• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

घिसे या पुराने टायर बन सकते हैं हादसे की वजह, ऐसे पहचानें बदलने का सही वक्त

Desk by Desk
03/01/2026
in Main Slider, Tech/Gadgets
0
घिसे टायर बन सकते हैं हादसे की वजह, ऐसे पहचानें बदलने का सही वक्त
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हम आमतौर पर गाड़ी में पेट्रोल-डीजल भरवाना, सर्विसिंग करवाना या गाड़ी साफ करना याद रखते हैं, लेकिन टायर (Tyres) चुपचाप अपना काम करते रहते हैं, बिना ज्यादा ध्यान दिए. हालांकि, टायर ही गाड़ी का वो हिस्सा हैं जो सड़क को छूते हैं और इनकी हालत सुरक्षा, ब्रेकिंग, आराम और ईंधन दक्षता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है. गाड़ी के टायर कब बदलने हैं, ये जानना न सिर्फ अच्छी देखभाल है, बल्कि इससे दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकता है.

आपकी कार के टायर (Tyres) ग्रिप, स्थिरता और कंट्रोल के लिए ज़िम्मेदार होते हैं. घिसे-पिटे या पुराने टायर ब्रेकिंग डिस्टेंस बढ़ा सकते हैं, गीली सड़कों पर ग्रिप कम कर सकते हैं और तेज़ स्पीड पर अचानक टायर फटने का कारण भी बन सकते हैं. इसीलिए, भले ही कार चलाने में बिल्कुल ठीक लगे, फिर भी टायरों की स्थिति को समय-समय पर जांच करना बेहद ज़रूरी है. आज हम आपको इस खबर के माध्यम से बताने जा रहे हैं कि आप कैसे पहचानें टायर को बदलने का सही वक्त.

5-6 साल का नियम

सबसे बड़ी गलतफहमियों में से एक ये है कि टायरों को केवल घिस जाने पर ही बदलने की जरूरत होती है. लेकिन, चाहे गाड़ी कितनी भी चलाई गई हो, टायरों को हर 5 से 6 साल में बदल देना चाहिए. गर्मी, धूप और हवा के संपर्क में आने से रबर समय के साथ स्वाभाविक रूप से खराब हो जाता है. यहां तक कि कम इस्तेमाल होने वाली कार के टायर भी पुराने होने पर असुरक्षित हो सकते हैं.

टायर (Tyres) की उम्र जांचने के लिए, साइडवॉल पर DOT कोड देखें. यह चार अंकों की नंबर होती है, जिसमें पहले दो नंबर किस सप्ताह बने और अंतिम दो नंबर साल दिखाते हैं.

ग्रिप में ट्रेड डेप्थ

टायर (Tyres) की ग्रिप में ट्रेड डेप्थ का बहुत महत्व होता है, खासकर बारिश के दौरान.भारत समेत कई देशों में ट्रेड डेप्थ की न्यूनतम कानूनी सीमा 1.6 मिमी है. ज्यादातर टायरों में ट्रेड वियर इंडिकेटर (TWI) लगे होते हैं. अगर ट्रेड डेप्थ इन पट्टियों के बराबर हो जाए, तो टायर को तुरंत बदल देना चाहिए. बेहतर सुरक्षा के लिए, ट्रेड डेप्थ 3 मिमी तक पहुँचने पर टायर बदल देने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे कम होने पर ब्रेकिंग और गीली सड़क पर परफॉर्मेंस में तेजी से गिरावट आती है.

साइडवॉल पर दरारें या कट

असमान घिसावट, जो अलाइनमेंट या सस्पेंशन संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकती है.
बार-बार पंचर होना, खासकर अगर मरम्मत बड़ी हो या बार-बार करनी पड़े.
इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर यह संकेत मिलता है कि टायर की लाइफ कमजोर हो गई है और इसे बदलने में देरी नहीं करनी चाहिए.

टायर (Tyres) आमतौर पर कितने समय तक चलते हैं?

औसतन, सामान्य यात्री कारों के टायर 40,000 से 80,000 किलोमीटर तक चलते हैं, जो ड्राइविंग, सड़क की स्थिति और टायर की गुणवत्ता पर निर्भर करता है. आक्रामक ड्राइविंग, अचानक ब्रेक लगाना या खराब सड़कों के कारण टायरों की लाइफ काफी कम हो सकता है. उच्च-प्रदर्शन वाले टायर और भी जल्दी घिस सकते हैं.
ऐसे रखें ध्यान

टायरों को हर 8,000-13,000 किलोमीटर पर घुमाएं
नियमित रूप से व्हील एलाइनमेंट और बैलेंसिंग करवाते रहें.

टायर (Tyres) सिर्फ रबर के छल्ले नहीं होते, बल्कि सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं. 5-6 साल के नियम का पालन करते हुए, टायर की सतह की गहराई पर नज़र रखना और दिखाई देने वाली किसी भी क्षति पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. समय पर टायर बदलने से न केवल आपकी कार सुरक्षित रहती है, बल्कि आपकी और सड़क पर दूसरों की जान भी सुरक्षित रहती है.

Tags: car tips
Previous Post

शासन हर आवश्यक सहयोग के लिए तत्पर: एके शर्मा

Next Post

व्यवस्था और पारदर्शी, फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाएगी फैमिली आईडी

Desk

Desk

Related Posts

Winter
फैशन/शैली

गर्मियों में इस तरह करें अपनी स्किन की देखभाल

22/03/2026
CM Vishnu Dev Sai
Main Slider

आस्था के केंद्र कुदरगढ़ धाम का होगा भव्य विकास: CM साय

21/03/2026
CM Vishnudev Sai inaugurated the Surguja Olympics
Main Slider

3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है : मुख्यमंत्री साय

21/03/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

गोरक्षा व गो-आश्रय आत्मनिर्भरता में योगदान देने वाली विभूतियां होंगी सम्मानित: मुख्यमंत्री

21/03/2026
Uttarakhand moves ahead on the path of development: Rajnath Singh
Main Slider

धामी बने ‘धुरंधर’, उत्तराखंड विकास की राह पर अग्रसर: राजनाथ सिंह

21/03/2026
Next Post
Family ID

व्यवस्था और पारदर्शी, फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाएगी फैमिली आईडी

यह भी पढ़ें

shalabh mani-proposer

जानिए BJP प्रत्याशी शलभ मणि ने किसे बनाया अपना प्रस्तावक

07/02/2022
Bank strike

राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों के हड़ताल से 300 करोड़ रुपये का लेनदेन अटका

28/03/2022
Birthday Special: journey from film actor to politician was not easy for Mithun

Birthday Special: मिथुन के लिए फिल्म अभिनेता से राजनेता बनने का सफर नहीं था सरल

16/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version