– इस दिन भगवान को पान, सुपारी, लौंग, इलायची, मुखवास आदि चीजें भी चढ़ानी चाहिए।
– पूजा के समय भगवान काल भैरव को धूप, दीप और अगरबत्ती दिखानी चाहिए।
– फिर भगवान काल भैरव की आरती करनी चाहिए।
– भगवान काल भैरव से प्रार्थना करनी चाहिए।
– भगवान काल भैरव को भोग लगाने के बाद गरीबों को भोजन अवश्य ही खिलाना चाहिए।

कालाष्टमी (Kalashtami) व्रत का महत्व

हिंदू धर्म में कालाष्टमी (Kalashtami) के दिन और व्रत का बहुत महत्व है। कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव का व्रत और पूजन करने से घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती। साथ ही सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है। घर में सुख-शांति का वातावरण हमेशा बना रहता है। भगवान काल भैरव के आशीर्वाद से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन भगवान काल भैरव का व्रत और पूजन करने वालों को अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

Tags: kalashtami
Previous Post

शब-ए-बराअत कब, इस दिन रखा जाएगा रोजा

Next Post

इस दिन होगा राहु का कुंभ गोचर, इन राशियों का बदलेगा समय

Writer D

Writer D

Related Posts

Sawan
धर्म

सावन में करें इन मंत्रो का जाप, भोले बाबा करेंगे हर संकट का अंत

12/08/2026
Waxing
फैशन/शैली

वैक्सिंग के बाद भी पैर नहीं दिखते खूबसूरत, तो ट्राई करें ये टिप्स

12/08/2026
Rakhi
Main Slider

रक्षाबंधन पर न बांधें ऐसी राखी, भाई-बहन के रिश्तों में पड़ सकती है दरार

12/08/2026
Surya Grahan on Hariyali Amavasya
Main Slider

हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया, जानें भारत में क्या रहेगा असर

12/08/2026
Surya Grahan
Main Slider

आज लग रहा है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल के नियम

12/08/2026
Next Post
Rahu-Ketu

इस दिन होगा राहु का कुंभ गोचर, इन राशियों का बदलेगा समय

यह भी पढ़ें

5G

टेक्नोलॉजी के नए युग में भारत न किया प्रवेश, पीएम मोदी ने लॉंच की 5G सेवा

01/10/2022
murder

जेल से छूटे युवक की फर्रुखाबाद में हत्या, काली नदी में फेंका शव

05/04/2021
Urvashi Rautela outfits 55 lakhs

नेहा कक्कड़ की शादी में छाया उर्वशी रौतेला का 55 लाख का लहंगा और गहने

27/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version