• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सीपीओ में सुधार के अलावा सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेलों पर भाव स्थिर

Desk by Desk
13/12/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
soyabean oil

मंडी रेट

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच स्थानीय बाजार में एक बार फिर सोयाबीन डीगम पर आयात शुल्क कम किये जाने की चर्चा जोर पकड़ने से सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेलों पर दबाव कायम रहा तथा कच्चे पाम तेल (सीपीओ) को छोड़कर बाकी सभी तेल तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर ही बंद हुए।  बाजार सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में आज दूसरी बार सोयाबीन डीगम पर आयात शुल्क कम होने की अफवाह बाजार में जोरों पर रही।

वायदा बाजार में सोयाबीन का वायदा भाव तोड़कर इस अफवाह को हवा दी गई। फरवरी के लिये वायदा भाव 104.40 रुपये किलो बोला जा रहा है जबकि आयातकों को यह मुनाफा लगाकर 113.40 रुपये किलो पड़ता है। इससे विदेशों को यह संकेत देने का प्रयास है कि सरकार सोयाबीन डीगम के आयात पर शुल्क कम करने जा रही है। गौरतलब है कि यह अफवाह ऐसे समय उड़ायी गई है जब किसान मंडियों में सोयाबीन फसल लाने में जुटे हैं। ऐसे में भाव कम होने की अफवाह से आम किसानों और तेल उद्योग को भारी नुकसान होगा।

संसद पर किए गए कायराना हमले को हम कभी नहीं भूलेंगे : मोदी

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन डीगम का जो भाव शिकागो एक्सचेंज में नीचे चल रहा था, अफवाह फैलने के बाद वायदा कारोबार में इस तेल के दिसंबर अनुबंध का भाव करीब 1.5 प्रतिशत से अधिक मजबूत बंद हुआ। सत्रों ने बताया कि भारत में पाम आयल पर आयात शुल्क (अधिभार समेत) 41.25 प्रतिशत से घटा कर 30.25 करने का देश में सरकार और उपभोक्ताओं को कोई फायदा नहीं हुआ। उल्टे कच्चे पाम तेल का भाव तीन प्रतिशत बढ़ गया और सरकार को करीब पांच हजार करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इंडोनेशिया में भाव बढने से भारत का आयात खर्च पांच हजार करोड़ रुपये बढ़ गया।

Tags: mandi bhav aaj kamandi bhav indoremandi rate anajmandi rate delhimandi rate listmandi rate of arharmandi rate todaymarket price Delhimarket price mustardMarket price todaymustard oil market pricepulse market pricesoyabean oilsoybean market pricetur pulse market priceurad market priceआज का मंडी भावमंडी भावमंडी रेट
Previous Post

संसद पर किए गए कायराना हमले को हम कभी नहीं भूलेंगे : मोदी

Next Post

वित्तीय कंपनियों के साथ मिलकर एमएसएमई क्षेत्र को कर्ज देना पसंद करेगा एसबीआई

Desk

Desk

Related Posts

PM Modi in Assam
Main Slider

जहां उनकी सोच खत्म, वहां से हमारा काम शुरू… प्रधानमंत्री का कांग्रेस पर तीखा हमला

14/03/2026
CM Dhami
Main Slider

सीएम धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई

14/03/2026
Syed Ata Hasnain
बिहार

बिहार के राज्यपाल बने सैयद अता हसनैन, ली पद और गोपनीयता की शपथ

14/03/2026
CM Dhami
Main Slider

गढ़वाल और कुमाऊं में स्थापित होंगे ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ : सीएम धामी

13/03/2026
CM Dhami
Main Slider

उत्तराखण्ड के वित्तीय प्रबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना : सीएम पुष्कर

13/03/2026
Next Post

वित्तीय कंपनियों के साथ मिलकर एमएसएमई क्षेत्र को कर्ज देना पसंद करेगा एसबीआई

यह भी पढ़ें

Police Encounter

एसटीएफ की 25 हजार के इनामी बदमाश से मुठभेड़, गिरफ्तार

29/04/2022

शहर में स्थापित हुई मां बगलामुखी की पहली मूर्ति, भक्तजनों ने लिया आशीर्वाद

18/10/2021
Maharashtra CET

महाराष्ट्र बीएड सीईटी की ‘आंसर की’ कल जारी होगी

10/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version