• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत, जानें सही तिथि और पूजा विधि

Writer D by Writer D
03/05/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Vat Savitri Vrat

Vat Savitri Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत बहुत ही खास माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार वट सावित्री का व्रत राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अपने पति सत्यवान के लिए रखा था।तभी से वट सावित्री व्रत महिलाएं अपने पति के मंगल कामना के लिए रखती हैं। यह व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि के दिन रखा जाता है। वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत को देशभर में अलग-अलग नामों जाना जाता है जैसे कि बड़मावस, बरगदाही, वट अमावस्या आदि। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को पूरे विधि-विधान से करने से अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है।

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर होगी। वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में वट सावित्री का व्रत सोमवार 26 मई को रखा जाएगा।

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत पूजा विधि

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत के दिन महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दें। फिर व्रती महिलाएं श्रृंगार करके वट वृक्ष के नीचे साफ-सफाई करें और पूजा की शुरुआत करें। इसके बाद धूप और दीप जलाएं उसके बाद वट वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें और वट सावित्री व्रत का पाठ करिए। इसके बाद भोग लगाइए।अंत में मंदिर या गरीब लोगों में अन्न और धन का दान करिए।

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत करने से वैवाहिक जीवन खुशहाल होता है और आपसी प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे। साथ ही यह व्रत करने से संतान सुख भी प्राप्त हो सकता है। इस पूजा में वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है, क्योंकि माना जाता है कि भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों वटवृक्ष में वास करते हैं।

Tags: vat savitri
Previous Post

नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी

Next Post

आज मनाई जाएगी गंगा सप्तमी, इस चालीसा का करें पाठ

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

पिछले 15 वर्षों में टीएमसी ने बंगाल को किया कंगाल: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

27/04/2026
CM Yogi
Main Slider

जनसेवा से दिन की शुरुआत, फिर कार्यकर्ता का दायित्व निभाने प. बंगाल निकले सीएम

27/04/2026
Yusuf Afridi
Main Slider

कश्मीर हमलों का मास्टरमाइंड खत्म, हाफिज सईद के करीबी यूसुफ अफरीदी ढेर

27/04/2026
CM Yogi
Main Slider

सीएम योगी ने छात्रों का बढ़ाया हौसला, लिखी खास चिट्ठी

27/04/2026
Chardham Yatra
Main Slider

चार धाम में पहुंचे 2.38 लाख से अधिक श्रद्धालु

26/04/2026
Next Post
Ganga Saptami

आज मनाई जाएगी गंगा सप्तमी, इस चालीसा का करें पाठ

यह भी पढ़ें

Shankaracharya Avimukteshwarananda

11 दिन मौका तो दिया… मुख्यमंत्री योगी पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद, रखी नई शर्त

30/01/2026
Dead body

नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने दिया बच्ची को जन्म, नवजात की मौत

08/03/2021
CM Yogi

आंवला वृक्ष के नीचे भोजन कर मुख्यमंत्री ने किया एकादशी व्रत का पारण

24/11/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version