• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

धामी सरकार की सख्ती, सरकारी अस्पतालों से अनावश्यक रेफरल को रोकने के लिए SOP जारी

Writer D by Writer D
22/07/2025
in उत्तराखंड, राजनीति, राष्ट्रीय
0
R. Rajesh Kumar

R. Rajesh Kumar

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) के निर्देश पर उत्तराखंड शासन ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों के अनावश्यक रेफरल पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि अब बिना ठोस चिकित्सकीय कारण के किसी भी रोगी को जिला और उप-जिला अस्पतालों से उच्च संस्थानों जैसे मेडिकल कॉलेजों या बड़े अस्पतालों को रेफर नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री (CM Dhami) के निर्देशों के क्रम में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक मरीज को प्राथमिक उपचार और विशेषज्ञ राय जिला स्तर पर ही मिले। अनावश्यक रेफरल से न केवल संसाधनों पर दबाव बढ़ता है बल्कि मरीज को समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पाता।

अनावश्यक रेफरल को रोकने के लिए SOP जारी

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार (R. Rajesh Kumar) ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में एक विस्तृत Standard Operating Procedure (SOP) जारी की है, जिससे रेफरल प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और चिकित्सकीय औचित्य को सुनिश्चित किया जा सके। SOP में निम्न बिंदुओं को प्रमुखता दी गई है।

केवल विशेषज्ञ की अनुपलब्धता पर रेफरल–यदि किसी अस्पताल में आवश्यक विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, तभी मरीज को उच्च संस्थान भेजा जाएगा।

मौके पर मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक द्वारा निर्णय–ऑन-ड्यूटी चिकित्सक मरीज की जांच कर स्वयं रेफर का निर्णय लेंगे। फोन या ई-मेल से प्राप्त सूचना के आधार पर रेफरल अब अमान्य होगा।

आपातकाल में त्वरित निर्णय की छूट–गंभीर अवस्था में ऑन-ड्यूटी विशेषज्ञ व्हाट्सऐप/कॉल के ज़रिए जीवनरक्षक निर्णय ले सकते हैं, लेकिन बाद में इसे दस्तावेज में दर्ज करना अनिवार्य होगा।

कारणों का लिखित उल्लेख जरूरी–रेफरल फॉर्म में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि रेफर क्यों किया गया, विशेषज्ञ की कमी, संसाधन की अनुपलब्धता आदि।

वरिष्ठ अधिकारी होंगे जवाबदेह–अनुचित या गैर-जरूरी रेफरल पाए जाने पर संबंधित CMO या CMS को उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

एम्बुलेंस प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार (R. Rajesh Kumar) ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami) के निर्देश अनुसार, रेफर मरीजों की आवाजाही में पारदर्शिता लाने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं के उपयोग पर भी स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। 108 एम्बुलेंस का प्रयोग Inter Facility Transfer (IFT) के तहत ही हो। विभागीय एम्बुलेंस की तैनाती योजनाबद्ध ढंग से की जाए। सभी विभागीय एम्बुलेंस की तकनीकी स्थिति की समीक्षा कर फिटनेस सुनिश्चित की जाए।

जिलावार एम्बुलेंस और शव वाहन की स्थिति

वर्तमान में राज्य में कुल 272 “108 एम्बुलेंस”, 244 विभागीय एम्बुलेंस और केवल 10 शव वाहन कार्यरत हैं। कुछ जिलों– जैसे अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पौड़ी और नैनीताल में शव वाहन नहीं हैं। इन जिलों के CMO को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि पुराने वाहन जिनकी रजिस्ट्रेशन आयु 10 या 12 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उन्हें नियमानुसार शव वाहन के रूप में तैनात किया जा सकता है। इसके लिए क्षेत्रवार संचालन व्यय भी निर्धारित कर दिया गया है।

पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार (R. Rajesh Kumar) ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य न केवल मरीजों को समय पर और उपयुक्त इलाज उपलब्ध कराना है, बल्कि सरकारी अस्पतालों की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत करना है। सभी MOIC और CMO को निर्देश दिए गए हैं कि SOP का अक्षरश: पालन हो और हर रेफरल को दस्तावेजीकृत किया जाए। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दोहराया सरकार की मंशा स्पष्ट है। अब रेफरल कोई प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा। इससे प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा और अधिक सशक्त और उत्तरदायी बनेगा।

Tags: R. Rajesh KumarUttarakhand News
Previous Post

महिलाओं को योगी सरकार का तोहफा, 1 करोड़ तक की संपत्ति पर मिलेगी स्टाम्प शुल्क में छूट

Next Post

दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, लैंडिंग के ठीक बाद एयर इंडिया विमान में लगी आग

Writer D

Writer D

Related Posts

Fire breaks out in school bus full of children
पंजाब

बच्चों से भरी स्कूल बस में लगी आग, ड्राइवर की सूझबूझ से बची 43 मासूमों की जान

22/08/2026
CM Dhami
Main Slider

संत समाज का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा : मुख्यमंत्री

22/08/2026
CM Dhami
Main Slider

हताश और कुंठा में हैं राहुल गांधी: सीएम धामी

22/08/2026
CM Nayab Saini
राष्ट्रीय

पंजाब के मुख्यमंत्री केवल चुटकुले सुनाकर टाइम पास कर रहे : नायब सिंह सैनी

22/08/2026
CM Bhagwant Mann
Main Slider

पंजाब CM की पत्नी पर 5 करोड़ मांगने का आरोप, NHRC ने सरकार को भेजा नोटिस

22/08/2026
Next Post
air india

दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, लैंडिंग के ठीक बाद एयर इंडिया विमान में लगी आग

यह भी पढ़ें

petrol

24 दिन बाद सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, जानें अपने शहर में आज के रेट

24/03/2021

अखिलेश को हुआ गलती का एहसास, बोले- पीएम की लंबी उम्र की कामना करता हूं

14/12/2021

लखनऊ के पुलिस आयुक्त की कोरोना की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आयी

11/12/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version