• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी ईश्वर ने सिर्फ शिक्षकों को दीः मुख्यमंत्री 

Writer D by Writer D
04/04/2026
in उत्तर प्रदेश, वाराणसी, शिक्षा
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने शिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों समेत समाज के हर वर्ग का आह्वान किया कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से छूटने न पाए। सीएम ने शिक्षा को सबसे पवित्र कार्य बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति के सामने बड़ा और यशस्वी बनने का अवसर आता है, जो उसके अनुरूप खुद को ढालता है वह यशस्वी बनता है। इसलिए हर बच्चे को स्कूल लेकर जाएं। बच्चा जब पढ़ लिखकर संस्कारी बनेगा तो कृतज्ञता ज्ञापित करेगा। जीवन के किसी भी मोड़ पर जब उससे मिलेंगे तो वह सम्मान देगा। जब एक बच्चा साक्षर होता है तो समाज साक्षर और राष्ट्र समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। जब बच्चा निरक्षर रह जाता है तो समाज निर्धन और प्रदेश-देश बीमारू बनता है। हमें हर बच्चे को शिक्षित करना है, समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचना और विकसित भारत की दिशा में बढ़ना है।

मुख्यमंत्री ने कंपोजिट विद्यालय शिवपुर वरुणापार जोन में शनिवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, फिर बच्चों से संवाद भी किया। सीएम योगी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी और स्कूल चलो अभियान की सार्थकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 9 वर्ष में लगभग 60 लाख नए बच्चों को बेसिक शिक्षा के स्कूलों से जोड़ा गया है।

सीएम (CM Yogi) ने शिक्षकों से अनुरोध किया कि 1 से 15 अप्रैल तक हर शिक्षक को स्कूल चलो अभियान से जुड़ना चाहिए। प्रधानाचार्य अभिभावकों के साथ संवाद करें और शिक्षक स्कूल खुलने से थोड़ा पहले निकलकर गांव-मोहल्ले के घरों पर दस्तक दें। अभिभावकों से पूछें कि स्कूल जाने से कोई बच्चा वंचित तो नहीं है। उन्हें बताएं कि सरकार सब निशुल्क दे रही है, आप बच्चों का पंजीकरण कराइए। हर शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक का संकल्प हो कि स्कूल जाने से कोई बच्चा छूटने न पाए। पहले चरण में 15 अप्रैल तक यह मेहनत कीजिए। जैसे ही बेसिक शिक्षा विभाग के सभी डेटा (बच्चों की संख्या, कितने बच्चों ने कहां प्रवेश लिया आदि) अपलोड हो जाएंगे, उसके तीन-चार दिन के अंदर लखनऊ में समारोह कर डीबीटी के माध्यम से पैसा अभिभावकों के खाते में भेज दिया जाएगा। 15 से 30 अप्रैल के बीच बच्चों की यूनिफॉर्म, जूते-मोजे आदि के लिए अभिभावकों के साथ बैठक करनी चाहिए। यह प्रक्रिया सतत रूप से चलनी चाहिए।

जिस विद्यालय में कभी 10 बच्चे थे, वहां 250 हो गए

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 1 जुलाई को ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ किया गया था। उससे पहले जब मैं अलग-अलग जनपदों में गया तो बेसिक शिक्षा विभाग के जर्जर भवनों, बंदी के कगार पर पहुंचे विद्यालयों की स्थिति देखी। एक जनपद के विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। सिर्फ 10 बच्चे रह गए, हो सकता है कि नए सत्र में वे बच्चे भी न आएं। मैंने पूछा कि ये बच्चे जा कहां रहे हैं, प्रधानाचार्य ने कहा कि बच्चों में पढ़ने की रूचि नहीं है। मैंने कहा कि उनकी पढ़ने में रूचि नहीं है या आपकी पढ़ाने में, दोनों में अंतर है। बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाना हमारा काम है। 3 वर्ष बाद फिर उस विद्यालय में गया तो वहां 250 बच्चे मिले और उन्हीं प्रधानाचार्य का चयन राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुआ था। सभी विद्यालय ऐसे उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।

नीति आयोग ने भी ऑपरेशन कायाकल्प की तारीफ की

सीएम योगी ने कहा कि यूपी के बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों-गुरुजनों ने परिश्रम कर ऑपरेशन कायाकल्प को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और स्कूल चलो अभियान में योगदान दिया। नीति आयोग ने भी यूपी में शिक्षा की सबसे सक्सेस स्टोरी में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ का नाम लिया। 1.36 लाख से अधिक विद्यालय बुनियादी संसाधनों से लैस हुए। ऑपरेशन निपुण के माध्यम से सामान्य शिक्षा के बारे में बच्चों के मन में जिज्ञासा बढ़ी। बच्चों को अक्षर व अंकों का ज्ञान हुआ। यूपी में इन उपलब्धियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों व शिक्षकों की मेहनत के कारण बच्चों में स्कूल जाने की प्रेरणा जागी।

2017 के पहले सरकार के एजेंडे में नहीं थी शिक्षा

सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि 2017 के पहले सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं थी। उन्हें बच्चों की चिंता भी नहीं थी, क्योंकि उनके लोग ही नकल कराते थे। 2017 के पहले ड्रॉप आउट रेट 19 फीसदी था। तीसरी से छठी क्लास के बाद बच्चे स्कूल छोड़ देते थे। बच्चे दिनभर घूमते, स्कूल छोड़कर भैंस चराते, तालाब, मोहल्ले, कीचड़, धूल में खेलते दिखते थे। हमने इसका कारण पूछा तो लोग कहते थे कि स्कूल दूर है। हमने प्रदेश भर का डेटा एकत्र कराया तो निष्कर्ष में पता चला कि बच्चे स्कूल इसलिए नहीं जाते थे क्योंकि वहां शौचालय, पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। इससे बच्चे अस्वस्थ होते थे।

अब स्कूली शिक्षा पर खर्च होते हैं 80 हजार करोड़ रुपये

सीएम ने पीएम मोदी की प्रेरणा से यूपी में आए परिवर्तन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा के सभी विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, पेयजल की व्यवस्था की गई। ड्रॉप आउट रेट 19 से घटकर मात्र 3 फीसदी हो गया है। सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े अधिकारियों व शिक्षकों से आहवान किया कि ड्रॉप आउट रेट शून्य तक पहुंचाने के लिए कार्य करना है। यूपी में अब स्कूली शिक्षा पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होते हैं। इस पैसे का परिणाम आना चाहिए। शिक्षक व अधिकारियों ने मेहनत की है, इसलिए सरकार भी आपके साथ खड़ी है। जहां कस्तूरबा गांधी विद्यालय नहीं थे, इस बजट में वहां के लिए भी पैसा दे दिया गया। वहां आठवीं तक की शिक्षा थी, हमने इसे 12वीं तक प्रारंभ कर दिया। श्रमिकों के तथा निराश्रित बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय प्रारंभ किए।

बच्चों को अब यूनिफॉर्म समेत सभी सुविधाएं निशुल्क मिलती हैं

सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि हर जनपद में पहले चरण में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय दिए हैं। इस बजट में दो-दो और विद्यालयों के लिए प्रस्ताव है। प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक एक कैंपस में बच्चों को अत्याधुनिक शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए बजट में धनराशि प्रदान की है। 2017 के पहले 60 फीसदी से अधिक बालिकाएं नंगे पांव विद्यालय जाती थीं। सर्दी-गर्मी में बच्चों के वस्त्र फटे होते थे, लेकिन अब हर बच्चे को डबल इंजन सरकार साल में दो यूनिफॉर्म, स्वेटर, बैग, बुक, मोजा-जूता आदि निशुल्क उपलब्ध कराती है। प्रवेश प्रक्रिया के उपरांत पहले चरण में 15 अप्रैल व दूसरे चरण में 15 जुलाई के बाद डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में राशि भेजी जाएगी। शिक्षकों का दायित्व है कि हर अभिभावक से संवाद बनाएं और सुनिश्चित करें कि अभिभावक जूता-मोजा, यूनिफॉर्म व स्वेटर जरूर खरीदें। इसके लिए हर अभिभावक को 1200 रुपये दिए जा रहे हैं। हर बच्चा यूनिफॉर्म में ही स्कूल आए।

भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी ईश्वर ने शिक्षकों को दी

सीएम ने शिक्षकों से कहा कि देश के भविष्य को गढ़ने की जो जिम्मेदारी ईश्वर ने आपको दी है, उसका ईमानदारी से निर्वहन करेंगे तो जीवन यशस्वी होगा। बच्चे आगे बढ़ेंगे तो स्मरण करेंगे, सम्मान देंगे। जिन शिक्षकों ने हमें पढ़ाया, अक्षर ज्ञान कराया। हम आज भी उनके पैर छूते और सम्मान देते हैं। बच्चों में संस्कार विकसित करने हैं। शिक्षा सिर्फ सर्टिफिकेट या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, यह मनुष्य को संस्कारित करने और समाज-राष्ट्र का भविष्य गढ़ने का सशक्त माध्यम है।

सीएम (CM Yogi) ने चित्रकूट के डीएम की पहल को सराहा

सीएम योगी (CM Yogi) ने चित्रकूट के जिलाधिकारी का उदाहरण देकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे का प्रवेश आंगनवाड़ी केंद्र में कराया। यह काम शिक्षक भी कर सकते हैं। जहां आप पढ़ा रहे हैं, वहीं बच्चों को लेकर जाइए। बच्चा पढ़ेगा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। सरकार बेसिक शिक्षा के विद्यालयों को संसाधन उपलब्ध करा रही है तो आप भी इन्हें कॉन्वेंट, पब्लिक स्कूल व केंद्रीय विद्यालय की तरह कार्य करने में सक्षम बनाएं।

इस महीने से अनुदेशकों को 17 हजार व शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये

सीएम योगी ने बताया कि इस महीने से सरकार अनुदेशकों को 17 हजार, शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये का मानदेय लागू करने जा रही है। शिक्षक, अनुदेशक, रसोइयों के लिए पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

1 जुलाई से पहले विद्यालयों को कर लें व्यवस्थित

सीएम ने शिक्षकों से कहा कि जुलाई में स्कूल खुलने से पांच दिन पहले बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की सफाई कराइए। स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पानी आदि के जरिए विद्यालय को व्यवस्थित करिए। फिर 1 से 15 जुलाई के बीच विद्यालय आए बच्चों के पाठ्यक्रम की तैयारी करें और जो बच्चा नहीं आ पाया, स्कूल चलो अभियान के तहत उसे लाने की तैयारी करें। कोशिश हो कि एक भी बच्चा छूटने न पाए। बच्चों को उदाहरण, कविता, गीत, छोटे फॉर्मूले के जरिए सिखाएं तो वह आसानी से समझ जाएगा। अब रटना नहीं, बल्कि बच्चों को कौशलयुक्त ज्ञान से युक्त करना है।

जनप्रतिनिधियों को भी बनाएं स्कूल चलो अभियान का हिस्सा 

सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों से कहा कि सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, महापौर, चेयरमैन, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष-सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य आदि जनप्रतिनिधियों व अभिभावकों को स्कूल चलो अभियान का हिस्सा बनाएं। इसे जनांदोलन बनाएं। स्कूल का वातावरण आध्यात्मिक बनाएं। बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में शिक्षकों का प्रयास भारत की समृद्धि, प्रगति और विकसित व आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा।

इस दौरान योगी सरकार के मंत्री राकेश सचान, अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सुशील सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या आदि की मौजूदगी रही।

Tags: school chalo abhiyan
Previous Post

कार कुएं में गिरी, एक ही परिवार के 6 बच्चों समेत नौ की मौत

Next Post

मुख्यमंत्री धामी ने किया दून बुक फेस्टिवल-2026 का शुभारंभ

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

विकास के लिए प्रदेश का कोना-कोना मथ रहे मुख्यमंत्री योगी, अनवरत पांचवें महीने सहारनपुर पहुंचे

01/07/2026
VB-G Ram Ji Act implemented
उत्तर प्रदेश

वीबी-जी राम जी एक्ट लागू होने से यूपी के मजदूरों को हर रोज मिलेंगे न्यूनतम 300 रुपये

01/07/2026
Katarniaghat
उत्तर प्रदेश

पर्यटन सत्र 2025-26 में 12 हजार से अधिक पर्यटकों ने किया कतर्नियाघाट का दीदार

01/07/2026
CM Yogi launches 'Digi Rover' special campaign
उत्तर प्रदेश

तकनीक के माध्यम से भूमि की पैमाइश पहले की तुलना में अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय होगी : सीएम योगी

01/07/2026
yogi-modi
उत्तर प्रदेश

कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी मिलने पर सीएम योगी ने पीएम मोदी का जताया आभार

01/07/2026
Next Post

मुख्यमंत्री धामी ने किया दून बुक फेस्टिवल-2026 का शुभारंभ

यह भी पढ़ें

CM Bhajanlal Sharma

CM का करौली दौरा- किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता

03/02/2025
line hajir

पुलिस प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर खाया जहर, दरोगा लाइन हाजिर

11/07/2023
Akhilesh Yadav

सरकार का बजट बड़ा है लेकिन दिल बहुत छोटा है : अखिलेश

13/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version